खबर - मोहम्मद यासीन फारुकी
जोधपुर। आज कल सोशल मीडिया का बोल बाला जबरदस्त है। हर किसी को सोशल मीडिया का फोबिया नजर आता है। मगर सोशल मीडिया का दुरूपयोग भी जम कर हो रहा है। झूठी खबरें, झूठे पोस्ट, किसी पर अनवाश्यक कटाक्ष, धार्मिक कटाक्ष करना हर कोई अपनी शान और पहला फर्ज समझता है। फेसबुक, व्हाटस एप, ट्वीटर जैसी सोशल साइट्स पर हर कोई आने वाले पोस्टों को इतनी जल्दी फाॅरवर्ड करता नजर आता है जैसे उसे उस पोस्ट को अधिक फैलाने पर कोई इनाम या राशि मिलने वाली हो। वह जल्दबाजी में और दुनिया को यह बताने के लिए कि वह कितना एक्टिव और होनहार है कि उसे किसी घटना की जानकारी मिलते ही सबसे पहले अपने सर्कल में शेयर करते हुए एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय दे डालता है । लेकिन इस जल्दबाजी में वह यह भूल जाता है कि मैं जिस पोस्ट को भावुक होकर आगे फाॅरवर्ड कर रहा हूं उसकी असलियत कहां तक सही है। कहीं वह झूठी या बेबुनियाद तो नहीं है। इसी तरह का एक वाकिया आज जोधपुर में देखने को मिला। एक युवक को व्हाटस एप पर झूठी खबर डालना मंहगा पड़ गया।
रविवार दोपहर को व्हाटस एप एक खबर और फोटो जबरदस्त वायरल हुआ कि चैपासनी रोड नसरानी सिनेमा के सामने स्थित पेट्रोल पम्प पर विस्फोट के बाद आग लगी। यह पोस्ट जंगल में आग की तरह फैलती गई। जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इस संदर्भ में सरदारपुरा पुलिस ने एक व्यक्ति को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। सोशल साइट्स व्हाटस एप पर पेट्रोल पम्प में आग व धमाके की गलत सूचना डालना एक युवक को भारी पड़ गया। पुलिस ने इस युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि रविवार को किसी ने व्हाटस एप पर पेट्रोल पंप पर आग व धमाके की सूचना व फोटो डाल दी जबकि यह फोटो नागपुर की थी और वह घटना भी 9 मई की बताई गई है। इस झूठी सूचना व फोटो के कारण पुलिस भी मौके पर पहुच गई लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। जांच करने पर पता चला कि यह झूठी सूचना सरदारपुरा बी रोड निवासी मूलचंद मंगल पुत्र गोरधनराम ने डाली थी। सरदारपुरा पुलिस ने उसे शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
जोधपुर। आज कल सोशल मीडिया का बोल बाला जबरदस्त है। हर किसी को सोशल मीडिया का फोबिया नजर आता है। मगर सोशल मीडिया का दुरूपयोग भी जम कर हो रहा है। झूठी खबरें, झूठे पोस्ट, किसी पर अनवाश्यक कटाक्ष, धार्मिक कटाक्ष करना हर कोई अपनी शान और पहला फर्ज समझता है। फेसबुक, व्हाटस एप, ट्वीटर जैसी सोशल साइट्स पर हर कोई आने वाले पोस्टों को इतनी जल्दी फाॅरवर्ड करता नजर आता है जैसे उसे उस पोस्ट को अधिक फैलाने पर कोई इनाम या राशि मिलने वाली हो। वह जल्दबाजी में और दुनिया को यह बताने के लिए कि वह कितना एक्टिव और होनहार है कि उसे किसी घटना की जानकारी मिलते ही सबसे पहले अपने सर्कल में शेयर करते हुए एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय दे डालता है । लेकिन इस जल्दबाजी में वह यह भूल जाता है कि मैं जिस पोस्ट को भावुक होकर आगे फाॅरवर्ड कर रहा हूं उसकी असलियत कहां तक सही है। कहीं वह झूठी या बेबुनियाद तो नहीं है। इसी तरह का एक वाकिया आज जोधपुर में देखने को मिला। एक युवक को व्हाटस एप पर झूठी खबर डालना मंहगा पड़ गया।
रविवार दोपहर को व्हाटस एप एक खबर और फोटो जबरदस्त वायरल हुआ कि चैपासनी रोड नसरानी सिनेमा के सामने स्थित पेट्रोल पम्प पर विस्फोट के बाद आग लगी। यह पोस्ट जंगल में आग की तरह फैलती गई। जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इस संदर्भ में सरदारपुरा पुलिस ने एक व्यक्ति को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। सोशल साइट्स व्हाटस एप पर पेट्रोल पम्प में आग व धमाके की गलत सूचना डालना एक युवक को भारी पड़ गया। पुलिस ने इस युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि रविवार को किसी ने व्हाटस एप पर पेट्रोल पंप पर आग व धमाके की सूचना व फोटो डाल दी जबकि यह फोटो नागपुर की थी और वह घटना भी 9 मई की बताई गई है। इस झूठी सूचना व फोटो के कारण पुलिस भी मौके पर पहुच गई लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। जांच करने पर पता चला कि यह झूठी सूचना सरदारपुरा बी रोड निवासी मूलचंद मंगल पुत्र गोरधनराम ने डाली थी। सरदारपुरा पुलिस ने उसे शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
