कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी, विकास अधिकारी, ग्रामसेवक, एएनएम व मेट को मिलेंगे नोटिस
जैसलमेर। जिले में चल रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की हकीकत जानने के लिए रविवार को सवेरे-सवेरे गांवों में नरेगा कार्यस्थलों पर पहुंचे जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने श्रमिकों की उपस्थिति कम होने पर नाराजगी जताई और विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलक्टर ने अमरसागर , बरमसर व देवा गांवों में विभिन्न कार्यस्थलों का जायजा लिया और प्रत्येक स्थल पर श्रमिकों की हाजिरी ली। अधिकांश स्थलों पर स्वीकृत श्रमिकों की संख्या के बनिस्पत काफी कम उपस्थिति पाई गई। पेयजल व मेडिकल किट अधिकांश जगह पाया गया लेकिन कलक्टर ने छाया के लिए टैंट आदि की समुचित व्यवस्था तथा काम का नक्शा मौके पर ही रखे जाने के लिए भी अधिकारियों से कहा। कार्यस्थलों की स्थिति देखते हुए कलक्टर ने जैसलमेर बीडीओ को नोटिस देने के निर्देश दिए। इस दौरान उपखंड अधिकारी जी आर वैष्णव भी उनके साथ थे। कलक्टर शर्मा सबसे पहले अमरसागर के अबू टोबा नाडी खुदाई (विस्तार) कार्यस्थल पर सवेरे करीब 7.10 बजे पहुंचे, जहां मौके पर श्रमिक नहीं मिले। लौटते वक्त मेट सहित कुछ श्रमिक रास्ते में मिले। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलक्टर ने संबंधित मेट व ग्रामसेवक को नोटिस देने के निर्देश उपखंड अधिकारी को दिए। अमरसागर में ही दूसरे तालाब खुदाई व आगोर सफाई कार्यस्थल पर स्वीकृत 70 में से 27 श्रमिक उपस्थित मिले। कलक्टर ने कार्य पांच-पांच श्रमिकों के समूह में विभाजित किए जाने, दी गई टास्क को चूने से चिन्हित करने, टास्क के बारे में श्रमिकों को समुचित जानकारी देने के निर्देश दिए। यहां श्रमिकों द्वारा भुगतान में विलंब होने की शिकायत की गई, जिस पर कलक्टर ने संबंधित जेटीए को तत्काल भुगतान कराने के निर्देश दिए। कलक्टर ने इस मौके पर सभी श्रमिकों को बैंक में खाता खुलवाने की नसीहत दी। बाद में कलक्टर बरमसर स्थित रघुनाथ नाडी खुदाई कार्य का निरीक्षण किया, जिस पर मेडिकल किट नहीं पाए जाने पर संबंधित एएनएम को नोटिस देने के निर्देश दिए तथा मेट से पानी, छाया की व्यवस्था करने व चूने से टास्क की मार्किंग करने के निर्देश दिए। बरमसर में 70 वर्षीय ग्रामीण उगाराम ने सुथार पाडा, कुम्हार पाडा व हजूरी का पाडा में पेयजल किल्लत की बात कही, जिसे संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए कलक्टर ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को तत्काल काॅल किया और समस्या के निस्तारण के लिए कहा। बरमसर में पूर्व प्रधान देवीसिंह सहित ग्रामीणों ने पशु शिविर पुनः शुरू किए जाने एवं पेयजल व्यवस्था को बेहतर ढंग से बनाए रखने का आग्रह किया, जिस पर कलक्टर ने शिविर के लिए निर्धारित स्थान देखा और छाया-पानी की समुचित व्यवस्था की आवश्यकता जाहिर करते हुए उपखंड अधिकारी से कहा कि वे तहसीलदार से जांच कराते हुए इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करें। देवा ग्राम स्थित धरपाळी नाडी खुदाई कार्य पर 70 में से 33 श्रमिक मौजूद पाए गए। देवा में ही खोखण नाडी खुदाई कार्य पर 59 में से 29 श्रमिक मिले। जिस पर कलक्टर ने मेट से कहा कि वे मजदूरों को नए समय की जानकारी दें। कलक्टर ने सभी स्थानों पर श्रमिकों की पेयजल, छाया, मेडिकल किट आदि व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ की तथा श्रमिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानीं। इस मौके पर कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि श्रमिकों को भुगतान किसी भी सूरत में पंद्रह दिन में हो जाना चाहिए। इस दौरान कनिष्ठ तकनीकी सहायक भूपेंद्र, मुनिराज मीणा, सुरेश मीणा आदि भी साथ रहे।
