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रोक के बाद भी प्रोसेस हाउसों से प्रदूषित पानी नाले में छोड़ा जा रहा

खबर -पंकज पोरवाल
केमिकल के कारण मंगरोप एनिकट में फैला झाग
भीलवाड़ा।
शहर के आसपास के ग्रामों में काला पानी छोड़ने की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। कई बार इस संबंध में प्रदूषण विभाग व जिला प्रशासन से ग्रामीणों ने शिकायत की लेकिन कार्यवाही के नाम पर उन्हें अब तक मात्र उन्हें आश्वासन ही मिलते आए है और फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। बारिश का फायदा उठाते हुए फिर कुछ प्रोसेस हाउसों ने नालों में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे केमिकलयुक्त पानी मंगरोप एनिकट में जमा हो गया है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के दावे के उलट चित्तौड़गढ़ रोड स्थित नालों में प्रदूषित पानी बह रहा है। यह पानी नाले में होते हुए मंगरोप एनिकट में जमा हो गया है। पानी केमिकलयुक्त होने के कारण एनिकट और उसके बाहर चारों ओर झाग ही झाग हो गए हैं। नालों में प्रदूषित पानी छोड़ने के कारण आस-पास के जल स्रोतों तथा कुओं का पानी दूषित हो रहा है। वस्त्र नगरी के डेढ दर्जन प्रोसेस हाऊसों और कपड़ा उद्योग से जुड़े कुछ कारखानो के प्रदूषित पानी ने भीलवाड़ा के विकास से ज्यादा विनाश की कहानी लिख दी है। बनास और कोठारी नदी के साथ ही छोटे नालों, कुओं, बावड़ी से लेकर भूमिगत जलस्त्रोतों के भी दूषित हो जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदूषण ग्रस्त क्षेत्रों के निवासी चर्म रोगों के साथ जानलेवा बीमारियों के कारण बेमौत मर रहे हैं। वहीं क्षेत्र के मवेशियों की मौत का आंकड़ा भी बढता जा रहा है। खेती बरबाद हो चुकी है ,लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और जनता के सेवक यहां काले पानी के नमूने की जांच से ज्यादा कुछ नहीं करा पाते और नमूनो के नतीजे हमेशा ढाक के तीन पात रहे ।
पहले ध्वस्त किया था एनिकट.
 कुछ सालों पहले एनिकट में दूषित पानी भरने से क्षेत्रवासियों ने कड़ा विरोध करते हुए भूख हड़ताल की थी। उनकी मांग की थी कि एनिकट को ध्वस्त कर दूषित पानी निकाला जाए। इस पर तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर एनिकट को ध्वस्त कर लाखों लीटर दूषित पानी बनास नदी में बहा दिया था। कुछ समय तक ठीक रहने के बाद इस बारिश में प्रोसेस हाउसों द्वारा फिर दूषित पानी छोड़ने से एनिकट में पानी जमा हो गया है। मंडल के नियमानुसार किसी भी प्रोसेस हाउस संचालक को एक बूंद भी दूषित पानी बाहर छोड़ने का अधिकार नहीं है, लेकिन कई प्रोेसेस हाउस पौधरोपण के नाम पर ली गई जमीन में दूषित पानी छोड़ रहे हैं जो मंडल के नियमों की अवहेलना है।