अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हिन्दुस्तान का ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा विद्यार्थी संगठन है: नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया

खबर - पंकज पोरवाल 
छात्र संघ उद्घाटन समारोह में हंगामा होते-होते बचा कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच सपन्न हुआ समारोह
 भीलवाड़ा। राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारियां जिस बेबाकी के लिए जाने जाते है उसी बेबाकी का नुमूना कटारियां ने आज एमएलवी कॉलेज में छात्र संघ उद्घाटन समारोह में दिखाया। कटारियां ने अपने उद्बोधन में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् व्यक्तिवाद के खिलाफ है। नेता प्रतिपक्ष कटारियां यहीं नहीं थमें उन्होने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चाकरी नहीं कर रहे है वे राष्ट्रसेवक है और उनका संगठन राष्ट्रसेवक बनने का जज्बा देता है।  कटारिया ने कहा, हमने किसी व्यक्ति की पूजा नहीं की। हम किसी व्यक्ति की नौकरी करने पैदा नहीं हुए हैं। चाहे देश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो चाहे कोई भी हो। हम उसकी चाकरी करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं। जो देश को आगे बढ़ाएगा उसकी मदद करेंगे। जो देश को रोकने का प्रयास करेगा उससे लड़ाई करेंगे। उन्होने अपने बात का आगे बढता हुआ बोला की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से निकला मैं एक सिपाही हुं जो राष्ट्र सेवा के लिए 18 महीने जेल में रहा और हमारे साथियों ने आपातकाल के दौरान असहनिय यातनाऐं झेली हम अपराधी नहीं थे बस हममें जज्बा था राष्ट्र व जनता के लिए लडने का। पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि विद्यार्थी परिषद केवल चुनाव लडने का अखाड़ा नहीं है। हमने विद्यार्थी परिषद को लबे समय तक चुनाव से बाहर रखते हुए भी रचनात्मक कार्य के आधार पर संगठन को हमने चलाया है। यह संगठन हिन्दुस्तान का ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा विद्यार्थी संगठन है। हम यह अभिमान नहीं करते कि हम ही चुने जाये। ना हम कभी यह कल्पना करते है विद्यार्थी जिसे चाहेगा उसे ही पसंद करते बनायेगा। जो भी चुनकर आता है उसको अपने कॉलेज के विकास को ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए। विद्यार्थियों की समस्याओं का निदान करना चाहिए। हम पढ़-लिखकर डिग्रीयां हासिल करने के बाद भी अगर देश के बारे में आपका और मेरा सोच सही नहीं है तो डिग्री को या चाटेंगे। हम सारा ज्ञान जो अर्जित कर रहे हैं। वह अपने और अपने परिवार के लिए नहीं बल्कि हमारे ज्ञान का अर्जन देश के लिए है। हिन्दुस्तान की आजादी में सबसे बड़ा योगदान विद्यार्थियों का है। वह चाहे इंग्लेण्ड में पढ़े हो या दुनिया में कहीं भी पढ़े लेकिन उन्होंने आजादी की अलख जगाई। विद्यार्थी जीवन देश की राजनीति को दिशा देने के लिए ताकतवर जगह है, लेकिन सोच ठीक हो तो। केवल कुर्सी प्राप्त करके जिन्दगी बनाना और अखबार में नाम आना से आपका नाम हो सकता है। देश को कुछ नहीं मिलता। देश के गरीब लोगों के खून- पसीने की बदौलत हम आज कॉलेज में पढ़ रहे हैं। कोई हमारा विरोध करें तो विरोध को बर्दाश्त करना हमारा काम है। उनका काम है वो करेंगे। हमकों दुनिया को जोड़कर चलना है तोड़कर नहीं चलना है। हम सब मिलकर कैसा देश बनायेंगे। इस बारे में सोचना है। यह जो छोटी सोच है ना मुझे भी टेलीफोन किया। कलक्टर साहब ने भी कहा। मैंने कहा मैं विद्यार्थी परिषद का एक कार्यकर्ता हूं। इन बातों से, धमकियों से जिन्दंगी में ना पहले कभी डरा हूं और ना ही कभी डरूंगा। मंच पर जो संगठन जिंदाबाद के नारे लगे है। वह कोई बुरी बात नहीं है। मैं उन दोनों भाईयों से भी नाराज नहीं हूं। उन्होंने कोई गलत नारा नहीं लगाया है। यह ठीक है कि उन्होंने डिस्टर्ब किया है। उन्होंने अपने संगठन जिंदाबाद के नारे लगाये है। इसमें कोई बुराई नहीं है। कल मान लो उनकी यहां यूनियन बन जाएगी। तो हम या कोई फंक्शन नहीं होने देंगे, कॉलेज नहीं चलने देंगे। यह कोई समझदारी की बात है। कांग्रेस का राज बन गया तो या करें हम सब जला डाले। यह तो नहीं हो सकता। थोड़ा सा सोच को बड़ा करो और सब मिलजुलकर आगे बढ़ो। 
