गुरु भी विधार्थी को अपने बच्चे की तरह उसके भविष्य का निर्माण करे: काबरा

खबर - पंकज पोरवाल 
कोदूकोटा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवंदन छात्र अभिनन्दन कार्यक्रम आयोजित
 भीलवाड़ा । प्रत्येक विद्यार्थी को गुरु का सम्मान करना चाहिए। गुरु भी विधार्थी को अपने बच्चे की तरह उसके भविष्य का निर्माण करे। हमे इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि विद्यार्थी देश का भविष्य है। संस्कारवान बालक के निर्माण से ही देश की प्रगति संभव है। एक श्रेष्ठ बालक ही देश का भविष्य निर्माता होता है। संस्कारवान बालक के निर्माण में जितना योगदान माता-पिता का होता है उससे कई अधिक गुरूजनों का होता है। माता-पिता के बाद गुरू ही ऐसा माध्यम है जो एक अबोध बालक को शिक्षित कर उसे समाज की मुख्य धारा से जोड़ता है। उक्त विचार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोदूकोटा में भारत विकास परिषद की विवेकानन्द शाखा द्वारा आयोजित गुरूवंदन छात्र अभिनंदन समारोह में मुख्य वक्ता भारत विकास परिषद के प्रान्तीय पदाधिकारी रामेश्वर काबरा ने सैंकड़ों विद्यार्थियों के समक्ष व्यक्त किए। इस मौके पर कार्यक्रम प्रभारी प्रह्लाद चेचाणी ने कहा कि जिस प्रकार मिट्टी का कोई मोल नहीं होता है लेकिन जब कुम्हार उसे आकार दे देता है तो उसका मूल्य बढ़ जाता है। उसी प्रकार  बालक का महत्व भी संस्कारवान होने पर बढ़ जाता है। उन्होंने अपने संक्षिप्त, सारगर्भित उदबोधन मे गुरु की महत्ता को बताया। समारोह के तहत व्याख्याताओ व विद्यार्थियों का सम्मान स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर किया गया। इस मौके पर शाखा के अनिल गोयल, अध्यक्ष ओमप्रकाश जागेटिया आदि मौजूद रहे। अंत में स्कूल ड्रेस वितरण राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई।

Share This