Breaking News

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

बैंक प्रंबधक की यह कैसी तानाशाही---

खबर - लक्की अग्रवाल
बैंक प्रंबधक ने चुर्तथ श्रेणी कर्मचारी से बैंक के ताले लगवाकर कर्मचारियों सहित बैठा अन्दर
बैंक में कैश नहीं होने पर करवाया बैंक बंद,उपभोक्ता होते रहें दिन भर परेशान
पंजाब नेशनल बैंक का है मामला
श्रीमाधोपुर। कस्बे एक बैंक में गुरूवार को कैश नहीं होने पर प्रंबधक के द्वारा बैंक को बाहर से ताला लगवाकर कर्मचारियों सहित बैंक के अन्दर बैठने की एक नई अनोखी कहानी देखी को मिली। जिससे उपभोक्ताओं कों दिनभर बैंक के बाहर बैठकर बैंक खुलने का इंतजार रहा लेकिन बैंक प्रंबधक ने अपनी तानाशाही दिखाते हुए नियमों को दरकिनार करते हुए बैंक के बाहर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से ताले लगवाकर कर्मचारियों सहित अन्दर बैठ गया। जानकारी के अनुसार गुरूवार को कस्बे के पंजाब नेशनल बैंक में नई नोट नहीं होने पर बैंक प्रंबधक ने अपनी तानाशाही करते हुए उपभोक्ताओं को बैंक से बाहर करके  बैंक के चुतर्थ श्रेणी कर्मचारी को ताला देकर बैंक को बाहर से लॉक लगाने को कहा तो कर्मचारी ने प्रंबधक के कहे अनुसार बैंक प्रंबधक सहित बैंक कर्मचारियों को बैंक के अन्दर बंद करके चला गया। देखते ही देखते बैंक के पैसे लेने वालों,जमा कराने वालों तथा चैक से भुगतान करने वालों की भीड़ जमा हो गई। और बैंक के बाहर खड़े लोगों ने बैंक प्रंबधक की तानाशाही को देखते हुए बैंक के बाहर खड़े होकर विरोध किया। विरोध की सुचना पाकर मौके पर पहुँचे सभी समाचार पत्रों के संवाददाताओं ने मामले की जानकारी लेकर बैंक प्रंबधक से बैंक को खोलने की बात कही तो उन्होंने ने कोई जबाव नहीं दिया। लेकिन पुन:दुरभाष पर सम्पर्क करने पर बैंक प्रंबधक ने बताया कि बैंक में कैश नहीं है और बिना कैश के लोगों को बार बार समझाने में काफी परेशानी होती हैं। तथा कैश नहीं होने के कारण लोगों के द्वारा बैंक में विरोध प्रदर्शन,तथा अंशाती फैलाने का भय रहता है इसके चलते बैंक को बाहर से ताला लगवाकर के बंद करवाया गया। तिवाड़ी की ढ़ाणी से मिश्री देवी ने बताया कि वह तीन दिन से लगातार अपनी पेंशन के रूपये निकलवाने के लिए चक्कर लगा रही हैं और गुरूवार को लगातार तीन घंटे बैंक में खड़े रहने के बाद भी कोई पैसे निकालकर नहीं दे रहा है और अब तो सभी को बाहर निकालकर के बैंक के ताला लगाकर बंद कर दिया गया। वहीं बैंक में चैक जमा करवाने आये दुल्हेपुरा निवासी गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि वह तो अपने खोत में केवल चैक जमा करवाने आया था लेकिन बैंक बंद होने की वजह से वह भी जमा नहीं करवा पाया।

घर मे नहीं आटा दाल के पैसे। बल्लूवाली ढ़ाणी से आई बिमला देवी,ग्यारसी देवी,सीमा देवी तथा कमला देवी ने बताया कि वह तीन दिन से लगातार बैंक में नरेगा के आये पैसे निलवाने को लेकर चक्कर काट रही हैं लेकिन पैसे नहीं मिल पा रहें हैं। उन्होंने ने बताया कि पैसे नहीं मिल पाने के कारण घर में अब दाल,आटा,दवाईयों तथा अन्य घरेलू सामान को खरीदने के लिए पैसे नहीं होने के कारण अब बड़ा मुश्किल हो गया। गुरूवार को आस थी कि पैसे मिल जायेगें और घरेलू सामान के साथ साथ दवाईयां भी लाई जा सकेगीं लेकिन बैंक बंद होने के कारण सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया।

पुलिस भी आई लेकिन मिला कोई जबाव। प्रंबधक के द्वारा बैंक को बाहर से ताला लगवाकर बंद करने के बाद मौके भी लोगों की भीड़ की सुचना पाकर मौके पर चौकी कस्बा पुलिस भी पहुँची लेकिन फिर भी बैंक प्रंबधक ने बैंक नहीं खोला। कस्बा चौकी से आये पिाही राजेन्द्र कुमार ने खिडक़ी से झांकर बैंक प्रंबधक से जानकारी ली तो बताया कि चपरासी बैंक को बाहर से लॉक करके चला गया है उसके आने के ाद ही बैंक खुल पायेगा। लेकिन देर सांयकाल तक भी बैंक के नहीं खुलने के कारण सभी उपभोक्ता निराश होकर बैंरग लौट गये।