जैसलमेर। जिले में चल रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की हकीकत जानने के लिए रविवार को सवेरे-सवेरे गांवों में नरेगा कार्यस्थलों पर पहुंचे जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने श्रमिकों की उपस्थिति कम होने पर नाराजगी जताई और विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलक्टर ने अमरसागर , बरमसर व देवा गांवों में विभिन्न कार्यस्थलों का जायजा लिया और प्रत्येक स्थल पर श्रमिकों की हाजिरी ली। अधिकांश स्थलों पर स्वीकृत श्रमिकों की संख्या के बनिस्पत काफी कम उपस्थिति पाई गई। पेयजल व मेडिकल किट अधिकांश जगह पाया गया लेकिन कलक्टर ने छाया के लिए टैंट आदि की समुचित व्यवस्था तथा काम का नक्शा मौके पर ही रखे जाने के लिए भी अधिकारियों से कहा। कार्यस्थलों की स्थिति देखते हुए कलक्टर ने जैसलमेर बीडीओ को नोटिस देने के निर्देश दिए। इस दौरान उपखंड अधिकारी जी आर वैष्णव भी उनके साथ थे। कलक्टर शर्मा सबसे पहले अमरसागर के अबू टोबा नाडी खुदाई (विस्तार) कार्यस्थल पर सवेरे करीब 7.10 बजे पहुंचे, जहां मौके पर श्रमिक नहीं मिले। लौटते वक्त मेट सहित कुछ श्रमिक रास्ते में मिले। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलक्टर ने संबंधित मेट व ग्रामसेवक को नोटिस देने के निर्देश उपखंड अधिकारी को दिए। अमरसागर में ही दूसरे तालाब खुदाई व आगोर सफाई कार्यस्थल पर स्वीकृत 70 में से 27 श्रमिक उपस्थित मिले। कलक्टर ने कार्य पांच-पांच श्रमिकों के समूह में विभाजित किए जाने, दी गई टास्क को चूने से चिन्हित करने, टास्क के बारे में श्रमिकों को समुचित जानकारी देने के निर्देश दिए। यहां श्रमिकों द्वारा भुगतान में विलंब होने की शिकायत की गई, जिस पर कलक्टर ने संबंधित जेटीए को तत्काल भुगतान कराने के निर्देश दिए। कलक्टर ने इस मौके पर सभी श्रमिकों को बैंक में खाता खुलवाने की नसीहत दी। बाद में कलक्टर बरमसर स्थित रघुनाथ नाडी खुदाई कार्य का निरीक्षण किया, जिस पर मेडिकल किट नहीं पाए जाने पर संबंधित एएनएम को नोटिस देने के निर्देश दिए तथा मेट से पानी, छाया की व्यवस्था करने व चूने से टास्क की मार्किंग करने के निर्देश दिए। बरमसर में 70 वर्षीय ग्रामीण उगाराम ने सुथार पाडा, कुम्हार पाडा व हजूरी का पाडा में पेयजल किल्लत की बात कही, जिसे संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए कलक्टर ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को तत्काल काॅल किया और समस्या के निस्तारण के लिए कहा। बरमसर में पूर्व प्रधान देवीसिंह सहित ग्रामीणों ने पशु शिविर पुनः शुरू किए जाने एवं पेयजल व्यवस्था को बेहतर ढंग से बनाए रखने का आग्रह किया, जिस पर कलक्टर ने शिविर के लिए निर्धारित स्थान देखा और छाया-पानी की समुचित व्यवस्था की आवश्यकता जाहिर करते हुए उपखंड अधिकारी से कहा कि वे तहसीलदार से जांच कराते हुए इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करें। देवा ग्राम स्थित धरपाळी नाडी खुदाई कार्य पर 70 में से 33 श्रमिक मौजूद पाए गए। देवा में ही खोखण नाडी खुदाई कार्य पर 59 में से 29 श्रमिक मिले। जिस पर कलक्टर ने मेट से कहा कि वे मजदूरों को नए समय की जानकारी दें। कलक्टर ने सभी स्थानों पर श्रमिकों की पेयजल, छाया, मेडिकल किट आदि व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ की तथा श्रमिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानीं। इस मौके पर कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि श्रमिकों को भुगतान किसी भी सूरत में पंद्रह दिन में हो जाना चाहिए। इस दौरान कनिष्ठ तकनीकी सहायक भूपेंद्र, मुनिराज मीणा, सुरेश मीणा आदि भी साथ रहे।