जैसलमेर। जिले के रामगढ वन क्षेत्र में रविवार को अचानक लगी आग लग गई, जैसे ही सवेरे करीब 11 बजे लगी इस आग की जानकारी जैसे ही प्रशासन को मिली, तत्काल जैसलमेर तहसीलदार पीतांबर दास राठी और रामगढ एसएचओ मोहन लाल विश्नोई मौके पर पहुंचे और समस्त कार्यवाही का नियंत्रण अपने हाथ में लेते हुए आग बुझाने के लिए जरूरी प्रयास शुरू कर दिए। इस दौरान जैसलमेर नगर परिषद की दो, एयर फोर्स की एक, रामगढ थर्मल पावर प्लांट की दो तथा दो अन्य दमकल मौके पर बुलाई गई तथा राजस्थान स्टेट माईनिंग एंड मिनरल डवलपमेंट काॅरपोरेशन की ओर से भेजे गए तीन लोडर सहित उपलब्ध समस्त उपकरणों-संसाधनों को काम में लेते हुए अथक प्रयास करते हुए आग बुझाने की कार्यवाही की गई। कार्यवाही में पुलिस के जवानों का विशेष योगदान रहा तथा बीएसएफ की विभिन्न कमानों के करीब 100 जवानों ने अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभाई। सरपंच गोविंद भार्गव व पूर्व सरपंच हुक्माराम प्रजापत सहित ग्रामीणों ने भी आगे बुझाने में भरपूर सहयोग किया। तहसीलदार राठी ने बताया कि वन विभाग की नर्सरी से शुरू हुई आग ने बीएसएफ के कैंप को चपेट में लिया और दरगाह तक पहुंच चुकी थी। दमकलें समय पर नहीं पहुंचती और आग पर काबू नहीं पाया जाता तो नहर के छोरों पर खड़े सूखे बबूल के जरिए भोजराज की ढाणी भी चपेट में आ सकती थी। आग लगने के बाद जिसे जो साधन मिला, उससे से आग पर नियंत्रण के प्रयास किए। आग पर काबू होने के बाद सबने राहत की सांस ली। कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने लगातार फोन पर संपर्क बनाए रखा और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते रहे।
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