यादगार बन गई एक शाम रफी के नाम
चित्तौडग़ढ़।
बेहद खुबसुरत ऑडिटोरियम और सुरों से सजी संगीत संध्या ने खचाखच भरे
श्रोताओं का दिल जीत लिया। सोमवार सांय युवा लोक कला संस्थान के तत्वाधान
में मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर एक शाम रफी के नाम कार्यक्रम इस बार भी एक
यादगार शाम बन गई। सर्वप्रथम रफी के चित्र पर जिला कलक्टर इन्द्रजीतसिंह,
विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या, सभापति सुशील शर्मा, प्रधान प्रवीणसिंह
राठौड़, भाजपा नगर अध्यक्ष नरेन्द्र पोखरना, बिरला सीमेन्ट के पूर्व
अध्यक्ष निरंजन नागौरी, वरिष्ठ अधिवक्ता भंवरलाल सिशोदिया, अनिल सिशोदिया,
बिरला सीमेन्ट के अनिल शर्मा, जिला कांग्रेस महामंत्री सुमन्त सुहालका एवं
पार्षदों ने दीप प्रजलन कर पुष्पाजंलि अर्पित की तथा कार्यक्रम का आगाज
किया। फिर एक से बढ़कर एक गीत सूरज पंवार ने क्रये रेशमी जुल्फे ये शरबती
आंखेञ्ज मास्टर रवि जोशी ने गुलाबी आंखे, अफजल ने चले थे साथ मिलकर, यशवंत
भाट ने यम्मा-यम्मा, दीपक ढीलीवाल ने रफी के गीतों का मेडले पेश किया।
प्रहलाद
पाराशर ने शास्त्रीय संगीत पर आधारित क्रराधिका तूने बंसरी बजाईञ्ज गाकर
खूब तालिया बटोरी। राकेश पाराशर ने खुदा भी आसंमा से, हेमन्त सुहालका ने
जब-जब बहार आई, शैलेन्द्र अग्रवाल ने मुझे इश्क है तुझी से, केके शर्मा ने
क्या हुआ तेरा वादा, मनोज मेवानी ने हम इन्तजार करेंगे, रमेश राव शिन्दे ने
न झटको जुल्फ से पानी, रूद्राक्ष दाधीच ने लाखों है निगाह में, दिनेश पुरी
ने ले गई दिल गुडिय़ा जापान की, प्रिंस डायमंड ने तु इस तरह से मेरी
जिन्दगी में शामिल है, भानूप्रताप ने हो आज मौसम, कर्तव्य दवे ने छलकाए जाम
सुना कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दोगानों में बेबी
स्नेहिल और रूद्राक्ष ने वादा कर ले साजना, निर्मला और प्रकाश ने हम
तुम्हारे लिए, मन्नत और साक्षी ने उड़े जब-जब जुल्फे तेरी, पायल एवं शिन्दे
ने वो जब याद आए, दीपा एवं दीपक ने आया सावन झूमके, निशा और मुकेश ने बे
खुदी में सनम, सोनू एवं केके ने दीवाना हुआ बादल, पायल एवं प्रदीप ने
जनम-जनम का साथ है तथा केके ने मशहूर कव्वाली पर्दा है पर्दा सुनाकर आनंदित
कर दिया। मुकेश जीनगर ने तेरी प्यारी-प्यारी सुरत को खुबसुरती से गाया।
संस्थापक के सदस्यों विधायक एवं सभापति का पगड़ी पहनाकर अभिनन्दन किया।
अतिथियों ने संगीत वाद्य यंत्र बजाने वाले दिलीप राव, कर्तव्य दवे, कमल
बाबा, विजय देशबन्धु, विजय राणावत, नरेश देशबन्धु, राहुल त्रिवेदी एवं दीपक
ढीलीवाल, संचालन करने वाले डीसी चौहान का पगड़ी पहना कर उपरना ओढा कर
सम्मान किया। संस्थान के अध्यक्ष महेश सुखवाल, संस्थापक केके शर्मा एवं
संरक्षक हेमन्त सुहालका ने जादूगर आंचल का कार्यक्रम में आने पर
स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। आभार हुमन्त सुहालका ने किया।
