लोकसभाध्यक्ष ने राजसमन्द में बालिका उत्थान शिविर का शुभारंभ किया
राजसमन्द,-लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बालिकाओं और महिलाओं से अपने भीतर समाहित महानतम ऊर्जाओं और अपरिमित सामथ्र्य को पहचानने का आह्वान किया है और कहा है कि वे अपनी खासियतों और क्षमताओं को अपने व्यक्तित्व में ढालें और उसका परिचय देते हुए सामाजिक नवनिर्माण में अपनी सशक्त भागीदारी का इतिहास रचें। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन बुधवार को राजसमन्द के राजनगर के भिक्षु निलयम में नगर परिषद, भारत विकास परिषद और महिला संरक्षण समिति की ओर से आयोजित पण्डित दीनदयाल उपाध्याय बालिका उत्थान शिविर के शुभारंभ समारोह में उपस्थित बालिकाओं और महिलाओं से यह आह्वान किया। समारोह में सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर परमहंस दाती मदन महाराज राजस्थानी (निजस्वरूपानन्द पुरी जी) मुख्य अतिथि थे। समारोह की अध्यक्षता उच्च, तकनीकि एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने की जबकि क्षेत्रीय सांसद श्री हरिओमसिंह राठौड़ व नगर परिषद सभापति श्री सुरेश पालीवाल विशिष्ट अतिथि थे।
1200 से अधिक बालिकाएं और महिलाएं आयी हैं शिविर में
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन एवं अतिथियों ने भारत माता, पण्डित दीनदयाल उपाघ्याय एवं श्यामाप्रसाद मुखर्जी की तस्वीरों पर पुष्पहार चढ़ा तथा दीप प्रज्वलित कर 23 मार्च तक चलने वाले बालिका उत्थान शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर में राजसमन्द एवं आस-पास के क्षेत्रों से 1200 से अधिक बालिकाएं एवं महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। इन्हें निष्णात प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न हुनरों का प्रशिक्षण दिया जाकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और संभागियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा।
अद्भुत पहल है यह
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बालिका उत्थान शिविर को अद्भुत बताया और कहा कि इसके माध्यम से आधी दुनिया में समाहित सामथ्र्य, मौलिक हुनर और क्षमताओं को पहचानने, विकास करने और इनके माध्यम से आत्मनिर्भरता पाने के साथ ही व्यक्तित्व विकास को सम्बल प्राप्त होगा।
लोकसभाध्यक्ष ने शिविर आयोजन की पहल के लिए उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी की तारीफ की और कहा कि किरण जहां जाएंगी वहां अच्छा काम करेेंगी।
समय की पुकार है - बालिकाओं को सँवारें
उन्होंंने बालिकाओं को समाज का सुनहरा भविष्य बताया और कहा कि इन्हें सँवारने की जिम्मेदारी आज हमारी है। आज हम इन्हें सँवारेंगे, सम्बल देंगे तो आने वाले कल को ये सँवारेंगे। लड़कियां दहलीज पर रखा वो दीया हैं जो घर को भी रौशन करती हैं और बाहर भी प्रकाश देेती हैं।
न्यारी है राजस्थान की महिमा
सुमित्रा महाजन ने मेवाड़ की धरती को देशभक्ति, शौर्य-पराक्रम, पुरातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिपूर्ण बताया और कहा कि देश-दुनिया के लोगोें में राजस्थान की छवि अनूठी है। उन्होंने महाराणा प्रताप, हल्दीघाटी, पन्नाधाय, मीरा, हाड़ा रानी, पद्मिनी, भामाशाह आदि का स्मरण किया और कहा कि इस धरोहर और परंपराओं से सीखने, अनुकरण करने और समाज को कुछ देने की जरूरत है। स्थान माहात्म्य के साथ संस्कार भी कायम रहे।
पुरुष से कहीं आगे है स्त्री
