अजमेर में बनेगा महर्षि सरस्वती का स्मारक, संयोगिता के नाम पर शुरू होगी
अजमेर। सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जीवनी अब राज्य के विभिन्न स्तर के स्कूल कॉलेजों के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाएगी। पृथ्वीराज चौहान पर शोध एवं अन्य उल्लेखनीय कार्यों के लिए 51 हजार रुपए का पुरस्कार मिलेगा। तारागढ़ पर ग्रेट वॉल ऑफ अजयमेरू के निर्माण के प्रयास होंगे। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित विभिन्न योजनाओं का नामकरण रानी संयोगिता के नाम पर किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण घोषणाएं शुक्रवार को अजमेर के पृथ्वीराज स्मारक पर आयोजित सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयन्ती समारोह में केन्द्र व राज्य सरकार के मंत्रियों द्वारा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री प्रो. सांवर लाल जाट, शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी,महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल एवं राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने यह महत्वपूर्ण घोषणाएं की। सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयन्ती शुक्रवार को अजमेर के पृथ्वीराज स्मारक पर रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनायी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के युवाओं को इन महान व्यक्तित्व और इनके प्रेरणादायी प्रसंगों से परिचित कराने के लिए उन्हें पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य सरकार जाति और धर्म के राजनीति से ऊपर उठकर सभी के विकास और उन्न्ति के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में प्रेरणादायी व्यक्तियों के लिए बनाएं जा रहे स्मारकों में उन सभी लोगों को शामिल किया जा रहा है। जिनका देश के प्रति योगदान है। उन्होंने कहा कि अजमेर की तारागढ़ पहाड़ी पर ग्रेट वॉल ऑफ अजयमेरू के निर्माण एवं सुद्ढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा हरसंभव मदद की जाएगी। कर्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय जलसंसाधन राज्य मंत्री प्रो. सांवर लाल जाट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। केन्द्र सरकार ने गांव और गरीब सहित आम आदमी को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की है। केन्द्र सरकार की 12 रुपए में बीमा योजना, अटल पेंशन योजना सहित कई अन्य योजनाएं है जिनसे गरीब एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जनधन योजना के तहत 15 करोड़ लोगों के शून्य बेलेंस पर बैंक खाते खुलवाकर ऐतिहासिक कार्य किया है। केन्द्र व राज्य में दोनों जगह सरकारे जनता के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पृथ्वीराज चौहान को हमेशा याद किया जाता रहेगा। याद उन्ही को किया जाता है जिन्होंने अपना जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। राज्य सरकार ने उनके योगदान को याद करते हुए अजमेर के राजकीय महाविद्यालय का नाम सम्राट पृथ्वीराज चौहान महाविद्यालय कर दिया। शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश की स्कूलों में अब नए पाठ्यक्रम में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जीवनी पढ़ाई जाएगी। राज्य सरकार ने देश व समाज के प्रति बलिदान एवं त्याग करने वाले महापुरूषों को सम्मान देने तथा युवाओं को देशभक्ति व समाज सेवा की सीख देने के लिए ऐसे महापुरूषों को विद्यालयों के पाठ्क्रम में शामिल करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि इस सत्र से महान महाराणा प्रताप, वीर सांवरकर, हेमूकालानी सहित अन्य महापुरूषों की जीवनी पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें यह सोच बदलनी होगी की हमारा अतीत गौरवशाली था। हमारा वर्तमान भी गौरवशाली है। भारत विश्व गुरू था और विश्व गुरू रहेगा। हमें युवा पीढ़ी में संकल्प और संस्कार विकसित करने होंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने मातृभूमि की रक्षा और देश की आन-बान-शान पर मर मिटने का जो उदाहरण पेश किया उसके लिए हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे। हमें यह भी याद रखना होगा की उनकी रानी संयोगिता सदैव उनकी प्रेरणा बनी रही। सम्राट पृथ्वीराज की सफलताओं के पीछे संयोगिता का भी योगदान रहा। इस योगदान को सम्मानित करने एवं युवा पीढ़ी को संयोगिता के योगदान से परिचित कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की जाने वाली योजनाओं का नामकरण संयोगिता के नाम पर किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान देश की अस्मिता और आन-बान-शान के प्रतीक हैं। देश को उनका योगदान कभी भुलाया नही जा सकता। देश की अस्मिता की रक्षा के लिए प्राणों का त्याग करने वालों में उनका नाम सदैव अग्रणी रहेगा। लखावत ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का पूरा जीवन प्रेरणास्पद है। उनके जीवन के अध्ययन के बिना देश की रक्षा नीति बन ही नही सकती। उनके जीवन से प्रेरणा ली जाए तो आंतकवाद का समूल नाश किया जा सकता है। इतिहास को समझने के लिए पृथ्वीराज चौहान का अध्ययन आवश्यक है। लखावत ने अगले वर्ष से पृथ्वीराज चौहान स्मारक समिति द्वारा 51 हजार रुपए पुरस्कार देने की भी घोषणा की। कर्यक्रम को संबोधित करते हुए सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द ने कहा कि आज देश के प्रत्येक व्यक्ति में देशभक्ति का संस्कार विकसित किए जाने की आवश्यकता है। पृथ्वीराज चौहान जैसे प्रेरणादायी व्यक्ति का जीवन इसका सर्वोत्तम स्त्रोत है। उन्होंने अजमेर में महर्षि दयानन्द सरस्वती का स्मारक तैयार करने में हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। कर्यक्रम को संबोधित करते हुए महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडानी ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान शौधपीठ के माध्यम से पूरे देश में पृथ्वीराज चौहान का महत्व प्रतिपादित करने के प्रयास पूरी गम्भीरता से किए जाएंगे। इससे पूर्व समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में पृथ्वीराज चौहान जयन्ती आयोजन के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
