मंत्रीमंडल को लेकर सस्पेंस बरकरार

खबर - प्रशांत गौड़ 
गहलोत -पालयट के नाम पर नहीं दिख रही सहमति 
-लोकसभा चुनाव को देखते हुए तय होगा स्वरूप
जयपुर। गहलोत सरकार के आगामी मंत्रीमंडल को लेकर सस्पेंस शनिवार रात भी बना रहा। मंत्रीमंडल को लेकर  देर शाम तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई। गहलोत -पायलट खेमे के नामों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में उनके निवास पर मंथन हुआ जिसमें हर नाम पर गहनता से मंथन हुआ लेकिन अभी कुछ भी घोषणा नहीं हो सकी है। इसके बाद अशोक गहलोत ओर सचिन पायलट वहां से रवाना हो गए।
अभी लोकसभा चुनाव आगामी साल में है। इसको देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी राजस्थान से अच्छा रिजल्ट चाहते है जिसकी झलक भी मंत्रीमंडल में दिखेगी। मंत्रीमंडल उन चेहरों को ज्यादा त्वज्जो दी जा सकती है जो उस जिले का बड़ा जनचेहरा है या उसकी जातिगत पकड़ मजबूत है।मंत्रीमंडल में जातिगत समीकरण को साधने की भी भरपूर कोशिश हो सकती है इसको देखते हुए अभी एक से दो दिन का समय लगना माना जा रहा है।
सूत्रों की माने तो गहलोत -पायलट ने शनिवार को भी अलग-अलग केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात कर अपनी बात रखी तो सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अभी मंत्रीमंडल का आकार छोटा रखने के पक्ष में है इसमें करीब 15 मंत्रियों को शामिल करने की बात कही जा रही है तो सचिन पायलट खेमा भी अपने नामों पर मुहर लगना चाहता है जिसके कारण मंत्रीमंडल का आकार बढ़ा भी हो सकता है।
अच्छे रिजल्ट देने वाले जिलों से पक्का नाम

मंत्रीमंडल में अच्छा रिजल्ट देने वाले संभाग और जिले को वरीयता मिलेगी। इसमें पूर्वी राजस्थान इलाका में कांग्रेस को अच्छी बढ़त मिली है। इस बार जयपुर संभाग में कांग्रेस की परफोरमेंस बढिय़ा रहने के कारण काफी सीटे जीती है। ऐसे में मंत्रीमंडल में शेखावटी, जयपुर, बीकानेर,जोधपुर, अजमेर से बड़े चेहरे सामने आना तय माना जा रहा है।

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