Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 3 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है। इसी दौरान राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के कार्यक्रम की घोषणा होने की जानकारी सामने आई है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और जिला प्रमुख के चुनाव की तस्वीर साफ हो जाएगी।
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 को लेकर गांवों में लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। अब चुनाव की तारीख, नामांकन, मतदान, मतगणना और अलग-अलग चरणों की पूरी जानकारी सामने आने वाली है।
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: कल 3 बजे बजेगा चुनावी बिगुल, 14,403 सरपंच से लेकर 41 जिला प्रमुख तक की पूरी तस्वीर
जयपुर। राजस्थान के गांवों में चुनावी रणभेरी बजने का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। प्रदेश में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर शनिवार, 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे राज्य निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा होने की बात सामने आई है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो जाएगी ।
यानी अब गांव की चौपाल से लेकर पंचायत मुख्यालय तक जिस तारीख का इंतजार था, वह घड़ी बेहद करीब है। किस दिन नामांकन शुरू होगा, नामांकन की आखिरी तारीख क्या होगी, मतदान कितने चरणों में होगा और मतगणना कब होगी—इन तमाम सवालों का जवाब शनिवार दोपहर 3 बजे आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिलने की उम्मीद है।
14,403 सरपंचों के लिए खुलेगा चुनावी मैदान
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा उत्सुकता सरपंच चुनाव को लेकर है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 14,403 ग्राम पंचायतों के सरपंच चुने जाएंगे।
सरपंच के साथ ग्राम पंचायतों के वार्ड पंच भी चुने जाएंगे। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब संभावित उम्मीदवारों की नजर चुनाव कार्यक्रम पर है।
जिस गांव में किस वर्ग के लिए सरपंच पद आरक्षित हुआ है, वहां उसी के अनुसार दावेदारों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अब चुनाव कार्यक्रम सामने आते ही गांवों में बैठकों, जनसंपर्क और नामांकन की गतिविधियां और तेज होने वाली हैं।
सिर्फ सरपंच ही नहीं, पंचायत समिति से जिला परिषद तक चुनाव
इस बार चुनाव केवल ग्राम पंचायत स्तर तक सीमित नहीं रहने वाला। पंचायती राज व्यवस्था के तीनों स्तरों पर चुनाव होंगे।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रमुख पदों की तस्वीर इस प्रकार है—
पद कुल संख्या
सरपंच 14,403
वार्ड पंच 1.26 लाख से अधिक
पंचायत समिति सदस्य 8,245
प्रधान 457
जिला परिषद सदस्य 1,403
जिला प्रमुख 41
इन आंकड़ों से साफ है कि राजस्थान के ग्रामीण राजनीतिक ढांचे में बड़े स्तर पर जनप्रतिनिधियों का चुनाव होने जा रहा है।
457 प्रधान पदों पर भी नजर
प्रदेश में 457 पंचायत समितियां हैं और इनके लिए 457 प्रधान पद हैं।
प्रधान का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि संबंधित पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से होता है। इसी वजह से पंचायत समिति सदस्य का चुनाव भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी पहले ही हो चुकी है। अब संबंधित पंचायत समितियों में दावेदारों की नजर चुनाव कार्यक्रम और नामांकन प्रक्रिया पर है।
41 जिला प्रमुख तय करेंगे जिला परिषद की तस्वीर
राजस्थान में कुल 41 जिला परिषदें हैं। इनके लिए 1,403 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे।
इसके बाद जिला परिषद के निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से 41 जिला प्रमुख चुने जाएंगे।
जिला प्रमुख के पदों की आरक्षण लॉटरी पहले ही हो चुकी है। इसी तरह पंचायत समिति स्तर पर प्रधान पदों की आरक्षण प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।
अब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
आरक्षण की लॉटरी ने पहले ही बदल दिया चुनावी गणित
पंचायत चुनाव से पहले सबसे अहम प्रक्रिया आरक्षण लॉटरी रही। जिला प्रमुख, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की गई है।
इससे कई संभावित दावेदारों का चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हुआ तो कई दावेदारों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी।
अब शनिवार को चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद आरक्षण के बाद बने समीकरण सीधे चुनावी मैदान में दिखाई देने लगेंगे।
कितने चरणों में होगा मतदान? शनिवार को खुलेगा राज
सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजस्थान पंचायत चुनाव कितने चरणों में होंगे?
इसलिए अब सबकी नजर 3 अक्टूबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है।
नामांकन से लेकर मतगणना तक पूरा कार्यक्रम होगा साफ
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही इन सवालों के जवाब मिल जाएंगे—
नामांकन कब शुरू होगा?
नामांकन की अंतिम तारीख क्या होगी?
नामांकन पत्रों की जांच कब होगी?
नाम वापसी की आखिरी तारीख क्या होगी?
चुनाव चिह्न कब मिलेंगे?
मतदान कितने चरणों में होगा?
सरपंच और पंच का मतदान कब होगा?
पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य का मतदान कब होगा?
मतगणना किस दिन होगी?
प्रधान और जिला प्रमुख का चुनाव कब होगा?
उपप्रधान और उपजिला प्रमुख का चुनाव कब होगा?
आयोग ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी इंतजामों पर भी काम तेज कर दिया है। हालिया दिशा-निर्देशों के अनुसार EVM के रैंडमाइजेशन और रिजर्व मशीनों को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है।
गांवों में आज से ही शुरू होगी असली चुनावी हलचल
चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही राजस्थान के हजारों गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होना तय है।
कहीं सरपंच पद के दावेदार अपने समर्थकों के साथ बैठक करेंगे, तो कहीं पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के लिए समीकरण बनाए जाएंगे। आरक्षण के बाद जिन उम्मीदवारों के लिए रास्ता खुला है, वे अब नामांकन की तैयारी में जुटेंगे।
गांवों की चौपालों पर अब सबसे ज्यादा चर्चा एक ही बात की होगी—
“कब भरना है पर्चा और कब है वोट?”
शनिवार दोपहर 3 बजे सबकुछ होगा साफ
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 को लेकर अब इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे राज्य निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम सामने आने की रिपोर्ट है। इसके साथ ही ग्रामीण राजस्थान का चुनावी माहौल आधिकारिक रूप से गर्म हो जाएगा।
14,403 सरपंच, हजारों पंच, 8,245 पंचायत समिति सदस्य, 457 प्रधान, 1,403 जिला परिषद सदस्य और 41 जिला प्रमुख—इन पदों के लिए होने वाले चुनाव का पूरा टाइमटेबल अब शनिवार को सामने आने वाला है।
यानी राजस्थान के गांवों में अब “चुनावी बिगुल” बजने में बस कुछ घंटे बाकी हैं।
