लॉटरी निकलने के बाद कहीं खुशी कही गम तो कही लगा बाउंसर


खबर - प्रशांत गौड़ 

-जयपुर में दोनो महापौर होंगे ओबीसी महिला
-जोधपुर में भी पांच सीट ओबीसी के लिए रिजर्व
-अब 6 निगम प्रमुख महिलांए होंगी
-लॉटरी के बाद जयपुर महापौर लाटा निराश तो कहीं उम्मीदवारों के कटे पंख
जयपुर।  प्रदेश के 196 निकायों  में से 30 निकाय प्रमुख अनुसूचित जाति (एसीसी) और 6 अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से होंगे। राजधानी के दोनो निगमों में ओबीसी महिला के लिए रिजर्व निकली अब दोनों जगहों पर ओबीसी महिला महापौर होगी।बहुप्रतिक्षित आरक्षण लॉटरी के बाद कई चेहरों पर खुशी तो कहीं चेहरों पर गम तो कही जगहों पर मेयर या सभापत्ति प्रमुख प्रत्याशियों को खुद का बाउंसर लगता दिखा। जयपुर में भी ऐसी स्थिति रही जहां पर ओबीसी महिला चेहरा के लिए अब दोनों पार्टियों को बड़े चेहरे की तलाश रहेंगी हालांकि इसमें अब कई नेताओं ने अपने महिला परिजन को चुनाव लड़ाने की दौड़ में आगे दिखेंगे।
रविवार को डीएलबी भवन में निकाली गई लॉटरी में  राजधानी जयपुर के  दोनों नगर निगमों जयपुर ग्रेटर  और जयपुर हेरिटेज के महापौर के पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिलाके लिए आरक्षित हो गए जबकि यहां पर उम्मीद सामन्य महिला या सामन्य पुरूष की जा रही थी। जयपुर में आबादी का ज्यादा हिस्सा सामन्य वर्ग से है। जयपुर में स्वायत्त शासन भवन में रविवार शाम को विभाग के शासन सचिव भवानी सिंह देथा, नगर निगम आयुक्त वीपी सिंह, निदेशक प्रवीण कुमार समेत अन्य अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई।
मेयर हुए मायूस लौटरी से लौटें
 जयपुर के दोनों महापौर के पद अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के आरक्षित होने के बाद जयपुर नगर निगम के महापौर विष्णु लाटा मायूस हो गए और वे वहां से चले गए। वहीं प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर के दोनों नगर निगम के महापौर के पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो गए हैं। हालांकि लाटा ने कहा कि जयपुर में उन्होंने अच्छा काम किया और इसका लाभ कांग्रेस को मिलेगा।  इसके साथ अजमेर में ओबीसी के लिए 7 सीटें रिजर्व हो गई।
वहीं जोधपुर संभाग में 3 सीट एससीए 1 सीट एसटी और 5 सीट ओबीसी के लिए रिजर्व घोषित हुई हैं। वहीं अजमेर संभाग में 4 सीटें एससी और 7 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित हुई हैं। यहां एसटी के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं हुई हैं।
लॉटरी प्रकिया का हुआ विरोध
जयपुर सहित बाकी जिलों में लॉटरी प्रक्रिया के बाद रिजल्ट सामने आने पर कई राजनीतिक दलों के  लोगों ने आपत्ति जताई। लॉटरी के दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव महेश शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि 2014 में जो एससी के लिए आरक्षित थे वो अबकी बार आरक्षित क्यों नही हो सकते जबकि परिसीमन समेत अन्य सभी काम नए ढंग से हुए हैं।वहीं माकपा प्रतिनिधि ने अधिकारियों के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने दुव्र्यवहार किया है, जबकि निमंत्रण देकर बुलाया गया है उनकी पार्टी का नाम तक नहीं लिखा गया।



उदयपुर संभाग में कुल 22 निकाय



इनमें से एक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति,्र पांच ओबीसी के लिए और 11 निकाय सामान्य के लिए आरक्षित हुई।  उदयपुर संभाग में ओबीसी के लिए आरक्षित निकाय मेें प्रतापगढ़,उदयपुर,आमेट, राजसमंद्र, कपासन ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ। भरतपुर संभाग में सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित निकाय में  बयाना,नगर,राजाखेड़ा,कुम्हेर,टोडाभीम,गंगापुरसिटी आरक्षित हुई जबकि करौली,धौलपुर,कामां सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुए। बीकानेर संभाग में सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ। श्री गंगानगर, राजगढ़, बीकानेर, केसरीसिंहपुर, सुजानगढ़,पदमपुर सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ।  चूरू और सादुलपुरओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ। कोटा संभाग में सामान्य महिला के लिए आरक्षित निकाय में  कोटा दक्षिण, रामगंजमंडी अंता  छबड़ा झालावाड़  भवानीमंडी कैथून सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ। जोधपुर संभाग में सामान्य के लिए आरक्षित निकाय पोकरण,बिलाड़ा, फलौदी, जैसलमेर, सिरोही, शिवगंज,तख्तगढ़, जैतारण, सांचौरएरानी खुर्द और पिंडवाड़ा आरक्षित हुआ है।
मायूसी और अब सिर्फ मायूसी
जयपुर में हैरिटेज और ग्रेटर जयपुर में सामन्य पुरूष और महिला का मानस मानकर महापौर की तैयारी कर रहे बड़े नेताओं को अब सिर्फ मायूसी हाथ लगी और चेहरे गमगीन हो गए। जयपुर में ही कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मेयर पद की दौड़ में थे इनके बैनर पोस्टरों से जयपुर अट गया था। वहीं बीजेपी में तो एक विधायक, एक पूर्व विधायक, एक आयोग अध्यक्ष भी दौड़ में थी। अब यहां पर दोनों पार्टियों को नए सिरे से तैयारी करनी होगी।

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