Breaking News

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

राज्यपाल ने छात्रवृत्ति प्रक्रिया के सरलीकरण हेतु दिये सुझाव

जयपुर। राज्यपाल कल्याण सिंह ने अनुसूचित क्षेत्र वाले पांच जिलों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा वर्ग एवं विषेष पिछडा वर्ग के उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के निस्तारण में समयबद्वता और पारदर्षिता की आवश्यकता पर जोर दिया है।  सिंह ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन से लेकर बैंक खातों में हस्तांतरण तक की प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों को चिन्हित कर उन्हें सरलीकृत करने के लिए राज्य सरकार को सुझाव दिये हंै।   राज्यपाल श्री सिंह ने राज्यपाल सचिवालय के जनजाति प्रकोष्ठ की समीक्षा की। उन्होंने छात्रवृत्ति के सम्बन्ध में गत दिनों विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित समाचारों और राज भवन को मिले ज्ञापनों को गम्भीरता से लिया है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 244 (1) एवं अनुसूची ट के अन्तर्गत राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़ एवं सिरोही जिलों में राज्यपाल के विषेष दायित्व निर्धारित हैं।   राज्यपाल का मानना है कि आवेदन करने से लेकर विद्यार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति की धनराषि के हस्तांतरण तक के निर्धारित प्रत्येक चरण को सरलीकृत किया जाना चाहिए और इस कार्य मेें आ रहे अवरोधों को दूर करने के लिए नियमित अनुश्रवण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति के लिए जिस समय विज्ञापन प्रकाषित हो, उसी समय आवेदन पत्रों के साथ संलग्न किये जाने वाले समस्त प्रपत्रों की सूचना भी विद्यार्थियों को दे दी जानी चाहिए व इसी प्रकार की व्यवस्था आॅनलाइन प्रार्थना पत्रों  के साथ भी कर दी जानी चाहिए ताकि विद्यार्थी अनावश्यक परेशानियों से बच सकें।   सिंह का मानना है कि संस्था के स्तर पर ही आवेदन पत्रों की पूर्ण जाँच होकर संस्था प्रधान द्वारा मय अनुषंषा के आवेदन पत्र आॅनलाइन ही अग्रेषित कर दिये जाने चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि संस्थाओं द्वारा अग्र्रेषित किये गये आवेदन पत्रों की पुनः जाँच विभाग स्तर पर किये जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि परिक्षण की यह प्रक्रिया कम समय मेें पारदर्षी ढंग से पूर्ण किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। राज्यपाल ने छात्रवृत्ति के आवेदन पत्रों में पायी जाने वाली कमियों एवं उन्हंेे पूरा कराने की सूचना कार्यालय स्तर पर चस्पा किये जाने के  बजाय विद्यार्थी को मोबाईल पर एसएमएस अथवा ई-मेल से दिये जाने की व्यवस्था पर विचार करने के लिए कहा है। विद्यार्थियों के बैंक खातों में राषि हस्तांतरण की विभाग स्तर पर नियमित रूप से निगरानी एवं समीक्षा करने की राज्यपाल  सिंह ने आवश्यकता जताई है। राज्यपाल श्री सिंह का मानना है कि छात्रवृत्ति का भुगतान समय पर नहीं होने से विद्यार्थी एवं उसका परिवार आर्थिक एवं मानसिक रूप से तनाव में आ जाता है। सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के लोग अपने अध्ययनरत बच्चों की उच्च षिक्षा पर होने वाले खर्च को वहन करने में असमर्थ होते हैं। राज्यपाल ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर छात्रवृत्ति के भुगतान की व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए सुझाव दिये हैं।

---