Breaking News

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

60.74 मीटर भाला फेंक देवेंद्र ने जीता गोल्ड

दस साल बाद फेंका ६० मीटर से अधिक भाला, ओलंपिक में मेडल की उम्मीद को किया और पुख्ता, पिछले सप्ताह एशिया ओसियाना चैंपियनशिप में भी जीत चुके हैं गोल्ड
राजगढ/चूरू। एशिया ओसियाना चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के सिर्फ एक सप्ताह बाद शेखावाटी के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी देवेंद्र झाझड़िया ने मंगलवार देर रात संपन्न शारजाह ओपन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 
देवेंद्र ने इस स्पर्धा में जोरदार प्रदर्शन करते हुए ६०.७४ मीटर भाला फेंका। वर्ष २००६ के बाद पहली बार उन्होंने इतना शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन से उन्होंने रियो ओलंपिक में पदक की उम्मीद को और पुख्ता कर दिया है। 
उल्लेखनीय है कि चूरू जिले की राजगढ तहसील के गांव जयपुरिया की ढाणी में जन्मे पैरा ओलंपियन देवेंद्र झाझड़िया ने अब तक अनेक उपलब्धियां हासिल कर खेलों की दुनिया में क्षेत्र का मान बढाया है। देवेंद्र ने भारत के लिए किसी भी ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला खिलाड़ी होने का गौरव हासिल किया। कुछ ही महीनों पहले उन्होंने दोहा (कतर) में संपन्न हुई वल्र्ड एथलेटिक्स में रजत पदक जीता था। एक साधारण किसान दंपती रामसिंह और जीवणी देवी के आंगन में १० जून १९८१ को जन्मे देवेंद्र ने १९९५ में स्कूली प्रतियोगिता से खेल जीवन की विधिवत शुरुआतकी। कॉलेज में पढ़ते वक्त बंगलौर में राष्ट्रीय खेलों में जैवलिन थ्रो और शॉट पुट में पदक जीतने के बाद तो देवेंद्र ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। १९९९ में राष्ट्रीय स्तर पर जैवलिन थ्रो में सामान्य वर्ग के साथ कड़े मुकाबले के बावजूद स्वर्ण पदक जीतना देवेंद्र के लिए बड़ी उपलब्धि थी। इस तरह उपलब्धियों का सिलसिला चल पड़ा पर वास्तव में देवेेंद्र के ओलंपिक स्वप्न की शुरुआत हुई २००२ के बुसान एशियाड में स्वर्ण पदक जीतने के साथ। इन खेलों में देवेंद्र द्वारा ६२.१५ मीटर दूर तक भाला फेंक कर बनाया गया विश्व रिकॉर्ड आज भी दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए एक चुनौती है। इसके बाद २००३ के ब्रिटिश ओपन खेलों में देवेंद्र ने जैवलिन थ्रो, शॉट पुट और ट्रिपल जंप तीनों स्पर्धाओं में सोने के पदक अपनी झोली में डाले। देश के खेल इतिहास में देवेंद्र का नाम उस दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा गया, जब उन्होंने २००४ के एथेेंस पैरा ओलंपिक में भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने देवेंद्र। बाद में देवेंद्र ने वर्ष २००६ में मलेशिया पैरा एशियन गेम में स्वर्ण पदक जीता, वर्ष २००७ में ताईवान में अयोजित पैरा वल्र्ड गेम में स्वर्ण पदक जीता और वर्ष २०१३ में लियोन (फ्रांस) में हुई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक देश की झोली में डाला। 
देवेेंद्र की कामियाबियों पर उन्हें बहुत सारे पुरस्कार-सम्मान दिये जा चुके हैं। इस फेहरिश्त में प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार, स्पेशल स्पोट्र्स अवार्ड २००४, अर्जुन अवार्ड २००५, राजस्थान खेल रत्न, महाराणा प्रताप पुरस्कार २००५, मेवाड़ फाउंडेशन का प्रतिष्ठित अरावली सम्मान २००९ सहित बहुत सारे नाम दर्ज हैं जो देवेंद्र की प्रतिभा और हौसले के प्रतीक हैं। 
देवेंद्र झाझड़िया का अगला लक्ष्य है कि वे वर्ष २०१६ में रियो डि जेनेरियो में होने वाले पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतें और १२ साल पहले अपने ही बनाए वल्र्ड रेकॉर्ड को तोड़ें।