खबर - पवन दाधीच
प्रदेशभर के प्रेरक होंगे आंदोलन में शामलि
खिरोड़ -राजस्थान प्रदेश के महात्मा गांधी पुस्तकालय के लिए नियुक्त हुए प्रेरक आगामी 8 दिसम्बर को राजधानी जयपुर में स्थित राजस्थान विधानसभा का घेराव करेंगे एवं धरना प्रदर्शन कर अपनी मांग रखेंगे। प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष वीर सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार 2500 रूपए मासिक वेतन के स्थान पर न्यूनतम मजदूरी की देय राशि दिये जाने की मुख्य मांग को लेकर राजस्थान सरकार के सुराज संकल्प के दौरान कर्मचारी कल्याण के वायदा निभाओ संकल्प को तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी आर्थिक शोषण से निजात नहीं मिलने के कारण प्रदेशभर के प्रेरक राजस्थान प्रेरक संघ के बैनर तले आगामी 8 दिसम्बर को राजधानी जयपुर में राजस्थान विधानसभा के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार का ध्यानाकर्ष करेंगे। जिलाध्यक्ष वीर सिंह ने बताया कि प्रेरक कर्मी गत 13 वर्षो से राजरू सरकार के आर्थिक शोषण का शिकार है। संघ ने राजनैतिक दल, स्थानीय राजस्थान विधानसभा सदस्य, लोकसभा सदस्य, राजस्थान मंत्रीगण, परिषद के सदस्यों को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही करते हुए पुस्तकालय सहायक का कैडर बनाए जाने एवं मानदेय भत्ता उच्च न्यायालय के तहत दिए जाने पर एवं मुख्य सचिव को गत 19 अक्टूबर को ज्ञापन सौंपे जाने के एक माह बीत जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होन पर आंदोलन के लिए तैयार होना पड़ रहा है।
प्रदेशभर के प्रेरक होंगे आंदोलन में शामलि
खिरोड़ -राजस्थान प्रदेश के महात्मा गांधी पुस्तकालय के लिए नियुक्त हुए प्रेरक आगामी 8 दिसम्बर को राजधानी जयपुर में स्थित राजस्थान विधानसभा का घेराव करेंगे एवं धरना प्रदर्शन कर अपनी मांग रखेंगे। प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष वीर सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार 2500 रूपए मासिक वेतन के स्थान पर न्यूनतम मजदूरी की देय राशि दिये जाने की मुख्य मांग को लेकर राजस्थान सरकार के सुराज संकल्प के दौरान कर्मचारी कल्याण के वायदा निभाओ संकल्प को तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी आर्थिक शोषण से निजात नहीं मिलने के कारण प्रदेशभर के प्रेरक राजस्थान प्रेरक संघ के बैनर तले आगामी 8 दिसम्बर को राजधानी जयपुर में राजस्थान विधानसभा के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार का ध्यानाकर्ष करेंगे। जिलाध्यक्ष वीर सिंह ने बताया कि प्रेरक कर्मी गत 13 वर्षो से राजरू सरकार के आर्थिक शोषण का शिकार है। संघ ने राजनैतिक दल, स्थानीय राजस्थान विधानसभा सदस्य, लोकसभा सदस्य, राजस्थान मंत्रीगण, परिषद के सदस्यों को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही करते हुए पुस्तकालय सहायक का कैडर बनाए जाने एवं मानदेय भत्ता उच्च न्यायालय के तहत दिए जाने पर एवं मुख्य सचिव को गत 19 अक्टूबर को ज्ञापन सौंपे जाने के एक माह बीत जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होन पर आंदोलन के लिए तैयार होना पड़ रहा है।
