Breaking News

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

रिसर्जेंट राजस्थान से मिलेगी जापानी निवेश को गति - मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने जापान के उद्यमियों को ऑटोमोबाइल, सिरेमिक, सोलर, कौशल विकास, वाटर रिसाइक्लिंग तथा वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रदेश में निवेश का आमंत्रण देते हुए कहा कि राजस्थान तथा जापान के बीच प्रगाढ़ व्यावसायिक संबंध हैं। इस भागीदारी को रिसर्जेंट राजस्थान समिट के माध्यम से और मजबूत किया जा रहा है। राजे सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जापान के कानसाई इकोनोमिक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल में सम्मिलित उद्यमियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि इस साल हमारी जापान यात्रा बहुत ही उपयोगी रही। इसके उत्साहजनक परिणाम भी धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में निवेश करने वाली जापानी कंपनियों को पूरा सहयोग एवं प्रोत्साहन दे रही है। नीमराना स्थित जापानी औद्योगिक क्षेत्र इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जहां 45 जापानी कंपनियों ने 600 मिलियन डॉलर का निवेश किया हुआ है। नया निवेश करने वाली जापानी कम्पनियों को भी सरकार पूरी सुविधा देगी। उन्होंने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस तथा श्रम सुधार की दिशा में उठाये गये कदमों एवं राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति-2014 का जिक्र करते हुए कहा कि इनके माध्यम से उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राजे ने सौर ऊर्जा, ऑटोमोटिव, सिरेमिक क्षेत्र में राजस्थान में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इनमें निवेश की अपार सम्भावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में जापानी कम्पनियों की रूचि को देखते हुए मुझे विश्वास है कि निवेश के लिए ये कम्पनियां आगे आयेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश करने वाली कम्पनियों को कुशल मानव संसाधन की कमी महसूस न हो इसके लिए हम स्किल डवलपमेंट पर जोर दे रहे हैं ताकि कम्पनियों ंको आसानी से तकनीकी श्रम शक्ति उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि ह्यूमन रिसोर्स डवलपमेंट में भी जापानी कम्पनियां अपनी भागीदारी निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों को आगामी रिसर्जेंट राजस्थान समिट में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। कानसाई इकोनोमिक फेडरेशन के वाइस चैयरमेन श्री मासायुकी मत्सुशिता ने कहा कि जापान का यह प्रतिनिधिमण्डल प्रदेश में निवेश की सम्भावनाओं का अध्ययन करने के लिए आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए किये गये नीतिगत बदलावों की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य आर्थिक विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने पर्यावरण, वेस्ट डिस्पोजल, जल प्रबन्धन, ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में जापानी कम्पनियों की विशेषज्ञता का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे राजस्थान लाभ उठा सकता है।
        मुख्य सचिव श्री सीएस राजन ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सीवरेज मैनेजमेंट, वेस्ट मैनेजमेंट तथा उद्योगों के उपयोग के लिए रि-साइकल वाटर ट्रीटमेंट के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने राजस्थान में निवेश को लेकर जापानी उद्यमियों की जिज्ञासाओं के जवाब भी दिये। प्रमुख शासन सचिव उद्योग श्रीमती वीनू गुप्ता एवं शासन सचिव श्रम श्री रजत मिश्र ने सरकार द्वारा लिये गये नीतिगत निर्णयों के बारे में बताया।