समारोह में नारे लगाना पड़ा महंगा, एनएसयूआई के दो पदाधिकारियों को पुलिस ने दिखाया थाना
माणियलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय में मंगलवार को छात्रसंघ कक्ष के उद्घाटन व शपथ ग्रहण समारोह में हंगामा होते-होते बचा। मुख्य अतिथि पूर्व गृहमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने छात्र संघ कक्ष उद्घाटन के बाद मंच पर अपना संबोधन शुरू ही नहीं किया उससे पहले ही छात्र संघ संयुक्त सचिव मनोज खटीक ने मंच पर आगे आते हुए एनएसयूआई जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। समर्थन में महासचिव गिलूसिंह राणावत भी आगे बढ़ा लेकिन पुलिस ने दोनों को तत्काल मंच से नीचे उतार कर थाना दिखा दिया। बाद में मुख्य अतिथि के उद्बोधन समाप्त होने के बाद दोनों को वापस कॉलेज लाया गया। समारोह में पुलिस की सतर्कता से हंगामा होते-होते रह गया। मालूम हो कि मुख्य अतिथि कटारिया के कॉलेज समारोह में नहीं लाने और उनके स्थान पर पदाधिकारियों के माता-पिता को लाने के लिए पिछले तीन दिनों से विवाद चल रहा था। कटारिया का एनएसयूआई विरोध कर रही थी और उन्हें फोन पर नहीं आने की बात भी कही थी। जिसके चलते कॉलेज परिसर पूरी तरह छावनी में तब्दील रहा। सभी को परिचय पत्र देखकर ही अंदर प्रवेश दिया गया। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रितेश गुर्जर व अन्य पदाधिकारी जिन पर हंगामा करने की आशंका थी उन्हें पुलिस ने कॉलेज परिसर में भी नहीं आने दिया। समारोह में सांसद सुभाषचन्द्र बहेडिया, पूर्व मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर, शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी, अभाविप प्रांत संगठन मंत्री राजेश गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, समाजसेवी अशोक कोठारी, भगवानसिंह चैहान, आदि उपस्थित थे।  कार्यक्रम में शंकरलाल गुर्जर, उपाध्यक्ष बालकृष्ण शर्मा, महासचिव गिलूसिंह राणावत, संयुक्त सचिव मनोज खटीक को शपथ भी दिलाई गई। इससे पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी ने अपने उद्बोधन में कॉलेज के विकास के लिए 5 से 10 करोड़ रूपये डीएमएफडी के फंड से लगाने की घोषणा की। छात्र संघ अध्यक्ष शंकरलाल गुर्जर ने 25 वर्षों से कॉलेज में शारीरिक शिक्षक नहीं होने, खेल मैदान सही नहीं होने, व्याख्याताओं की कमी होने, ऑडिटोरियम बनाने की मांग की। 
छावनी में तब्दील हुआ महाविद्यालय
भीलवाड़ा माणिक्य लाल वर्मा छात्र महाविद्यालय आज पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी स्वयं कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। गुलाबचंद कटारिया के विरोध के मध्यनजर महाविद्यालय छावनी में तब्दील हुआ है। एनएसयूआई वाले कटारिया का विरोध कर रहे हैं। जिसको देखते हुए महाविद्यालय पूरी तरह से पुलिस के पहरे में है। पुलिस उप अधीक्षक शहर भंवर रणधीर सिंह कोतवाली प्रताप नगर, सुभाष नगर सदर आसपास के थानों सहित कई थाना अधिकारी मौजूद हैं। सभी छात्रों के आई कार्ड देखने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। पुलिस सभी पर पैनी नजर रखे हुए है।


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