उम्मीद नहीं थी जुट जायेगाी किसानों की भीड़
बीकानेर (जयनारायण बिस्सा)। कर्ज माफी समेत अपनी मांगों को
लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेशव्यापी आव्हान पर पिछले दस दिनों से
यहां महापड़ाव डाले बैठे किसानों से सोमवार को कलक्टरी में अपनी ताकत
दिखायी तो शासन-प्रशासन की हवाईयां उड़ गई। आंदोलन के तहत किसानों ने
कलक्टरी का घेराव कर भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज बुलन्द की। दस हजार से
ज्यादा की भीड़ में पहुंचे किसानों पर काबू रखने के लिये पुलिस प्रशासन को
अतिरिक्त जाब्ता बुलाना पड़ा। हालांकि सुबह दस बजे तक कलक्टरी के सामने
महापड़ाव पर गिनती के ही किसान बैठे थे लेकिन घंटेभर बाद जिले के
गांवों-कस्बों से किसानों के दल पहुंचने शुरू हुए तो भीड़ का दायरा दस हजार
के पार पहुंच गया। किसान सभा के आव्हान पर सोमवार को कलक्टरी के घेराव में
किसान नेताओं के अलावा कांग्रेस,एसएफआई,एनएसयूआई के नेता भी शामिल हुए।
घेराव से पहले महापड़ाव स्थल पर जुटी किसानों की भारी को देखते हुए
आंदोलनकारी नेताओं को अलग टैंट की व्वस्था करनी पड़ी। बीकानेर शहर के
नजदीकी गांवों समेत श्रीडूंगरगढ,लूणकरणसर,नोखा,कोला यत,खाजूवाला,छत्तरगढ,बज्जू
सहित गांव-ढाणियों से वाहनों में सवार होकर पहुंचे किसानों ने नारेबाजी के
साथ महापड़ाव स्थल पर अपनी आमद दर्ज कराई। कलक्टरी का घेराव करने से पहले
महापड़ाव स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने
आंदोलनकारी अंदाज में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने किसानों की
सुनवाई नहीं कि तो शासन का तख्ता पलट देगें। जब तक सरकार को झुका नहीं
देंगे तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। किसानों की मांगें वाजिब हैं। एक भी
नाजायज मांग नहीं है। किसान अभी शांति से बैठे हैं लेकिन सरकार ने जिद ठान
ली है। सभा को अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष गिरधारी लाल महियां,
कॉ.लालचंद ,जिला सचिव जेठाराम लाखूसर,पूर्व महापौर भवानी शंकर
शर्मा,छात्रनेता रामनिवास कूकणा,मरू प्रदेश मंच के संयोजक जयवीर सिंह गोदार
समेत अनेक किसान नेताओं ने संबोधित किया।
छावनी में तब्दील रही कलक्टरी
किसानों के घेराव को देखते हुए सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था
के लिहास से पुलिस ने पुख्ता बंदोबश्त कर रखे थे,एतिहात के तौर पर जिलेभर
के ग्रामीण थानों का जाब्ता भी कलक्टरी में बुला लिया गया तथा लाईन पुलिस
से रिजर्व जाब्ता भी तैनात किया गया है। हालातों पर निगरानी के लिये एएसपी
सिटी नाजिम अली लगातार अपटेड लेते रहे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के
लिये सशस्त्र जाब्ता भी तैनात था।