लोकसभाध्यक्ष ने स्त्री-पुरुष समानता की बातों की चर्चा की और कहा कि स्त्री पुरुष से भी ऊपर है। पुरुष पराक्रमी है तो महिला उसकी दिशा और दशा बदलने में समर्थ मार्गदृष्टा है। पुरुष को अच्छे रास्ते और यथोचित कर्म की ओर ले जाने का गुण स्त्री में ही है। स्त्री-पुरुष को एक रथ के दो पहिये बताने के मिथक से अलग हटते हुए उन्होंने कहा कि पुरुष रथी है तो स्त्री रथ की सारथि। जीवन रथ को वही अच्छी दिशा देती है। एक स्त्री मेंं ही यह सामथ्र्य है कि वह अलग-अलग स्वभाव वाले सारे घरवालों को मैनेज करती है।
रोजाना स्वाध्याय को अपनाएं
उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वे गूगल माता के भरोसे न रहें बल्कि अपने जीवन में पढ़ाई-लिखाई के साथ ही नियमित स्वाध्याय को अपनाएं, एक-दूसरे से हुनर और अच्छाइयों को सीखें, अच्छी सहेलियां बनाएं, जन्म दिन पर हस्तकौशल का उपयोग करते हुए तोहफे दें और हमेशा इस चिन्तन को अपनाएं कि मैं क्या कर सकती हूं, मैं भी कुछ कर सकती हूँ।
घरेलू जीवन में हुनर प्रभावी
हुनर और हस्तकलाओं का उपयोग केवल कमाई के लिए ही नहीं बल्कि घरेलू साज-सज्जा, उत्सवी आयोजनों और रोजमर्रा की जिन्दगी में तमाम पहलुओं में भी प्रभावी एवं हुनरमन्द व्यक्तित्व की छाप छोड़ता है, सलीके और तरीके से जीना सिखाता है और इस दृष्टि से इस प्रकार के शिविर बहुआयामी भूमिका निभाते हैं और इनसे समाज में शेयरिंग और संवेदनाओं को बल मिलता है।
उन्हाेंंने कहा कि परंपरा से चले आ रहे हुनरों, कला और सांस्कृतिक परिपाटियों, हस्तकलाओ, गृह कलाओं आदि के संरक्षण के लिए बहुआयामी प्रयासों की आवश्यकता है।
आधे आसमाँ को जोड़ेंगे आत्मनिर्भरता से
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने लोकसभाध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन का स्वागत किया और कहा कि उनका सान्निध्य बालिकाओं के लिए पे्ररणा का महान अवसर सिद्ध हुआ है।
उन्होंने बताया कि शिविर में बालिकाओं और महिलाओं की रुचि के अनुरूप उनके स्वयं सहायता समूह बनाकर उन्हें आत्मनिर्भरतापरक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राजसमन्द की बेटियाें के लिए शनि धाम के सहयोग से कक्षा नवीं से बारहवीं तक विशेष कोचिंग चलाने की योजना है।
राजसमन्द की बेटियों के लिए शनि धाम देगा हरसंभव सहयोग
समारोह में अपने उद्बोधन में सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर परमहंस दाती मदन महाराज राजस्थानी ने उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी द्वारा कोचिंग से संबंधित आग्रह की चर्चा करते हुए कहा कि राजसमन्द की बेटियों के लिए शनि धाम हर संभव सहयोग करेगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और शैक्षिक-प्रशैक्षणिक तरक्की की इच्छुक बालिकाओं के कोचिंग का जो भी खर्च आएगा, शनि धाम देगा। उन्होंने कहा कि राजसमन्द की कोई भी अनाथ बेटी होगी, उसे शनि धाम गोद लेगा। दाती महाराज ने उच्च शि़क्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी की पहल पर संचालित बालिका उत्थान शिविर के कार्यक्रम को अद्भुत बताया।
दाती महाराज ने दिया आशीर्वाद
समारोह में शनि धाम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर परमहंस दाती महाराज ने लोकसभाध्यक्ष, उच्च शिक्षा मंत्री एवं सांसद को शॉल, श्रीफल एवं शनिधाम साहित्य भेंट कर आशीर्वाद दिया। शनि धाम के संतों राधेश्याम महाराज, माँ शारदा पुरी तथा पाली के समाजसेवी श्री नरेश ओझा का स्वागत किया गया।
