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प्रधानमंत्री की बाट जोहता खेतड़ी का रामकृष्ण मिशन संग्रहालय

रिपोर्ट - जयंत खांखरा
खेतड़ी -पूरे विश्व में युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद की कर्म स्थली राजस्थान के शेखावाटी में झुंझुनू जिले में स्थित खेतड़ी में जो की  रियासत काल में र्पींसली वेल्सस्टेट के नाम से जानी जाती थी खेतड़ी के राजा अजीत सिंह एवं स्वामी विवेकानंद के प्रगाढ़ संबंध थे। इस संबंध में स्वामी विवेकानंद ने  कहां था कि“भारतवर्ष के लिए जो कुछ में थोड़ा बहुत कर पाया हूं यह संभव नहीं होता यदि मैं खेतड़ी के राजा अजीत सिंह से नहीं मिला होता”। खेतड़ी के राजा ने ही नरेंद्र नाथ दत्त को विवेकानंद का नाम दिया ।उन्होंने ही अमेरिका स्थित शिकागो में सन1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत के सनातन धर्म को प्रतिनिधित्व देने के लिए सारा इंतजाम किया था। रामकृष्ण परमहंस के योग्य शिष्य विवेकानंद ने ही  रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी पूरे विश्व में  समाज के कल्याण में लगा हुआ है।यूं तो रामकृष्ण मिशन की स्थापना कोलकाता के बेलूर मठ से हुई थी लेकिन स्वामी विवेकानंद और खेतड़ी नरेश के गहरे संबंधों को देखते हुए तत्कालीन राजा सरदार सिंह बहादुर ने खेतड़ी मुख्य बस स्टैंड पर स्थित फ़तेह विलास महल को बेलूर मठ को स्वामी विवेकानंद की याद में रामकृष्ण मिशन बनाने के लिए दे दिया। विवेकानंद और खेतड़ी नरेश के रिश्ते की यादो को सहेज  कर संकलित करते हुए  मिशन के सचिव आत्म निष्ठानंद महाराज ने रामकृष्ण मिशन के जीर्णोद्धार और विवेकानंद संग्रहालय बनाने का सपना देखा जो कि बेलूर मठ ,केंद्र सरकार और राज्य सरकारएवं आत्मा निष्ठानंद महाराजके योगदान से पूरा होने जा रहा है।विवेकानंद संग्रहालय के निर्माण कार्य के दौरान 25 नवंबर 2013 को नरेंद्र मोदी खेतड़ी आए तो सर्वप्रथम वह स्वामी विवेकानंद की कर्म स्थली खेतड़ी की रामकृष्ण मिशन में पधारे और उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा कि खेतड़ी एक अद्भुत जगह है जहां स्वामी विवेकानंद ने अपना समय गुजारा यहां पर आकर मैं अपने आपको आशीर्वादीत महसूस कर रहा हूं। इस दौरान मिशन के सचिव से वार्ता करते हुए उन्होंने दुबारा आने की इच्छा जताई थी। तब आत्म निष्ठानंद महाराज ने उनके प्रधानमंत्री बनने की शुभकामना के साथ संग्रहालय का लोकार्पण करने की इच्छा जताई थी।अब संग्रहालय का काम अपने अंतिम चरण में है तो मिशन के सचिव आत्मा निष्ठानंद ने  प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संग्रहालय का लोकार्पण करने के लिए आग्रह किया है। ऐसा माना जाता है कि स्वामी विवेकानंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी आदर्श है। इसलिए प्रधानमंत्री का खेतड़ी की जनता तहे दिल से स्वागत करने के लिए पलक पावड़े बिछाकर इंतजार कर रही है। प्रधानमंत्री खेतड़ी आते हैं तो खेतड़ी के विकास कार्य को नए पंख लगेंगे।और विश्व मानचित्र पर खेतड़ी को एक अलग पहचान मिलेगी और यहां पर्यटकों का आवागमन होगा जिससे व्यापार भी बढेगा।

