अब मेट्रो प्रोजेक्ट को लगेंग पंख

खबर - प्रशांत गौड़ 
कुलदीप रांका ने ही किया था मेट्रा प्रोजेक्ट शुरू
जयपुर।  अशोक गहलोत सरकार के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को अब पंख लग सकते है। इस प्रोजेक्ट को धरातल पर लेकर आने वाले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका ने ही मेट्रो एमडी राहत हुए इसके प्रथम चरण का रोडमैप ही तैयार नहीं किया था इसके साथ धरातल पर लागू भी किया था अब पिछली सरकार के समय पांच साल ठण्डे बस्ते में गया मेट्रो रेल प्रोजेक्ट बाहर आना तय है और  लोकसभा चुनाव से पहले ही मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की संभावना है।
पिछली गहलोत सरकार में युवा होनहार आईएएस अधिकारी रहे कुलदीप रांका  जेडीसी से लेकर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को शुरू करने और इसकी मार्ग में आई तमाम बाधाओं को दूर करने के लिए उनका कार्यकाल बेहद शानदार रहा।
कुलदीप रांका शुरू से ही काम को व्यवस्थित ढग से सुनियोजित प्रणाली से आगे बढ़ाने वाले माने जाते है। किसी भी योजना को लागूकरने से पहले वहां उस  पर पूरा होमवर्क करते है। जयपुर में जेडीसी रहने के दौरान योजनाओं को लागू करने में समय जरूर लगा लेकिन कुलदीप रांका ने उन योजनाओं को बारीक से समझा और इसके बाद उनको धरातल पर लागू किया यही कारण था कि जो मेट्रो रेल प्रोजेक्ट शुरू होने के आसार भी बेहद कम माने जा रहे थे उसको कम समय में धरातल पर उताकर रांका सरकार की मंशाओं पर पूरी तरह से खरा उतरे। तब रांका ने मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दौरान आने वाली जमीन अवाप्ति की कठिन प्रक्रियाओं को अपने चतुराई से हल कर इस प्रोजेक्ट को गति दी थी। रांका के समय मेट्रो रेल प्रोजेक्ट मानसरोवर से चांदपोल तक का रोडमैप तैयार होने के साथ सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया था जिसके बाद इसका चार्ज सीएमडी बनाकर निहालचंद गोयल को सौंपा गया था।
मुख्यमंत्री मे प्रमुख सचिव बने रांका को टाइमबोंड अधिकारी मान जाता है। वह कम बोलने के साथ उनके साथ काम करने वाले अफसरों पर पूरा भरोसा करते है और उनसे काम करने का तरीका भी उनको आता है। अपनी टीम को साथलेकर चलने की कला भी रांका में है। उनके कार्यकाल में जेडीए एक्टिव दिखा था। वहीं इसके बाद जेडीसी निहालचंद गोयल और शिखर अग्रवाल और वैभव गालरिया का नाम आता है। जिनके समय जेडीए के कार्यों को गति देनेकी पूरी कोशिश की गई।

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