खबर - जयंत खांखरा
अपनी पारंपरिक पहचान खोते जा रहे हैं मेले
खेतड़ी -कस्बे में शनि मंदिर में मूर्ति स्थापना का 88वां वार्षिकोत्सव मनाया गया। पुजारी सत्यनारायण भार्गव ने जानकारी दी कि इस अवसर पर मंदिर प्रांगण को विशेष सजावट से सुसज्जित किया गयाव शुक्रवार को रात्रि जागरण भी किया गया।शनिवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और लोग भगवान शनि के चरणों में पूजा अर्चना करते नजर आए। इस मोके पर हर वर्ष की भांति मेले का भी आयोजन किया गया।लेकिन पुजारी ने बताया कियह संस्था 275 वर्ष पुरानी हैयहां जब मेला लगता था तब भीड़ देते ही बनती थी यहां कुश्ती दंगल झूले आधी लगते थे लेकिनजगह की कमी के कारणऔर लोगों में मेले के प्रतिउदासीनताकि वजह से अब मेले फीके नजर आने लगेहै।
अपनी पारंपरिक पहचान खोते जा रहे हैं मेले
खेतड़ी -कस्बे में शनि मंदिर में मूर्ति स्थापना का 88वां वार्षिकोत्सव मनाया गया। पुजारी सत्यनारायण भार्गव ने जानकारी दी कि इस अवसर पर मंदिर प्रांगण को विशेष सजावट से सुसज्जित किया गयाव शुक्रवार को रात्रि जागरण भी किया गया।शनिवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और लोग भगवान शनि के चरणों में पूजा अर्चना करते नजर आए। इस मोके पर हर वर्ष की भांति मेले का भी आयोजन किया गया।लेकिन पुजारी ने बताया कियह संस्था 275 वर्ष पुरानी हैयहां जब मेला लगता था तब भीड़ देते ही बनती थी यहां कुश्ती दंगल झूले आधी लगते थे लेकिनजगह की कमी के कारणऔर लोगों में मेले के प्रतिउदासीनताकि वजह से अब मेले फीके नजर आने लगेहै।