खेतड़ी नरेश और स्वामी विवेकानंदकी यादों कोपुनर्जीवितकरेगा संग्रहालय
रामकृष्ण मिशन में बनने वाले संग्रहालय में सर्वप्रथम मुख्य दरवाजे पर भगवान गणेश की मूर्ति होगी अंदर प्रांगण में एक स्टेडियम बाई और पर्यटकों के लिए प्रतीक्षालय और उसके सामने लिफ्ट होगी। स्टेडियम के बिल्कुल सामने कांस्य धातु से बनी स्वामी विवेकानंद की विशाल मूर्ति होगी अंदर संग्रहालय में जाते ही दाहिनी और से खेतड़ी दर्शन, स्वामी विवेकानंद की यात्रा,मुंशी जगमोहन से माउंट आबू में स्वामी विवेकानंद की भेंट का दृश्य,राजा अजीत सिंह और स्वामी विवेकानंद का मिलन,विवेकानंद द्वारा खेतड़ी नरेश को खगोल विज्ञान पढ़ाना। खेतड़ी नरेश द्वारा स्वामी जी को पोशाक व  पगड़ी भेंटकर उनको शिकागो भेजना। दूसरी मंजिल पर जहाज द्वारा स्वामी विवेकानंद की यात्रा का दृश्य दिखाया गया है। और महल के ऊपर कमरे में जहां स्वामी जी ठहरे थे उसे ध्यान कक्ष बनाया गया है। इस तरह से स्वामी विवेकानंद की पूरे जीवन के मुख्य दृश्य को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद के डिजाइनरों द्वारा पेंटिंग, म्यूरल और डिजिटल आर्ट द्वारा तैयार किया जा रहा है।जिसका मुख्य आकर्षण होगा ज्ञान का कुआ। ऊपर दीवान-ए-खास में जाने परपर्यट कों को विशेष भित्ति चित्र देखने को मिलेगे जो कि शेखावाटी कलाकारी का एक बेजोड़ नमूना है। इन  चित्रों को जयपुर सामोद निवासी जो कि साउथ अफ्रीका मॉरिशियस में काम कर चुके  भंवर लाल कुमावत अपनी कलाकृति से पिछले 3 वर्षों से मिशन में उकेर रहे हैं। भंवरलाल का कहना है कि इन चित्रों के लिए अपने हाथ से कलर तैयार करते हैं जिसमें स्टोन कलर शरेस, दूध, गोंद और अंडे  मिलाकर कलर तैयार किया जाता है यह कलर धूप से खराब नहीं होता।यह र्आटडुंडली आर्ट है जो मुगलकालीन आर्ट में से निकली हुई है।और ऊपर जाकर स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस मां शारदा और स्वामी विवेकानंद की मूर्ति लगा हुआ बेहद सुंदर पूजा स्थल है। जो मन को पूर्ण शांति प्रदान करता है।
इनका कहना है
सुधीर गुप्ता व्यापार मंडल उपाध्यक्ष

यदि प्रधानमंत्री महोदय सड़क मार्ग से खेतड़ी आए तो यहां की सड़कों की स्थिति भी सुधर जाएगी क्योंकि यहां की खराब सड़कें खेतड़ी में पर्यटक की विपुल संभावना होते हुए भी यहां पर्यटकों को आने से रोकती है।





इनका कहना है


श्री राम कुमावत (ग्रामीण)

खेतड़ी में रामकृष्ण मिशन  संग्रहालय बनने से यहां पर्यटकों का आगमन होगा और विश्व मानचित्र पर खेतड़ी को एक नई पहचान मिलेगी। यहां के ग्रामीण प्रधानमंत्री महोदय का पलक पावडे बिछा कर इंतजार कर रहे हैं। स्वामी विवेकानंद प्रधानमंत्री जी के भी आदर्श हैं इसलिए हमें पूरा यकीन है कि वे खेतड़ी जरूर आएंगे।




इनका कहना- रामकृष्ण मिशन के सचिव आत्मा निष्ठानंद महाराज

जब संग्रहालय का काम चल रहा था तब नवंबर 2013 में प्रधानमंत्री महोदय खेतड़ी मिशन में आए थे तब उन्होंने दोबारा यहां आने की इच्छा जताई थी।चूंकी अब संग्रहालय का काम अंतिम चरण में चल रहा है तो प्रधानमंत्री महोदय को यहां आने के लिए पत्र लिखा गया है यदि वह अपने व्यस्ततम समय में से कुछ समय निकालकर संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे तो यह खेतड़ी के लिए सौभाग्य की बात होगी।










इनका कहना है- अशोक सिंह शेखावत

·         मिशन में बनने वाले संग्रहालय की वजह से खेतड़ी नरेश राजा अजीत सिंह और स्वामी विवेकानंद के रिश्तो के बारे में पूरी दुनिया को बारीकी से पता लगेगा।और यदि प्रधानमंत्री जी यहां आते हैं तो निश्चित ही खेतड़ी के अच्छे दिन आएंगे।और खेतड़ी एक बार फिर विश्व मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरेगी।