खबर - विकास कनवा
उदयपुरवाटी -कस्बे के निकटवर्ती गांव गिरावड़ी में स्थित गोचर भूमि की पहाड़ी में गत लम्बे समय से भारी मात्रा में अवैध खनन हो रहा है। इससे एक तरफ पहाड़ी व आसपास क्षेत्र में गहरे गड्ढे होने से इन पहाड़ों का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है तथा यहां बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने के कारण जलग्रहण क्षेत्र लगभग खत्म होता जा रहा है। दूसरी तरफ सरकार को प्रतिवर्ष लाखों रूपए की राजस्व हानि हो रही है।इसके अलावा गांव के  मकानों में दरारें आ गई साथ ही स्थित गौशाला में पशु को भी भारी परेशानी हो रही है अवैध खनन का कारोबार फल फूल रहा है, लेकिन खनन विभाग व प्रशासन की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रतिदिन हजारों टन पत्थर का उत्खनन जानकारी के अनुसार गिरावड़ी गांव स्थित गोचर में जमकर अवैध खनन हो रहा है। यहां सैकड़ों बीघा भूमि पर गहरे विशालकाय गड्ढे हो गए हैं। इससे गांव की नाडी में बारिश के दौरान पानी की आवक में रूकावट हो रही है। ग्राम पंचायत बागोराके गांव के र्पूव दिशा की तरफ स्थित विशाल पहाड़ी पर गत एक माह से बड़ी बड़ी जेसीबी मशीनें लगाकर अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, हल्का पटवारी को सूचित किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 
कार्रवाई नहीं होने से हौसले बुलंद
क्षेत्र के कई जगह खनन विभाग की ओर से पट्टे भी जारी किए गए है। बावजूद इसके बिना पट्टे व लीज के भी दर्जनों खानों में अवैध खनन किया जा रहा है, लेकिन यहां खनन विभाग की कोई चौकी स्थापित नहीं होने तथा अधिकारियों की ओर से भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाए जाने के कारण यहां भी भारी मात्रा में अवैध खनन चल रहा है। जिससे राज्य सरकार को प्रतिदिन लाखों रूपए की राजस्व हानि हो रही है। पहाड़ की तलहटी व पहाड़ी के ऊपर भी धड़ल्ले से अवैध खानों से पत्थर निकालकर बेचा जा रहा है। इसी प्रकार आशापुरा क्षेत्र में भी गत लम्बे समय से अवैध रूप से धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है। अवैध खननकारियों की ओर से यहां से पत्थर निकालकर बेचे जा रहे है। दूसरी तरफ खनन विभाग की ओर से इस तरफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।ग्रामीणों ने की अवैध खनन रोकने की मांग की जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खनन माफिया दिन रात अवैध खनन व उसका परिवहन कर एक तरफ राज्य सरकार को चूना लगा रहा है। दूसरी तरफ खनन कार्य के चलते जगह-जगह गहरे गड्ढे हो रहे हैं, जो क्षेत्र के किसानों के खेतों में जलग्रहण के लिए भी नुकसानदेह साबित हो रहे हैं। उन्होंने अवैध खनन कार्य रूकवाने की मांग की है।