उदयपुर-केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजु ने कहा है कि भारतवर्ष आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में आधुनिकतम टेक्नोलाजी और अत्याधुनिक उपकरणों तथा आपदा प्रबन्धन विधाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट पहचान बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है और सरकार इसके लिए विभिन्न ठोस प्रयासों को अमल में ला रही है। उदयपुर में होने वाला दो दिवसीय ब्रिक्स मंत्रियों का सम्मेलन ब्रिक्स देशों में आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में नई रफ्तार देने वाला सिद्ध होगा। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने उदयपुर में दो दिवसीय ब्रिक्स देशों ( ब्राजील, रशिया, भारत, चाईना एवं दक्षिण अफ्रीका) के मंत्रियों के सम्मेलन से पूर्व रविवार शाम उदयपुर के उदयविलास होटल में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता संभालने के बाद से ही आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में बेहतरी लाने के लिए हरसंभव प्रयासों को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न स्थानों पर अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थितियों को देखते हुए बाढ़ राहत एवं बचाव को आपदा प्रबन्धन के अन्तर्गत विशेष प्राथमिकता दी जा रही है और आपदा प्रबन्धन से संबंधित सभी संस्थानों की सभी प्रकार की क्षमताओं के संवर्घन के लिए भरसक कोशिशें निरन्तर जारी हैं और इनका अच्छा प्रभाव भी सामने आ रहा है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में पूरी तरह सक्षम है और इन क्षमताओं में और अधिक अभिवृद्धि तथा इसे और अधिक मजबूती देने के लिए वैश्विक स्तर पर सभी संभव उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। रिजिजु ने उदयपुर में ब्रिक्स देशों के मंत्रियों के सम्मेलन को आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में बेहतर उपलब्धियां देने वाला बताया और कहा कि ब्रिक्स में पांच बड़े देश शामिल हैं जिनमें दुनिया की जनसंख्या का 40 फीसदी हिस्सा आता है।
उन्होंने कहा कि उदयपुर सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच आपदा प्रबन्धन के सभी पक्षों पर विस्तृत चर्चा होगी और तकनीक, विज्ञान और आधुनिकतम ज्ञान का आदान-प्रदान होगा। चीन की भूकंप प्रबन्धन एवं रशिया की आग बुझाने जैसी तकनीकों के आदान-प्रदान के जरिये ब्रिक्स देशों को आपदा प्रबन्धन के सभी क्षेत्रों में समृद्ध करने और चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपटने की तकनीक को आत्मसात करने का प्रयास किया जाएगा। इससे आपदा प्रबन्धन को और अधिक मजबूती मिलेगी।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देशों की बहुआयामी तकनीक को पाने और अपनाने में भारत अग्रणी भूमिका में है। सम्मेलन में आने वाले निष्कर्षों को सामने रखकर तकनीकी उन्नयन से संबंधित विचार-विमर्श के उपरान्त क्रियान्वयन के लिए इन्हें उच्चस्तरीय टॉस्क फोर्स को सौंपा जाएगा। ब्रिक्स देशों द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा रिजिजु को डिजास्टर चेम्पियन घोषित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त किए जाने पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री ने इसके लिए देश की आपदा प्रबन्धन टीम को श्रेय दिया।
उन्होंने आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में स्वयंसेवी गतिविधियों को प्रोत्साहित किए जाने पर जोर दिया। उन्हाेंने बताया कि राज्यों से कहा गया है कि एसडीआरएफ की फोर्स गठित करें और जिला स्तर पर इसकी गतिविधियों का विस्तार करें। शिक्षण संस्थाओं में इस बारे में जागृति पैदा करने के साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार व समुदाय मिलकर कुछ बेहतर करेंगे और इससे आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र को नई गति प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबन्धन के विभिन्न पहलुओं में विश्व के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं, इनसे निपटने के रोडमेप बनाकर प्रभावी काम किया जा रहा है। आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में भारत अब निरन्तर सक्षम होता जा रहा है और दूसरे देशों को मदद देने की स्थिति में भी है। देश में जहां कहीं आपदाओं की स्थिति सामने आयी, तत्काल इससे निपटने और राहत पहुंचाने में हमारी आपदा प्रबन्धन टीमों ने बेहतर फर्ज को अंजाम दिया और लाखों की तादाद में जान-माल की रक्षा की।
इस अवसर पर एनडीआरएफ के महानिदेशक ओपी सिंह, एनडीएमएम के सदस्य कमल किशोर, आर.के. जैन एवं लेफ्टिनेंट जनरल एन.सी. मरवाह, प्रमुख शासन सचिव रोहित कुमार, जिला कलक्टर रोहित गुप्ता, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविचल चतुर्वेदी आदि अधिकारी उपस्थित थे।