अजमेर। सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जीवनी अब राज्य के विभिन्न स्तर के स्कूल कॉलेजों के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाएगी। पृथ्वीराज चौहान पर शोध एवं अन्य उल्लेखनीय कार्यों के लिए 51 हजार रुपए का पुरस्कार मिलेगा। तारागढ़ पर ग्रेट वॉल ऑफ अजयमेरू के निर्माण के प्रयास होंगे। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित विभिन्न योजनाओं का नामकरण रानी संयोगिता के नाम पर किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण घोषणाएं शुक्रवार को अजमेर के पृथ्वीराज स्मारक पर आयोजित सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयन्ती समारोह में केन्द्र व राज्य सरकार के मंत्रियों द्वारा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री प्रो. सांवर लाल जाट, शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी,महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल एवं राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने यह महत्वपूर्ण घोषणाएं की। सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयन्ती शुक्रवार को अजमेर के पृथ्वीराज स्मारक पर रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनायी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के युवाओं को इन महान व्यक्तित्व और इनके प्रेरणादायी प्रसंगों से परिचित कराने के लिए उन्हें पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य सरकार जाति और धर्म के राजनीति से ऊपर उठकर सभी के विकास और उन्न्ति के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में प्रेरणादायी व्यक्तियों के लिए बनाएं जा रहे स्मारकों में उन सभी लोगों को शामिल किया जा रहा है। जिनका देश के प्रति योगदान है। उन्होंने कहा कि अजमेर की तारागढ़ पहाड़ी पर ग्रेट वॉल ऑफ अजयमेरू के निर्माण एवं सुद्ढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा हरसंभव मदद की जाएगी। कर्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय जलसंसाधन राज्य मंत्री प्रो. सांवर लाल जाट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। केन्द्र सरकार ने गांव और गरीब सहित आम आदमी को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की है। केन्द्र सरकार की 12 रुपए में बीमा योजना, अटल पेंशन योजना सहित कई अन्य योजनाएं है जिनसे गरीब एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जनधन योजना के तहत 15 करोड़ लोगों के शून्य बेलेंस पर बैंक खाते खुलवाकर ऐतिहासिक कार्य किया है। केन्द्र व राज्य में दोनों जगह सरकारे जनता के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पृथ्वीराज चौहान को हमेशा याद किया जाता रहेगा। याद उन्ही को किया जाता है जिन्होंने अपना जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। राज्य सरकार ने उनके योगदान को याद करते हुए अजमेर के राजकीय महाविद्यालय का नाम सम्राट पृथ्वीराज चौहान महाविद्यालय कर दिया। शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश की स्कूलों में अब नए पाठ्यक्रम में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जीवनी पढ़ाई जाएगी। राज्य सरकार ने देश व समाज के प्रति बलिदान एवं त्याग करने वाले महापुरूषों को सम्मान देने तथा युवाओं को देशभक्ति व समाज सेवा की सीख देने के लिए ऐसे महापुरूषों को विद्यालयों के पाठ्क्रम में शामिल करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि इस सत्र से महान महाराणा प्रताप, वीर सांवरकर, हेमूकालानी सहित अन्य महापुरूषों की जीवनी पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें यह सोच बदलनी होगी की हमारा अतीत गौरवशाली था। हमारा वर्तमान भी गौरवशाली है। भारत विश्व गुरू था और विश्व गुरू रहेगा। हमें युवा पीढ़ी में संकल्प और संस्कार विकसित करने होंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने मातृभूमि की रक्षा और देश की आन-बान-शान पर मर मिटने का जो उदाहरण पेश किया उसके लिए हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे। हमें यह भी याद रखना होगा की उनकी रानी संयोगिता सदैव उनकी प्रेरणा बनी रही। सम्राट पृथ्वीराज की सफलताओं के पीछे संयोगिता का भी योगदान रहा। इस योगदान को सम्मानित करने एवं युवा पीढ़ी को संयोगिता के योगदान से परिचित कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की जाने वाली योजनाओं का नामकरण संयोगिता के नाम पर किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान देश की अस्मिता और आन-बान-शान के प्रतीक हैं। देश को उनका योगदान कभी भुलाया नही जा सकता। देश की अस्मिता की रक्षा के लिए प्राणों का त्याग करने वालों में उनका नाम सदैव अग्रणी रहेगा। लखावत ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का पूरा जीवन प्रेरणास्पद है। उनके जीवन के अध्ययन के बिना देश की रक्षा नीति बन ही नही सकती। उनके जीवन से प्रेरणा ली जाए तो आंतकवाद का समूल नाश किया जा सकता है। इतिहास को समझने के लिए पृथ्वीराज चौहान का अध्ययन आवश्यक है। लखावत ने अगले वर्ष से पृथ्वीराज चौहान स्मारक समिति द्वारा 51 हजार रुपए पुरस्कार देने की भी घोषणा की। कर्यक्रम को संबोधित करते हुए सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द ने कहा कि आज देश के प्रत्येक व्यक्ति में देशभक्ति का संस्कार विकसित किए जाने की आवश्यकता है। पृथ्वीराज चौहान जैसे प्रेरणादायी व्यक्ति का जीवन इसका सर्वोत्तम स्त्रोत है। उन्होंने अजमेर में महर्षि दयानन्द सरस्वती का स्मारक तैयार करने में हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। कर्यक्रम को संबोधित करते हुए महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडानी ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान शौधपीठ के माध्यम से पूरे देश में पृथ्वीराज चौहान का महत्व प्रतिपादित करने के प्रयास पूरी गम्भीरता से किए जाएंगे। इससे पूर्व समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में पृथ्वीराज चौहान जयन्ती आयोजन के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
