जयपुर, 4 नवम्बर: ऋषिकुल विजय स्कूल, मालवीय नगर, जयपुर का वार्षिक उत्सव ‘अतुल्यम्’ मंगलवार को ‘आत्म दीपो भव - अपना दीपक स्वयं बनो’ थीम पर ऋषिकुल विजय टर्फ में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. शिखा मील बाराला रहीं।
गणेश वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिमय गणेश वंदना से हुई। इसके बाद प्री-प्राइमरी के बच्चों के वेलकम डांस ने सभी का दिल जीत लिया।
कृष्ण लीला ने बांधा समां
बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी और रास लीला को मंच पर जीवंत किया। राधा-कृष्ण के नृत्य पर दर्शक झूम उठे।
एनर्जेटिक पिरामिड ने रोमांचित किया
कार्यक्रम का सबसे रोमांचक क्षण एनर्जेटिक पिरामिड रहा। छात्रों ने अद्भुत तालमेल, साहस और संतुलन के साथ एक के ऊपर एक खड़े होकर कई स्तरों का मानव पिरामिड बनाया। तेज संगीत, जोश भरे नारों और शानदार स्टंट्स ने पूरे पंडाल को तालियों से गूंजा दिया।
भारतीय कल्चर और महिला सशक्तिकरण
कल्चर पिरामिड में भारत की विभिन्न संस्कृतियों की झलक देखने को मिली। महिला सशक्तिकरण पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया।
‘सेव द अर्थ’ रहा मुख्य आकर्षण
‘सेव द अर्थ’ नृत्य-नाटिका में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाओ और प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश दिया।
निदेशक प्रियंका भार्गव ने प्रस्तुत किया वार्षिक प्रतिवेदन
निदेशक प्रियंका भार्गव ने बताया कि विद्यालय हर वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में लगातार उत्कृष्ट परिणाम दे रहा है और छात्रों का IIT, AIIMS सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन हो रहा है। उन्होंने भविष्य में स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट, स्टूडेंट इंटर्नशिप और टिंकरिंग लैब्स की शुरुआत की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि डॉ. शिखा मील बाराला ने छात्रों को दिया आत्म-प्रकाश का संदेश
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. शिखा मील बाराला का विद्यालय परिसर में पहुंचने पर निदेशक प्रियंका भार्गव, शिक्षकों और छात्राओं ने पुष्पगुच्छ, तिलक और पारंपरिक अंदाज में भव्य स्वागत किया।
उन्होंने विद्यालय की सभी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, अनुशासन और विद्यार्थियों के आत्मविश्वास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल विजय स्कूल सिर्फ किताबी शिक्षा नहीं दे रहा, बल्कि बच्चों में संस्कार, संस्कृति और आत्मबल भी भर रहा है, जो आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत है।
उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण, कृष्ण लीला और सेव द अर्थ की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में इतनी कम उम्र में इतनी गहरी समझ और अभिव्यक्ति देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आप सभी इस देश का भविष्य हैं। Gen-Z पीढ़ी के पास असीम ऊर्जा और अवसर हैं, लेकिन इस ऊर्जा को सही दिशा देना बहुत जरूरी है। नशा, सोशल मीडिया की लत और अन्य बुरी आदतों से दूर रहें। अपना लक्ष्य तय करें, उस पर फोकस करें और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें।”
उन्होंने ‘आत्म दीपो भव’ थीम पर बोलते हुए कहा, “दूसरों के प्रकाश का इंतजार मत करो, अपना दीपक स्वयं बनो। जब आप खुद का प्रकाश बनेंगे, तो जीवन का कोई भी अंधेरा आपको रोक नहीं पाएगा। माता-पिता और गुरु का सम्मान करें, यही आपका सबसे बड़ा प्रकाश है।”
अभिभावकों ने की सराहना, आतिशबाज़ी से हुआ भव्य समापन
अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और बच्चों की मेहनत की जमकर प्रशंसा की। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की प्रस्तुतियां देखकर वे गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी ने सभी का मन मोह लिया। आतिशबाज़ी की चमक और बच्चों की खुशियों की गूंज के साथ ‘अतुल्यम्’ की यह यादगार शाम शानदार तरीके से सम्पन्न हुई।
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