बीकानेर (जयनारायण बिस्सा)। राज्य के स्पेशल आपरेशन गु्रप एसओजी ने मंगलवार को कोलायत क्षेत्र के गांव हाडलां में कुख्यात बदमाश आनंदपाल के सहयोगी निशु बन्नाा उर्फ अमनदीप के फार्म हाउस से जमीन में गाढ़ कर छिपाये हुए 2 उच्च गुणवत्ता के फायर आर्म्स व 82 विभिन्न बोर के 82 जिन्दा कारतूस व लगभग आधा किलो अफीम बरामद की है। महानिरीक्षक पुलिस, एसओजी दिनेश एम.एन. ने बताया कि गत 8 अगस्त को आनन्दपाल फरारी प्रकरण में गिरफ्तार आनन्दपाल के सहयोगी निशु उर्फ अमनदीप से एस.ओ.जी द्वारा गहन पूछताछ करने पर कई अहम तथ्यों का खुलासा हुआ है। उन्होंसने बताया कि फरारी से पूर्व उक्त फार्म हाउस पर फायरिंग की ट्रेनिंग के अलामात के साथ-साथ उक्त अभियुक्त की निशानदेही से मिट्टी में दबा कर रखे गये आधा दर्जन हथियारों व विभिन्न बोर के 104 जिन्दा कारतूसों के जखीरे के साथ लगभग आधा किलो अफीम एसओजी की टीम द्वारा मौके से जब्त की गई है। जानकारी में रहे कि उक्त अभियुक्त की पूछताछ के दौरान इस माह 12 अगस्तभ को उसके हाड़ला फार्म हाउस से 4 फायर आर्म्स व 22 जिन्दा कारतूस बरामद किये गये थे और इसी पूछताछ के क्रम मे मंगलवार को पुनः एसओजी को उसके फार्म हाउस से जमीन में गाढ़ कर छिपाये हुए 2 उच्च गुणवत्ता के फायर आर्म्स व 82 विभिन्न बोर के 82 जिन्दा कारतूस व लगभग आधा किलो अफीम बरामद करने में सफलता हासिल हुई है। एसओजी द्वारा उक्त फार्म हाउस की बारीकी से तलाश जारी है। एस.ओ.जी को पूछताछ में कई अन्य सनसनीखेज तथ्य भी उजागर हुए हैं। पंजाब के कुख्यात गैंगेस्टर जसविन्दर सिंह उर्फ रॉकी सरदार, जिसकी माह अप्रेल में सोलन, हिमाचल प्रदेश में हत्या हुई थी, से भी आनन्दपाल जुड़ा हुआ है तथा वर्ष 2012 में गिरफ्तारी से पूर्व रॉकी के पास फरारी काट रहा था। आनन्दपाल के साथ-साथ निशु बन्नाछ उर्फ अमनदीप का भी रॉकी के पास आना जाना रहा है तथा आनन्दपाल की फरारी (3 सितम्बर, 2015) की योजना में भी इसकी अहम भूमिका रही है। निशु के बीकानेर स्थित हाडला फार्म पर पूरे गिरोह को बाकायदा हथियारों का अभ्यास करवाया जाता था। खेजड़ी के पेड़ों पर टारगेट के रूप में गत्ते टांग कर निशानेबाजी का अभ्यास करवाया जाता था। फरारी में प्रयुक्त वाहन को बुलेटप्रुफ बनाने के लिए काम में ली गई लोहे की शीट पर भी फायरिंग कर उसकी जॉच की गई थी। यह भी जानकारी में आया है कि निषू के फार्म पर एक ट्रेक्टर ट्रॉली पर भी गोली दागकर देखा गया था कि गोली ट्रेक्टर ट्रॉली की चद्दर को भेदती है या नहीं। फरारी के दौरान पुलिस चालानी गार्ड को बेहोष करने के लिए इस्तेमाल की गई नशीली दवा का टेस्ट भी निशु के फार्म हाउस पर ही किया गया था। यही नहीं गिरोह के एक सदस्य को उक्त गोलियॉ खिलाई जाकर भी दवा के असर का परीक्षण किया गया था। उक्त फार्म हाउस से अफीम की बरामदगी उक्त गिरोह की मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े होने के तथ्य को भी उजागर करती है। अभियुक्त द्वारा अपने फार्म हाउस पर आर्गेनिक खेती कर उच्च गुणवत्ता का अनाज गिरोह के सरगनाओं को पहुंचाना भी पूछताछ में सामने आया है। निशु उर्फ अमनदीप द्वारा कुख्यात अपराधी के साथ पूर्व फरारी के दौरान जयपुर शहर के एक जिम में जाना एवं गिरोह का राज्य के बाहर सम्पर्क स्थापित कर उन्हे शरण दिलवाना, उसके उक्त गिरोह के साथ नजदीकी से जुड़े होने के तथ्य को जाहिर करता है।
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