डोर टू डोर कचरा संग्रहण कभी भी हो सकता है बंद

खबर - प्रशांत गौड़ 
-98 करोड़ के बकाया केचलते कंपनी ने पीछे खींच हाथ
-सफाई में बदत्तर हालात होने के आसार
जयपुर। सफाई पर जयपुर शहर के हालात और भी बिगड़ सकते है। डोर टू डोर कचरा संग्रहण कंपनी की विफलता के कारण पूरे शहर कचरे से अटा है। कंपनी मई माह से बकाया भुगतान नहीं होने की बात कह रही है। इसके कारण कंपनी ने अब तक आधे वाहन शहर की सड़कों से हटा चुकी है। आधे सफाईकर्मियों की छंटनी हो चुकी है। हर वार्ड में एक दिन छोड़कर एक दिन में कचरा उठ रहा है। अब कंपनी ने बकाया 98 करोड़ा का भुगतान नहीं होने पर  डोर टू डोर कचरा संग्रहण बंद करने की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार  पिंक सिटी के निवासियों को जल्द ही कचरे के निपटान में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि डोर-टू-डोर कचरा संग्रह करने वाली फर्म ने घोषणा की है कि वे कुछ दिनों के भीतर सेवाओं को बंद कर देंगे। फर्म के प्रतिनिधि ने कहा कि मई 2017 से जयपुर नगर निगम  पर लगभग 98 करोड़ रुपये बकाया है और लंबे समय से जयपुर नगर निगम को लगातार नोटिस के बाद फर्म  ने सेवा देना बंद करने का फैसला किया है।
फर्म के प्रबंधक केअनुसार कंपनी को इतने लंबे समय से बकाया है। सफाईकर्मचारी पैसा मांग रहे है। गाडिय़ों की मेटिनेंस के लिए खर्चा नहींहै। इन परिस्थितियों में कोई भी काम नहीं कर सकता है।  कंपनी के अनुसार वह लंबे समय से शहर में सेवाएं दे रही हैं लेकिन उनकी  कोई भी सुध नहीं हुई है। कंपनी के अनुसार इतना बड़ा भुगतान बकाया होने के बावजूद उसको देने की तरफ नगर निगम का ध्यान नहीं है 
नगर निगम के अनुसार कंपनी फेल 
नगर निगम के अनुसार सफाई कर्मचारी पूरी तरह फेल हो चुकी है।  जेएमसी अधिकारियों ने कहा कि  फर्म अपने कर्तव्यों को ठीक से पूरा नहीं कर रही है और कचरा संग्रहण में नियमित नहीं होने के खिलाफ  कई शिकायतें मिली हैं। शहर में स्वाकहता सर्वेक्षण के नोडल अधिकारी विनोद पुरोहित ने कहा कि  कंपनी को सबसे पहले भुगतान का दावा करने से पहले अपने कर्तव्यों को पूरा करना चाहिए। फर्म के खिलाफ बार-बार शिकायतें मिलती रही हैं लेकिन वे नहीं बदलते हैं। नगर निगम को बार-बार शिकायत मिली है कि वे घरों से इक_ा करने के बजाय डिपो से कचरा उठा रहे थे। 
सत्यापन में मिले 550 हूपर 
नगर निगम और कंपनी के बीच अब आपसी तकरार खुलकर सामने आ चुकी है। नगर निगम ने कंपनी पर पूरी तरह फेल होने की बात कह रही है। नगर निगम का दावा है कि उसने ही  वार्ड में शहर के सभी हूपर का भौतिक सत्यापन किया। कंपनी का दावा है कि शहर में 700 से अधिक हूपर हैं लेकिन सत्यापन में हमें केवल 550 हूपर मिले। एक हूपर लगभग 800 घरों से कचरा इक_ा कर सकता है लेकिन वे उचित चक्कर नहीं लगा रहे हैं। इसलिएए जमीनी हकीकत इससे अलग है कि वे दावा कर रहे हैं।
कचरे से परेशान है लोग
शहर में अब कचरा नहीं उठने से बीमारियां फै लने का खतरा है। रोड तक पर कचरे के ढेर लग रहे है। संसार चंद रोड, चौमू सर्किल, सी स्कीम, भाजपा कार्यालय के आसपास भी कचरे के ढेर दिखाई दे रहे है। नगर निगम मु यालय के आसपास भी कचरा के ढेर दिख रहे है। वहीं वार्ड में हालात बद से बदत्तर है हालात यह है कि घरों में कचरे की बाल्टियां भर चुकी है और लोग परेशान है। शहर इस समय स्वाइन लू जैसी गंभीर बीमारियों की जद में है ऐसे में सफाई पर सरकार का विशेष फोकस होना चाहिए लेकिन हालता बद से बदतर होते जा रहे है।
झगडों ों व्यस्त भाजपा बोर्ड
शहर में इस समय ााजपा बोर्ड के पास समस्त कमेटियां है। सफाई की तीन कमेटियां,सीवरेज कमेटी सहित बाकी कमेटिया पूरी तरह निष्क्रिय है। मेयर विष्णु लाटा बीमारी के कारण स्वास्थ्य लाभ ले रहे है लेकिन जिस भाजपा बोर्ड पर सफाई का जि ाा है उसके पार्षद आसपी झगड़ों में व्यस्त है।

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