खबर - मनोज मिश्रा
बिसाऊः-...बिसाऊ ,चूरू से सीकर के लिए अमान परिवर्तन के दो साल तक परिवर्तन का काम चलने के कारण चूरू से सीकर तक ट्रेन बन्द होने के बाद आज शनिवार को चूरू से बिसाऊ, रामगढ शेखावाटी ,फतेहपुर शेखावाटी ,लक्ष्मणगढ और सीकर के लिए शुरू हुई ट्रेन। प्रथम दिन रेल नम्बर 2412 आठ डिब्बो के साथ चूरू से 1.25 पर चलकर बिसाऊ 1.35 पहुॅची जिसमे बिसाऊ से सीकर तक जाने कि राह आसान होगयी। चूरू से रेल मंत्री राजेन गोहन ने हरि झंण्डी दिखा कर गाडी को रवाना किया। उल्लेखनीय है कि स्टेशन अधिक्षक संजीव कुमार ,पंकज गोदारा,जाफर नाकेवाला,शीशराम कुल्हरी,आर.पी.एफ एवं लोकेस कुमार संगलन डिपार्टमेन्ट ने रेल्वे स्टेषन कि व्यवस्था कि पूर्ण जानकारी दी। प्रथम दिन जाने वाले 160 यात्रीयो ने टिकिट लेकर यात्रा की ,इस के अतिरिक्त 40 प्लेटफार्म टिकिट कटी। टिकिट मास्टर पंकज गोदारा ने यह जानकारी दी। गौदारा ने बताया कि अभी बिसाऊ स्टेशन पर रिजर्वेशन कि सुविधा चालू नही हुई है। गौरतलब है कि गाडी पल्लेट फोर्म पर पहूॅच ने पर हजारो लोगो कि भीड गाडी को देखने के लिए चारो और होगई। ज्योही गाडी रुकी तो लोगो ने ड्राइवरो को फुल मालाओ से लाद दिया माल्या अर्पण पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल जब्बार,सुमेर सिंह चैहान एवं ऋषी कुमार सोनी, पार्षद दुर्गाप्रसाद मिश्रा, मनोज कुमार मिश्रा, अदनान तंवर,अब्बास खत्री,अब्दुल्ला तंवर, ताराचन्द सेनीवाल,सज्जन कुमार,चन्द्र प्रकाष राव,दीनदयाल ख्वास नगरपालिका उपाध्यक्ष,वैजनाथ सैनी पार्षद,जयप्रकाष अजाडीवाल, विलाष सैनी,सुरेष प्रजापत,दलीप सिंह ने माल्यार्पण किया। रेल चालक प्रमोद ढाका चिडावा थे। प्रमोद ढाका कि दादी शांति देवी,भाई सुनील कुमार एवं पत्नि कविता भी रेल का स्वागत करने बिसाऊ पहुॅचे। स्टेशन मास्टर के मार्फत इस्माइल तंवर,अब्बास तंवर,सिकन्दर,अदनान तंवर,पार्षद दुर्गाप्रसाद मिश्रा,मो.सफीक एवं वसीम सैयद ने ज्ञापन देकर मांग की कि स्टेशन के दो तरफ अण्डर ब्रिज बनाये गये है जिनका कार्य अभी अधुरा है। उसके उन्दर से पानी कि निकासी का कोई भी प्रबन्ध नही किया गया है नही कोई सुरक्षा के उपाय नही किया है यह मार्ग नैषनल हाइवे तक जानेका है यदी वसात के पानी से रास्ता बन्द होजायेगा तो आम रास्ता बन्द होजायेगा। प्रथम दिन रेलवे स्टेषन पर जल व्यवस्था नही होने के कारण अशोक सैनी,सुनील नाई,श्रवण सैनी,राधेष्याम सैनी,मनोहर व गणेष सैनी ने पानी के कैन रखवाकर पीने के पानी कि व्यवसथा कि गई।
