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राजस्थान सीआईआई के सौ से ज्यादा सदस्यों ने त्याग दी एलपीजी सब्सिडी

जयपुर. आईआई ने गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के प्रति दिया ध्यान एलपीजीसब्सिडी छोडऩे की मु य वजह जरूरत मंदों को लाभ पहुंचाना जयपुर। घरेलू एलपीजीका एक बड़ा आधार है। यह जरूरतमंदों के लिए सरकार द्वारा प्रदान की गई एक सुविधाहै। राष्ट्रीय निर्माण के लिए जरूरत है ऐसे सिटिजंस की जो सब्सिडी और सरकार द्वाराप्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए पूरे दाम चुकाएं। जिससे कि यह सब्सिडीजरूरतमंदों तक पहुंच सके। यह राष्ट्रीय निर्माण में सबसे अहम योगदान होगा। यहकहना है सीआईआई राजस्थान स्टेट काउंसिल के चेयरमैन सुरेश के पोददर का।उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता यह है कि एलपीजी कंज्यूमर को जागरूक कियाजाए कि वह खुद एलपीजी सब्सिडी छोड़ें और सिलेंडर को पूरे दाम में खरीदें। उन्होंनेकहा कि घरेलू सिलेंडर पर भारी सब्सिडी होती है। हरेक सिलेंडर पर करीब दो सौ रुपयेकी सब्सिडी होती है। ऐसी स्थिति में सरकार पर सब्सिडी का सबसे ज्यादा बोझ पड़ताहै। सरकार पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बोझ पड़ जाता है। यह रुपया यदि बचे तो उसकेमाध्यम से राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। सीआईआई राजस्थान के डायरेक्टरऔर स्टेट हेड नितिन गुप्ता ने कहा कि सीआईआआई सरकार द्वारा लांच की गई आप्टआउट सब्सिडी स्कीम का स्वागत करता है। इसका उद्देश्य है कि जो लोग एलपीजीसिलेंडर के पूरे दाम चुका सकते हैं वह वालंटरी रूप से अपनी सब्सिडी छोड़ दें। उन्होंनेकहा कि यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि सौ सीआईआई सदस्यों ने आप्ट आउटऑफ सब्सिडी स्कीम को साइन किया है। जल्द ही कई अन्य सदस्य भी इस स्कीम कोअपनाएंगे। सीआईआई राजस्थान स्टेट काउंसिल के वाइस चेयरमैन रजत अग्रवाल नेकहा कि सीआईआई सदस्य और आम लोग इस स्कीम को अपनाने और अपनी रुचिदिखाने के लिए वेबसाइट 222ण्द्व4द्यश्चद्दण्द्बठ्ठण् के माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी सब्सिडी छोड़ेजिससे कि जरूरतमंदों तक यह सुविधा पहुंच सके।