खबर - पवन शर्मा
26 जुलाई को प्रस्तावित वीडियो कांफ्रेंस के लिया गीतादेवी को संदेश
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में गड़बड़ी को लेकर की थी शिकायत
संपर्क पोर्टल पर शिकायत के बाद मामले को खुद सुनेगी सीएम राजे
जयपुर के एक निजी अस्पताल पर है योजना का पैसा हड़पने का आरोप
साथ ही पीडि़त परिवार से भी करीब एक लाख रुपए ले लिए अस्पताल ने
पीडि़त परिवार की मानें तो अब अस्पताल प्रबंधन समझौते का डाल रहा है दबाव
सूरजगढ़ : मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समय-समय पर संवेदनशील सरकार होने के प्रमाण
देती है। ऐसा ही एक और प्रमाण सामने आया है सूरजगढ़ से। जहां के फरट गांव
की रहने वाली एक बुजूर्ग महिला से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वीडियो
कांफ्रेंस के जरिए बातचीत करने वाली है। इसके लिए झुंझुनूं कलेक्टर ने
सूरजगढ़ तहसीलदार के जरिए 26 जुलाई को दोपहर साढ़े तीन बजे महिला को
झुंझुनूं आने का संदेश पहुंचाया। मामला भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में
गड़बड़ी का है। जानकारी के मुताबिक फरट गांव की रहने वाली गीता नवंबर 2016
में एक हादसे में घायल हो गई थी। जिसके बाद उसका जयपुर में ऑपरेशन हुआ।
जयपुर के जिस निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ। उसमें भामाशाह स्वास्थ्य बीमा
योजना लागु थी। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन ने गीता के पुत्र राजेंद्र से
करीब एक लाख रूपये की रकम भी ऐंठ ली। वही इसके अलावा अन्य जांच और दवा का
भी खर्चा करवा दिया। उस वक्त अस्पताल प्रबंधन ने घायल महिला के परिजनों को
झांसे लेकर कहा था कि वे पैसे वापिस लौटा देंगे। इलाज पूर्ण होने के बाद
महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन बार-बार जानकारी लेने के बाद भी पैसे
नहीं लौटाए। राजेंद्र ने इसकी शिकायत संपर्क पोर्टल पर की। जिसके बाद निजी
अस्पताल ने खानापूर्ति करते हुए जानकारी तो दी। लेकिन वो भी गलत तथ्यों
पेश कर जूठी थी। अब यह मामला सीएम वसुंधरा राजे के सामने पहुंच गया है। हर
महीने में एक बार होने वाली सीएम की वीडियो कांफ्रेंसिंग में फ्लैगशिप
योजनाओं की तो समीक्षा होती ही है। साथ ही संपर्क पोर्टल पर आई कुछेक
शिकायतों को लेकर भी सीएम खुद जाँच पड़ताल करती है। यह मामला अब सीएम राजे
की पड़ताल में आ गया है और इस मामले को लेकर सीएम ने खुद 26 जुलाई को
बुजूर्ग महिला से मिलेगी। गीता के पुत्र राजेंद्र ने बताया कि अब निजी
अस्पताल के पास भी यह सूचना पहुंच गई है और वह समझौते के लिए दबाव बना रहा
है।
