खबर - अनिल शर्मा
शिमला – रवां से छोटी पचेरी जाने वाले मुख्य रास्ते में पिछले वर्ष से शाखा डाकघर के पास गन्दा पानी भरा है। जिसके कारण पूरा रास्ता ही जाम पडा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस रास्ते पर सडक बनाने की स्वीकृति भी जारी की थी। लेकिन ठेकेदार ने 500 मीटर स्थान पर सडक ही नही बनाई जिसके कारण आज भी इस मार्ग पर कोई वाहन नही चल रहा है तथा पैदल राहगीर भी नही गुजर पा रहा है। गन्दे पानी के कारण उसमे मच्छर पैदा हो गये हैं तथा दुर्गन्ध आने लगी है। जिसके कारण सडक के किनारे पर बसे लोगों का जीना दुर्भर हो गया है। रवां सरपंच रेखा जेवरिया व समाजसेवी शिवकुमार जेवरिया ने इसकी शिकायत अनेक बार मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर व अधिशासी अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग को की है। लेकिन सुनने वाला कोई नही है। अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नही दे रहे है। इसके लिए ग्रामीण अनेक बार सरपंच प्रतिनिधि शिवकुमार जेवरिया की अगुवाई मे धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। ग्रामीणों ने सडक पूरी न करने की दशा मे पुन: शिमला खेतडी मार्ग जाम करने की चेतावनी दी है तथा उपखण्ड कार्यालय के सामने धरना देने का भी निर्णय लिया है।
शिमला – रवां से छोटी पचेरी जाने वाले मुख्य रास्ते में पिछले वर्ष से शाखा डाकघर के पास गन्दा पानी भरा है। जिसके कारण पूरा रास्ता ही जाम पडा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस रास्ते पर सडक बनाने की स्वीकृति भी जारी की थी। लेकिन ठेकेदार ने 500 मीटर स्थान पर सडक ही नही बनाई जिसके कारण आज भी इस मार्ग पर कोई वाहन नही चल रहा है तथा पैदल राहगीर भी नही गुजर पा रहा है। गन्दे पानी के कारण उसमे मच्छर पैदा हो गये हैं तथा दुर्गन्ध आने लगी है। जिसके कारण सडक के किनारे पर बसे लोगों का जीना दुर्भर हो गया है। रवां सरपंच रेखा जेवरिया व समाजसेवी शिवकुमार जेवरिया ने इसकी शिकायत अनेक बार मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर व अधिशासी अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग को की है। लेकिन सुनने वाला कोई नही है। अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नही दे रहे है। इसके लिए ग्रामीण अनेक बार सरपंच प्रतिनिधि शिवकुमार जेवरिया की अगुवाई मे धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। ग्रामीणों ने सडक पूरी न करने की दशा मे पुन: शिमला खेतडी मार्ग जाम करने की चेतावनी दी है तथा उपखण्ड कार्यालय के सामने धरना देने का भी निर्णय लिया है।
