खबर :- अनिल शर्मा
शिमला – राजकीय प्राथमिक चिकित्सालय टीबा बसई मे राज्य सरकार द्वारा 14 कर्मचारियों के पद स्वीकृत कर रखे है लेकिन उनमे से अधिकांश पद गत एक वर्ष से रिक्त पडे है। वर्तमान मे एक चिकित्सक, एक मेल नर्स, एक ए एन एम, एक कम्प्यूटर सहायक व एक सुपरवाईजर ही कार्यरत हैँ। चिकित्सालय मे लैब टैक्नीशियन का पद एक वर्ष से रिक्त होने के कारण प्रारम्भिक जाँच के लिए भी हरियाणा मे नारनौल या खेतडी जाना पडता है क्योंकि लैब टेक्नीशियन जैसा महत्वपूर्ण पद भी गत एक वर्ष से रिक्त पडा है। यहं चिकित्सालय टी बी क्षय रोग की जाँच के लिये भी अधिकृत है। जबकि जाँच करने वाला कोई नही। प्रसव के लिये भी यहं चिकित्सालय अधिकृत है। लेकिन पर्याप्त स्टाफ के अभाव मे प्रसव के लिये भी अन्यत्र जाना पडता है। समाजसेवी व भामाशाह गोविन्दराम गुप्ता ने बताया कि सेठ ने इस चिकित्सालय का निर्माण करोडो रूपयो की लागत से करवाया था जो जिले का सबसे बडा चिकित्सालय है इतना बडा भवन अन्यत्र कही भी नही है। लेकिन यहं चिकित्सालय मूलभूत सुविधाओ के लिए तरस रहा है। ग्रामीणो ने मुख्यमंत्री व चिकित्सामंत्री को पत्र लिखकर शिघ्र ही स्टाफ लगवाने तथा आवश्यक सुविधायें मुहैया करवाने की मांग की है।
