खबर - हर्ष स्वामी
सिंघाना. झुंझुनूं जिले में बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। आज जिले के हर गांव, ढ़ाणी में बेटियों के जन्म पर कुआ पुजन, दशोठण समेत अनेक सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होने लगे है। जिससे समाज में बेटियों का मान सम्मान बढ़ा है। कस्बे के बनवारी लाल मीणा के घर में बेटी पैदा होने पर कुआ पुजन व दशोठण का आयोजन कर खुशियां मनाई व गांव के लोगों को दावत दी गई। लडक़ी के दादा बनवारी लाल बताया आज के समय में बेटियां हर मायने में बेटों से आगे भी है और बेहतर भी है। फिर हम बेटी के जन्म पर खुशियां क्यों नही मनाएं। इस अभियान को लेकर समाज में बेटी बचाने को लेकर लोगों में जागरूकता आई है। पहले जहां बेटी के जन्म पर घरों में चुल्हे तक नही जलते थे वही समाज आज बेटी के जन्म पर थाली बजाकर यह संदेश देता है कि मेरे घर में बेटी पैदा हुई है। बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत के बाद जिले के लिंगानुपात में भी अंतर आया है।
सिंघाना. झुंझुनूं जिले में बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। आज जिले के हर गांव, ढ़ाणी में बेटियों के जन्म पर कुआ पुजन, दशोठण समेत अनेक सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होने लगे है। जिससे समाज में बेटियों का मान सम्मान बढ़ा है। कस्बे के बनवारी लाल मीणा के घर में बेटी पैदा होने पर कुआ पुजन व दशोठण का आयोजन कर खुशियां मनाई व गांव के लोगों को दावत दी गई। लडक़ी के दादा बनवारी लाल बताया आज के समय में बेटियां हर मायने में बेटों से आगे भी है और बेहतर भी है। फिर हम बेटी के जन्म पर खुशियां क्यों नही मनाएं। इस अभियान को लेकर समाज में बेटी बचाने को लेकर लोगों में जागरूकता आई है। पहले जहां बेटी के जन्म पर घरों में चुल्हे तक नही जलते थे वही समाज आज बेटी के जन्म पर थाली बजाकर यह संदेश देता है कि मेरे घर में बेटी पैदा हुई है। बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत के बाद जिले के लिंगानुपात में भी अंतर आया है।
