झुंझुनूं।जिला
परिषद सभागार में शुक्रवार को आयोजना समिति की बैठक हुई। बैठक में सीईओ
जेपी बुनकर समेत सभी विभागों के अधिकारियों और आयोजना समिति के सदस्यों ने
हिस्सा लिया। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य दिनेश सुंडा ने आमजन से जुड़े कई
मामलों को सदन में रखा। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण था नगर परिषद के मास्टर
प्लान 2011 के मुताबिक पैराफेरी क्षेत्र के 16 गांवों के लोगों को पट्टा
देने का। सुंडा ने कहा कि गांवों और शहरों में, दोनों जगहों पर सरकार ने
अभियान चला दिया। लेकिन नगर परिषद की पैराफेरी एरिया के 16 गांवों में
पट्टों को लेकर अभी तक यह स्थिति ही साफ नहीं है कि उन्हें पट्टे ग्राम
पंचायत देगी या फिर नगर परिषद। लोग जब पट्टे बनवाने जाते है तो उन्होंने
पंचायत और नगर परिषद के बीच ही घुमा फिराकर परेशान कर दिया जाता है। ऐसे
में अधिकारियों ने बताया कि यह साफ हो गया है कि पैराफेरी एरिया की पुरानी
आबादी को पंचायत तथा नई आबादी को नगर परिषद पट्टे देगी। लेकिन दोनों ही
संस्थाए समन्वय स्थापित कर ही पट्टे दे सकेगी। इसके लिए सदन में प्रस्ताव
लेकर राज्य सरकार से इस मामले में सारी स्थिति साफ कर स्पष्ट गाइडलाइन जारी
करने की मांग की गई। इन 16 गांवों में नयासर, भूरासर, हमीरी खुर्द,
ब्राह्मणों की ढाणी, दुर्जनपुरा, सीतसर, आबूसर, खिदरसर, खंगा का बास,
वारिसपुरा, बाडलवास, दीपलवास, भूरीवास, उदावास, देरवाला, रघुनाथपुरा शामिल
है। इस मौके पर सुंडा ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 25
छात्र-छात्रा दिव्यांगों को दी जाने वाली मोटराइज्ड साइकिल वितरण के नियमों
में मामूली राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अभी तक ये साइकिल पढऩे
वाले दिव्यांगों को देने के नियम आए है। लेकिन जो बेरोजगार दिव्यांग है।
उन्हें भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। जिसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को
भिजवाया जाना तय हुआ। सुंडा ने गत दिनों जयपुर के पास शाहपुरा में हुए
ट्रांसफार्मर हादसे का जिक्र करते हुए जिले के ट्रांसफार्मरों को चैक
करवाने और उन पर सेफ्टी गार्ड लगाने की मांग की। साथ ही कहा कि भीड़ भाड़
वाले इलाकों में लगे ट्रांसफार्मर भी निगम अपने स्तर पर शिफ्ट करें। ताकि
संभावित हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। बैठक में नगर परिषद के सीवरेज का
मामला भी सुंडा ने उठाया। उन्होंने कहा कि 2009 में शुरू हुआ काम तीन साल
में पूरा होना था। लेकिन आठ साल बाद भी यह तय नहीं है कि काम पूरा भी होगा
या नहीं। ऐसे में शहर की हालत बिगड़ी हुई है और एक बड़ी सुविधा से भी शहर
महरूम हो रहा है। उन्होंने इस बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों को एक गंभीर
मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई दिव्यांगों के अंगूठे मैच नहीं होने के
कारण राशन और पेंशन में असुविधा हो रही है। जिस पर डीएसओ ने आश्वस्त किया
है दिव्यांगों के लिए आई कांटेक्ट की मशीनें कुछ जगहों पर लगाई जाएगी। बैठक
में सभी नगरपालिकाओं के अधिकारियों के अलावा नगर परिषद आयुक्त
विनयपालसिंह, सदस्य ताराचंद भोड़कीवाला, सोमबीर लांबा, सेहीराम गुर्जर,
बाबूलराम मीणा, सुमित्रा चौधरी, पिंकी धूपिया, राकेश शर्मा बगड़, सद्दीक
खां बिसाऊ आदि मौजूद थे।
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