के्रशर धारकों ने लगाया सरपंच पर अवैद्य वसूली का आरोप

खबर - राजकुमार चोटिया 
गौशाला एवं विकास के नाम पर लिये गये 19 लाख का नहीं दिया हिसाब
सुजानगढ़- गत दिनों जिला कलेक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल के गोपालपुरा आगमन पर सरपंच सविता राठी एवं ग्राम वासियों द्वारा की गई शिकायत के बाद उपखण्ड अधिकारी दीनदयाल बाकोलिया द्वारा दिये गये नोटिस के जवाब में क्रेशर धारकों ने अपना जवाब दे दिया है। क्रेशर धारकों ने अपने जवाब में कहा है कि उनके द्वारा स्वीकृत क्षेत्र में ही खनन किया जा रहा है तथा खनन क्षेत्र के चारों तरफ विभागाुनसार पिलर बनाये हुए हैं तथा तारबंदी की हुई है। जिसकी जांच गत चार अगस्त 2017 को उच्चाधिकारियों द्वारा की गई। संयुक्त जांच रिपोर्ट होने के  बाद भी सरपंच गोपालपुरा द्वारा मौका रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया। जिसकी विभाग द्वारा रिकवरी निकाली गई। रिकवरी प्रकरण की अपील शासन सचिवालय में संयुक्त शासन सचिव खान के कार्यालय में विचाराधीन है। जवाब में बताया गया है कि पहले नाप फीते से होता था और अब जीएसपी से नाप किया जाता है, दोनो नाप में पांच से दस मीटर का अन्तर आता है, जिसे विभाग भी मानता है। जवाब में बताया गया है कि क्रेशर धारकों के पास रजिस्टर्ड एग्रीमेन्ट है, जो राजस्व रिकार्ड में  दर्ज है तथा पर्यावरण विभाग की स्वीकृति एवं प्रदूषण बोर्ड की अनुमति भी है। जवाब में सरपंच पर अवैद्य वसूली के लिए झूठी शिकायत करने का आरोप लगाते हुए बताया गया है कि खान विभाग द्वारा की गई अवैद्य खनन की जांच के बारे में सरपंच को भी अवगत करवाया हुआ है। जवाब में बताया गया है कि सरपंच ने अपने पहले कार्यकाल में भी नियमों से हट कर पंचायत टैक्स लगाकर अवैद्य वसूली की, जिसे हाईकोर्टद्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद बंद किया गया। जवाब में बताया गया है कि सरपंच द्वारा अपने इस कार्यकाल में भी गौशाला एवं क्षेत्र के विकास के नाम पर 19 लाख रूपये की वसूली की गई है, जिसका कोई हिसाब नहीं दिया गया है। हिसाब नहीं देने पर राशि देना बंद करने पर हमें परेशान करने के लिए अवैद्य खनन के नाम पर शिकायत की जा रही है। 

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