
राजसमन्द-राजसमन्द के बाशिन्दों के लिए अप्रेल माह आसमानी उड़ान का सुकून लेकर आने वाला है जब राजसमन्द जिले में पैरा ग्लाइडिंग एवं सोलो फ्लाईट प्रशिक्षण की शुरूआत होने जा रही है। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां इन दिनों जारी हैं।
राजस्थान भर में यह अपनी तरह का पहला प्रशिक्षण होगा। इस तरह का प्रशिक्षण आरंभ करने वाला राजसमन्द राजस्थान का पहला जिला होगा। इससे राजसमन्द जिले में पर्यटन विकास के क्षेत्र में भी सुनहरा दौर आरंभ होगा।
इसमें पैरा ग्लाइडिंग एवं सोलो फ्लाईट विशेषज्ञ पायलट कुं, अजितप्रताप सिंह प्रशिक्षण देंगे। इसमें 12 वर्ष से अधिक वर्ष आयु के स्वस्थ व्यक्ति प्रशिक्षण पा सकेंगे।
इसके लिए नाथद्वारा तहसील अन्तर्गत केसुली गांव की मोरजन पहाड़ी और आस-पास का क्षेत्र हवाई उड़ान के लिए तकनीकि दृष्टि से उपयुक्त पाया गया है। प्रशिक्षण के लिए जिला कलक्टर श्रीमती अर्चना सिंह ने प्रशिक्षण संचालक पायलट कुं. अजितप्रताप सिंह को अनुमति जारी कर दी है।
पायलट कुंवर अजितप्रताप सिंह ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के लिए पैराग्लाइडर, सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट सहित सभी प्रकार के उपकरण प्रशिक्षण स्थल पर उपलब्ध हैं तथा परीक्षण के तौर पर इस समय पैराग्लाइडिंग जारी है।
उन्होंने बताया कि पैराग्लाइडिंग में रोजगार के व्यापक एवं सुनहरे अवसर हैं तथा हवाई उड़ान से संबंधित तमाम प्रकार के प्रशिक्षणों के लिए यह क्षेत्र सभी प्रकार की बाधाओं से रहित हैं। इससे राजसमन्द और आस-पास के इलाकों के युवाओं के लिए प्रशिक्षण की यह सुविधा उनके सुनहरे भविष्य के लिए बेहतर सिद्ध होगी।
कुं. अजितप्रतापसिंह ने बताया कि आमतौर पर पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण चीन, नार्वे, ऑस्ट्रेलिया , कनाड़ा आदि कई देशों में उपलब्ध है लेकिन वहाँ की फीस बहुत ज्यादा है। सामान्य प्रशिक्षण कम से कम दस दिन का होगा। इस प्रशिक्षण के बाद युवाओं के लिए आकर्षक पैकेज में रोजगार के अवसर देश-विदेश में उपलब्ध हैं जिनका लाभ पाकर यहां के युवा आत्मनिर्भरता पा सकते है।
इसी प्रकार सोलो फ्लाईट में अकेले आदमी हवाई उड़ान का लुत्फ लेता है। सोलो फ्लाईट का प्रशिक्षण पा लेने वालों के लिए टेन्डम (टू सीटर एयर टैक्सी) का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
कुं. अजितप्रतापसिंह का सुझाव है कि केन्द्र और राज्य सरकार चाहे तो पैराग्लाइडिंग, सोलो फ्लाइट एवं टेन्डम को पर्यटन रोजगार से जोड़कर युवाओं को रोजगार की नवीन संभावनाओं से रूबरू कराकर आर्थिक विकास को नए आयाम दे सकती हैं।
उन्होेंने बताया कि ये सभी प्रकार के प्रशिक्षण इको फ्रैण्डली हैं और इसमें किसी भी प्रकार के प्रदूषण की कोई संभावना नहीं है। अप्रेल के प्रथम सप्ताह में इसकी शुरूआत की जाएगी।
केसुली गांव की मोरजन पहाड़ी पर परीक्षण के तौर पर चल रही पैराग्लाइडिंग ग्रामीणों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।