बिसाऊः-...बिसाऊ ,चूरू से सीकर के लिए अमान परिवर्तन के दो साल तक परिवर्तन का काम चलने के कारण चूरू से सीकर तक ट्रेन बन्द होने के बाद आज शनिवार को चूरू से बिसाऊ, रामगढ शेखावाटी ,फतेहपुर शेखावाटी ,लक्ष्मणगढ और सीकर के लिए शुरू हुई ट्रेन। प्रथम दिन रेल नम्बर 2412 आठ डिब्बो के साथ चूरू से 1.25 पर चलकर बिसाऊ 1.35 पहुॅची जिसमे बिसाऊ से सीकर तक जाने कि राह आसान होगयी। चूरू से रेल मंत्री राजेन गोहन ने हरि झंण्डी दिखा कर गाडी को रवाना किया। उल्लेखनीय है कि स्टेशन अधिक्षक संजीव कुमार ,पंकज गोदारा,जाफर नाकेवाला,शीशराम कुल्हरी,आर.पी.एफ एवं लोकेस कुमार संगलन डिपार्टमेन्ट ने रेल्वे स्टेषन कि व्यवस्था कि पूर्ण जानकारी दी। प्रथम दिन जाने वाले 160 यात्रीयो ने टिकिट लेकर यात्रा की ,इस के अतिरिक्त 40 प्लेटफार्म टिकिट कटी। टिकिट मास्टर पंकज गोदारा ने यह जानकारी दी। गौदारा ने बताया कि अभी बिसाऊ स्टेशन पर रिजर्वेशन कि सुविधा चालू नही हुई है। गौरतलब है कि गाडी पल्लेट फोर्म पर पहूॅच ने पर हजारो लोगो कि भीड गाडी को देखने के लिए चारो और होगई। ज्योही गाडी रुकी तो लोगो ने ड्राइवरो को फुल मालाओ से लाद दिया माल्या अर्पण पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल जब्बार,सुमेर सिंह चैहान एवं ऋषी कुमार सोनी, पार्षद दुर्गाप्रसाद मिश्रा, मनोज कुमार मिश्रा, अदनान तंवर,अब्बास खत्री,अब्दुल्ला तंवर, ताराचन्द सेनीवाल,सज्जन कुमार,चन्द्र प्रकाष राव,दीनदयाल ख्वास नगरपालिका उपाध्यक्ष,वैजनाथ सैनी पार्षद,जयप्रकाष अजाडीवाल, विलाष सैनी,सुरेष प्रजापत,दलीप सिंह ने माल्यार्पण किया। रेल चालक प्रमोद ढाका चिडावा थे। प्रमोद ढाका कि दादी शांति देवी,भाई सुनील कुमार एवं पत्नि कविता भी रेल का स्वागत करने बिसाऊ पहुॅचे। स्टेशन मास्टर के मार्फत इस्माइल तंवर,अब्बास तंवर,सिकन्दर,अदनान तंवर,पार्षद दुर्गाप्रसाद मिश्रा,मो.सफीक एवं वसीम सैयद ने ज्ञापन देकर मांग की कि स्टेशन के दो तरफ अण्डर ब्रिज बनाये गये है जिनका कार्य अभी अधुरा है। उसके उन्दर से पानी कि निकासी का कोई भी प्रबन्ध नही किया गया है नही कोई सुरक्षा के उपाय नही किया है यह मार्ग नैषनल हाइवे तक जानेका है यदी वसात के पानी से रास्ता बन्द होजायेगा तो आम रास्ता बन्द होजायेगा। प्रथम दिन रेलवे स्टेषन पर जल व्यवस्था नही होने के कारण अशोक सैनी,सुनील नाई,श्रवण सैनी,राधेष्याम सैनी,मनोहर व गणेष सैनी ने पानी के कैन रखवाकर पीने के पानी कि व्यवसथा कि गई।