राजसमन्द,-लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बालिकाओं और महिलाओं से अपने भीतर समाहित महानतम ऊर्जाओं और अपरिमित सामथ्र्य को पहचानने का आह्वान किया है और कहा है कि वे अपनी खासियतों और क्षमताओं को अपने व्यक्तित्व में ढालें और उसका परिचय देते हुए सामाजिक नवनिर्माण में अपनी सशक्त भागीदारी का इतिहास रचें। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन बुधवार को राजसमन्द के राजनगर के भिक्षु निलयम में नगर परिषद, भारत विकास परिषद और महिला संरक्षण समिति की ओर से आयोजित पण्डित दीनदयाल उपाध्याय बालिका उत्थान शिविर के शुभारंभ समारोह में उपस्थित बालिकाओं और महिलाओं से यह आह्वान किया। समारोह में सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर परमहंस दाती मदन महाराज राजस्थानी (निजस्वरूपानन्द पुरी जी) मुख्य अतिथि थे। समारोह की अध्यक्षता उच्च, तकनीकि एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने की जबकि क्षेत्रीय सांसद श्री हरिओमसिंह राठौड़ व नगर परिषद सभापति श्री सुरेश पालीवाल विशिष्ट अतिथि थे।
1200 से अधिक बालिकाएं और महिलाएं आयी हैं शिविर में
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन एवं अतिथियों ने भारत माता, पण्डित दीनदयाल उपाघ्याय एवं श्यामाप्रसाद मुखर्जी की तस्वीरों पर पुष्पहार चढ़ा तथा दीप प्रज्वलित कर 23 मार्च तक चलने वाले बालिका उत्थान शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर में राजसमन्द एवं आस-पास के क्षेत्रों से 1200 से अधिक बालिकाएं एवं महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। इन्हें निष्णात प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न हुनरों का प्रशिक्षण दिया जाकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और संभागियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा।
अद्भुत पहल है यह
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बालिका उत्थान शिविर को अद्भुत बताया और कहा कि इसके माध्यम से आधी दुनिया में समाहित सामथ्र्य, मौलिक हुनर और क्षमताओं को पहचानने, विकास करने और इनके माध्यम से आत्मनिर्भरता पाने के साथ ही व्यक्तित्व विकास को सम्बल प्राप्त होगा।
लोकसभाध्यक्ष ने शिविर आयोजन की पहल के लिए उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी की तारीफ की और कहा कि किरण जहां जाएंगी वहां अच्छा काम करेेंगी।
समय की पुकार है - बालिकाओं को सँवारें
उन्होंंने बालिकाओं को समाज का सुनहरा भविष्य बताया और कहा कि इन्हें सँवारने की जिम्मेदारी आज हमारी है। आज हम इन्हें सँवारेंगे, सम्बल देंगे तो आने वाले कल को ये सँवारेंगे। लड़कियां दहलीज पर रखा वो दीया हैं जो घर को भी रौशन करती हैं और बाहर भी प्रकाश देेती हैं।
न्यारी है राजस्थान की महिमा
सुमित्रा महाजन ने मेवाड़ की धरती को देशभक्ति, शौर्य-पराक्रम, पुरातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिपूर्ण बताया और कहा कि देश-दुनिया के लोगोें में राजस्थान की छवि अनूठी है। उन्होंने महाराणा प्रताप, हल्दीघाटी, पन्नाधाय, मीरा, हाड़ा रानी, पद्मिनी, भामाशाह आदि का स्मरण किया और कहा कि इस धरोहर और परंपराओं से सीखने, अनुकरण करने और समाज को कुछ देने की जरूरत है। स्थान माहात्म्य के साथ संस्कार भी कायम रहे।
पुरुष से कहीं आगे है स्त्री
