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सेंट्रल पार्क में सूचना कियोस्क एवं वाई-फाई सुविधा का लोकार्पण

जयपुर। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री  राजपाल सिंह शेखावत ने कहा कि शहर मेें जनता को केंद्र बिंदु में रखकर उनकी आंकाक्षाओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं उनका अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए स्मार्ट सिटी की अवधारणा को आगे बढ़ाने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें।
 शेखावत ने बुधवार को यहां सेंट्रल पार्क में जयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण तथा सिस्को कंपनी के सहयोग से स्थापित सूचना कियोस्क एवं वाई-फाई सुविधा के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विचार प्रकट कर रहे थे। यह सुविधा सेंट्रल पार्क के साथ ही जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर स्थित जवाहर सर्कल पर भी सुलभ होगी। नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि विकास की अवधारणा में सड़क, सीवरेज तथा पुलों के साथ ही आमजन को उनकी आंकाक्षाओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाएं सुलभ कराने के प्रयास के तहत ही स्मार्ट सिटी का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार व जनता के पैसों का जन आंकाक्षाओं के अनुरूप अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय तथा समान विजन के साथ काम करने की आवश्यकता है।
श्री शेखावत ने कहा कि स्मार्ट सिटी उस शहर के मूल चरित्र एवं संस्कृति के अनुरूप विकसित हो, इसके लिए उस शहर के लोगों का सहयोग और उनके फीडबैक की भी महत्ती आवश्यकता होगी। हमारा प्रयास यह है कि सभी सुविधाओं, व्यवस्थाओं को कैसे एक ही स्थान पर लाया जाए, जिससे आम आदमी को कम समय में अधिक से अधिक जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ जनता तक सेवाओं का लाभ समय पर पहुंच सके, यही प्रयास किए जाएंगे। इससे पहले जेडीए आयुक्त  शिखर अग्रवाल ने कहा कि किसी भी शहर के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी आधारभूत संरचना के साथ अब बदलती जन आंकाक्षाओं के अनुरूप भी सुविधाएं देने का समय है। उन्होंने कहा कि जेडीए इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। पहले जहां हमारी राजस्व प्राप्ति करीब एक हजार करोड़ रुपए के नजदीक होती थी, वह पिछले एक साल में दुगुनी होकर अब दो हजार करोड़ रूपए तक पहुंच गई है। विकास पर हमारा व्यय भी एक हजार 800 करोड़ रूपए तक जा पहुंचा है। जेडीए ने आम आदमी को आवास देने की परिकल्पना पूरी करने के लिए विगत पांच वर्षों में करीब 9 हजार भूखण्डों के विरूद्घ पिछले एक वर्ष में ही विभिन्न आवासीय योजनाओं के तहत 20 हजार भूखण्ड उपलब्ध करवाए हंै।