खबर - मोहम्मद यासीन फारुकी
जोधपुर। अपने ही गुरूकुल में यौन उत्पीड़न के आरोप में जोधपुर जेल में बंद आसाराम के समर्थकों को काबू रखने में पुलिस को जोर आ रहा है। शहर में बड़ी संख्या में मौजूद आसाराम के समर्थक नित नए हथकंडे अपना रहे है। आसाराम के मिलने को सोमवार को जोधपुर कोर्ट में फर्जी पत्रकार बन पहुंचे उनके एक समर्थक को पुलिस ने पकड़ लिया। वहीं एक अन्य समर्थक आसाराम के साथ जेल में जाने की बात पर अड़ गया। पुलिस ने उसे भगाया तो जवाब में उसने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। आखिरकार मजबूरी में पुलिस को उसे गिरफ्तार करना पड़ा। आसाराम को सोमवार सुबह कोर्ट में लाने के दौरान एक युवक ने स्वयं को पत्रकार बताते हुए पुलिस सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आसाराम के निकट जाने लगा। इस पर पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस ने उसे पकड़ कर पूछताछ की तो वह खुद को पत्रकार बताते हुए उलझ पड़ा। इस पर पुलिस उसे पकड़ कर उदय मंदिर पुलिस थाने लेकर आ गई। थाने में उससे पूछताछ की जा रही है। उससे पूछताछ के दौरान एक और समर्थक भी पुलिस थाने पहुंच गया। इस समर्थक ने स्वयं को गिरफ्तारी के लिए पुलिस के समक्ष पेश किया। पुलिस ने उसे समझाया कि बगैर कोई कारण किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। लेकिन यह युवक अपनी बात पर अड़ गया। और कहने लगा कि गिरफ्तार कर उसे भी जेल भेज दो ताकि वह आसानी से आसाराम से मिल सके। पुलिस ने उसे पकड़ कर थाने से बाहर निकाल दिया। इससे आक्रोशित युवक ने वहां से पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने फिलहाल उसे थाने के हवालात में बैठा रखा है। पुलिस ने बताया कि उससे पूछताछ करेंगे इसके बाद कुछ निर्णय करेंगे। उल्लेखनीय है कि जोधपुर कोर्ट परिसर में आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले उनके पूर्व सेवादार पर चाकू से हमले के बाद से पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी है। इसके बाद से आसाराम के समर्थकों को कोर्ट परिसर के बाहर ही रोक दिया जाता है। वहीं आसाराम की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। किसी भी समर्थक को उनके करीब नहीं जाने दिया जाता है।
जोधपुर। अपने ही गुरूकुल में यौन उत्पीड़न के आरोप में जोधपुर जेल में बंद आसाराम के समर्थकों को काबू रखने में पुलिस को जोर आ रहा है। शहर में बड़ी संख्या में मौजूद आसाराम के समर्थक नित नए हथकंडे अपना रहे है। आसाराम के मिलने को सोमवार को जोधपुर कोर्ट में फर्जी पत्रकार बन पहुंचे उनके एक समर्थक को पुलिस ने पकड़ लिया। वहीं एक अन्य समर्थक आसाराम के साथ जेल में जाने की बात पर अड़ गया। पुलिस ने उसे भगाया तो जवाब में उसने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। आखिरकार मजबूरी में पुलिस को उसे गिरफ्तार करना पड़ा। आसाराम को सोमवार सुबह कोर्ट में लाने के दौरान एक युवक ने स्वयं को पत्रकार बताते हुए पुलिस सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आसाराम के निकट जाने लगा। इस पर पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस ने उसे पकड़ कर पूछताछ की तो वह खुद को पत्रकार बताते हुए उलझ पड़ा। इस पर पुलिस उसे पकड़ कर उदय मंदिर पुलिस थाने लेकर आ गई। थाने में उससे पूछताछ की जा रही है। उससे पूछताछ के दौरान एक और समर्थक भी पुलिस थाने पहुंच गया। इस समर्थक ने स्वयं को गिरफ्तारी के लिए पुलिस के समक्ष पेश किया। पुलिस ने उसे समझाया कि बगैर कोई कारण किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। लेकिन यह युवक अपनी बात पर अड़ गया। और कहने लगा कि गिरफ्तार कर उसे भी जेल भेज दो ताकि वह आसानी से आसाराम से मिल सके। पुलिस ने उसे पकड़ कर थाने से बाहर निकाल दिया। इससे आक्रोशित युवक ने वहां से पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने फिलहाल उसे थाने के हवालात में बैठा रखा है। पुलिस ने बताया कि उससे पूछताछ करेंगे इसके बाद कुछ निर्णय करेंगे। उल्लेखनीय है कि जोधपुर कोर्ट परिसर में आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले उनके पूर्व सेवादार पर चाकू से हमले के बाद से पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी है। इसके बाद से आसाराम के समर्थकों को कोर्ट परिसर के बाहर ही रोक दिया जाता है। वहीं आसाराम की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। किसी भी समर्थक को उनके करीब नहीं जाने दिया जाता है।