लोकसभाध्यक्ष ने स्त्री-पुरुष समानता की बातों की चर्चा की और कहा कि स्त्री पुरुष से भी ऊपर है। पुरुष पराक्रमी है तो महिला उसकी दिशा और दशा बदलने में समर्थ मार्गदृष्टा है। पुरुष को अच्छे रास्ते और यथोचित कर्म की ओर ले जाने का गुण स्त्री में ही है। स्त्री-पुरुष को एक रथ के दो पहिये बताने के मिथक से अलग हटते हुए उन्होंने कहा कि पुरुष रथी है तो स्त्री रथ की सारथि। जीवन रथ को वही अच्छी दिशा देती है। एक स्त्री मेंं ही यह सामथ्र्य है कि वह अलग-अलग स्वभाव वाले सारे घरवालों को मैनेज करती है।
रोजाना स्वाध्याय को अपनाएं
उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वे गूगल माता के भरोसे न रहें बल्कि अपने जीवन में पढ़ाई-लिखाई के साथ ही नियमित स्वाध्याय को अपनाएं, एक-दूसरे से हुनर और अच्छाइयों को सीखें, अच्छी सहेलियां बनाएं, जन्म दिन पर हस्तकौशल का उपयोग करते हुए तोहफे दें और हमेशा इस चिन्तन को अपनाएं कि मैं क्या कर सकती हूं, मैं भी कुछ कर सकती हूँ।
घरेलू जीवन में हुनर प्रभावी
हुनर और हस्तकलाओं का उपयोग केवल कमाई के लिए ही नहीं बल्कि घरेलू साज-सज्जा, उत्सवी आयोजनों और रोजमर्रा की जिन्दगी में तमाम पहलुओं में भी प्रभावी एवं हुनरमन्द व्यक्तित्व की छाप छोड़ता है, सलीके और तरीके से जीना सिखाता है और इस दृष्टि से इस प्रकार के शिविर बहुआयामी भूमिका निभाते हैं और इनसे समाज में शेयरिंग और संवेदनाओं को बल मिलता है।
उन्हाेंंने कहा कि परंपरा से चले आ रहे हुनरों, कला और सांस्कृतिक परिपाटियों, हस्तकलाओ, गृह कलाओं आदि के संरक्षण के लिए बहुआयामी प्रयासों की आवश्यकता है।
आधे आसमाँ को जोड़ेंगे आत्मनिर्भरता से
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने लोकसभाध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन का स्वागत किया और कहा कि उनका सान्निध्य बालिकाओं के लिए पे्ररणा का महान अवसर सिद्ध हुआ है।
उन्होंने बताया कि शिविर में बालिकाओं और महिलाओं की रुचि के अनुरूप उनके स्वयं सहायता समूह बनाकर उन्हें आत्मनिर्भरतापरक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राजसमन्द की बेटियाें के लिए शनि धाम के सहयोग से कक्षा नवीं से बारहवीं तक विशेष कोचिंग चलाने की योजना है।
राजसमन्द की बेटियों के लिए शनि धाम देगा हरसंभव सहयोग
समारोह में अपने उद्बोधन में सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर परमहंस दाती मदन महाराज राजस्थानी ने उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी द्वारा कोचिंग से संबंधित आग्रह की चर्चा करते हुए कहा कि राजसमन्द की बेटियों के लिए शनि धाम हर संभव सहयोग करेगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और शैक्षिक-प्रशैक्षणिक तरक्की की इच्छुक बालिकाओं के कोचिंग का जो भी खर्च आएगा, शनि धाम देगा। उन्होंने कहा कि राजसमन्द की कोई भी अनाथ बेटी होगी, उसे शनि धाम गोद लेगा। दाती महाराज ने उच्च शि़क्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी की पहल पर संचालित बालिका उत्थान शिविर के कार्यक्रम को अद्भुत बताया।
दाती महाराज ने दिया आशीर्वाद
समारोह में शनि धाम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर परमहंस दाती महाराज ने लोकसभाध्यक्ष, उच्च शिक्षा मंत्री एवं सांसद को शॉल, श्रीफल एवं शनिधाम साहित्य भेंट कर आशीर्वाद दिया। शनि धाम के संतों राधेश्याम महाराज, माँ शारदा पुरी तथा पाली के समाजसेवी श्री नरेश ओझा का स्वागत किया गया।