खबर - जीतेन्द्र सिंह राजावत
जयपुर। आरक्षण की मांग को लेकर पटरी पर बैठे गुर्जरों से शांतिपूर्ण समझाइश के लिए सरकार दिनरात प्रयास कर रही है। इधर, गुर्जर नेता बिना किसी ठोस मसौदे के सरकार के वार्ता करने के लिए राजी नहीं हो रहें हैं। इसके चलते अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच चिठ्ठियों का दौर शुरू हो गया है। सरकार की ओर से कल जयपुर में वार्ता के लिए भेजी गई चिठ्ठी के जवाब में आज सुबह आंदोलन के अगुवा किरोडी सिंह बैंसला ने बयाना में वार्ता का पत्र भेजा है। इसके लिए अलसुबह बैंसला ने गुर्जर समाज के पंच पटेलों से वार्ता की और सरकार को बातचीत के लिए बयाना में ही आने के लिए कहा है।
इधर, सिकन्दरा चौराहे पर कल दोपहर से ही हथियारबंद गुर्जरों ने जाम लगा दिया जिसके कारण इस मार्ग से यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है। इसके कारण यूपी जाने वाली रोडवेज की बसों को दूसरे मार्ग से संचालित किया जा रहा है। आंदोलन के कारण हो रहे यातायात जाम से रोडवेज को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क मार्ग जाम होने के बाद रोडवेज की 400 बसों का संचालन नहीं हो पाया है। इधर, सिकन्दरा में गुर्जरों के आक्रामक रवैये से परेशान अन्य समाज के लोगों के लामबंद होने की भी खबर है। खूफिया विभास से इसकी जानकारी मिलने के बाद सरकार ने वहां वर्ग संघर्ष रोकने के लिए अतिरिक्त जाप्ता तैनात कर दिया है।
अब सरकार गुर्जरों से वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने पर विचार रही है। आज सुबह भी मुयमंत्री ने अधिकारियों और मंत्रियों से इस बारे में चर्चा की है। बताया जा रहा है कि मोदी सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में होने वाले कार्यक्रमों के चलते प्रभारी मंत्री अपने जिलो के लिए रवाना हो गए हैं। इसके चलते बयाना जाने के लिए मंत्रियों की समिति के सदस्य भी यहां नहीं है।