पोदार महाविद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी एवं शैक्षणिक मेले का शुभारम्भ

नवलगढ़ -शेखावाटी के प्रथम पी.जी. महाविद्यालय सेठ जी. बी. पोदार कॉलेज, नवलगढ़ में तीन दिवसीय चतुर्थ विज्ञान विशाल प्रदर्शनी एवं शैक्षणिक मेला-2020का शुभारम्भ आज हुआ |
विज्ञान मेले एवं प्रदर्शनी का विधिवत शुभारम्भ एवं उदघाटन माननीय उपखण्ड अधिकारी श्री मुरारी लाल शर्मा जी, दी आनन्दीलाल पोदार ट्रस्ट के अधिशाषी निदेशक श्री एम.डी. शानभाग जी,दी आनन्दीलाल पोदार ट्रस्ट के सचिव प्रो. एम.सी. मालू, डॉ. वी.एस. शुक्ला, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्येन्द्र सिंह एवं उप- प्राचार्य डॉ. विनोद सैनी के द्वारा फीता काटकर किया गया |

आगन्तुक अतिथियों के द्वारा दीपप्रज्वलन करने के पश्चात मेला का अवलोकन भी किया गया | नवलगढ़ शहर के गणमान्य नागरिक श्री दयाशंकर जी जांगिड, समाजसेवी कैलाश जी चोटिया जी, श्रीमान ओमी पंडित, श्री मोहनलाल जी चूड़ीवाल, श्री संजय जी  बासोतिया, श्री बीरबल जी गोदारा, निदेशक,सरस्वती सी. सै. स्कूल, बलवंतपुरा केने भी प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मेले का लुत्फ उठाया एवं महाविद्यालय के द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी की सराहना की | विभिन्न समाचार पत्र- पत्रिकाओं के पत्रकार बंधुगण भी समारोह का हिस्सा रहे |
माननीय उपखण्ड अधिकारी ने विज्ञान मेले एवं शैक्षणिकप्रदर्शनी की सराहना करते हुये कहा कि “ आज की यह प्रदर्शनी अपने आप में अदभुत एवं रुचिकर रही है | उन्होंने यह भी कहा कि बच्चोंकी प्रतिभा देखकर आश्चर्य हुआ की इतने प्रतिभावान विद्यार्थियों के होते हुए हम नोबेल पुरस्कार क्यों नहीं जीत पाते ? यदि इन बच्चोंको सही मार्गदर्शन व प्रोत्साहन मिले तो ये हमारे देश का नाम रोशन कर सकते है |”

वर्तमान में विज्ञान अभिरुचि तथा छात्र – छात्राओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए पोदार ट्रस्ट के चेयरमैन श्री कांतिकुमार जी पोदार द्वारा पूर्व में भी ऐसे वैज्ञानिक मेलों का क्रियान्वयन किया जा चुका है | इस विज्ञान प्रदर्शनी में भारत सरकार के  “मेक इन इंडिया” के अंतर्गत उच्चशिक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों रिसर्च, उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए रोबोटिंग, स्वचालित इरिगेशन सिस्टम, गृह – सुरक्षा, भूकंप पूर्वसूचना यंत्र, अवरक्त विकिरण स्वचालित यंत्र इत्यादि अभियान्त्रिकीय प्रयोगों को मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया |वर्तमान में परिवर्तित रासायनिक परिप्रेक्ष्य को देखते हुए प्लास्टिक से पेट्रोलियम पदार्थों का निर्माण, प्रदूषित जल निस्तारण यंत्र, ग्रीन हाउस प्रभाव, रेडियो धर्मिता प्रभाव तथा जल से विभिन्नप्रयोगों के द्वारा ईधन बनाने की प्रक्रिया को विद्यार्थियों के द्वारा बखूबी प्रदर्शित किया गया है  | 

प्रकृति में जैविक चक्र में उत्पन्न हुये असंतुलन को भी प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के द्वारा विभिन्न मॉडल के माध्यम से बताने का अभिनव प्रयास किया गया है | वर्तमान में प्रवासी पक्षी जो सुदूर देशो से शीतकालीन प्रवास के दौरान अपने देश में आते है तथा हाईटेंशन तारों से टकराने के कारण उनकी मौत हो जाती है, इससे उनको बचाने हेतु महाविद्यालय के विद्यार्थियों के द्वारा बनाये गये मॉडल के माध्यम से वर्ड- रिफ्लेक्टर लगाकर समस्या का समाधान समझाया गया है | छात्रों के द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी प्रवासन मार्ग को भी मॉडल्स के माध्यम से बताया गया है |
महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा यह बताया गया कि इस चतुर्थ विज्ञान एवं शैक्षणिक मेले में सीकर एवं झुंझुनू जिले के विभिन्न स्कूलों से प्रदर्शनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया इनमे प्रमुख स्कूल पोदार सी,सै. स्कूल, नवलगढ़ एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोलिडा, खेरी राडान, बीदासर, पनलावा है |
पोदार ट्रस्ट के चेयरमैन श्री कांतिकुमार आर. पोदार व ट्रस्टी सुश्री वेदिका पोदार का मानना है कि ऐसी विज्ञान प्रदर्शनी एवं शैक्षणिक मेलों का आयोजन कॉलेज स्तर पर होता रहना चाहिये, जिससे विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन होता रहे |


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