खबर - पवन शर्मा
राज्य स्तरीय मेरिट में तीसरा स्थान प्राप्त कर बढ़ाया कस्बें और जिले का नाम
पीसीएम में सत प्रतिसत अंक प्राप्त कर अपने ही स्कूल के छात्र की बराबरी की
मेरिट में 97.40 अंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम किया रौशन
सूरजगढ़. क्षेत्र की टैगोर स्कूल के छात्र आदित्य गुरु ने शुक्रवार को घोषित हुए 12 संकाय के विज्ञानं वर्ग में 500 में से 487 अंक प्राप्त कर राज्य स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त कर क्षेत्र और जिले का मान बढ़ाया है। शुक्रवार दोपहर बाद जैसे ही परिणाम घोषित हुआ वैसे ही विधालय परिसर और कस्बें में जश्न का माहौल हो गया। छात्र के परिवार और स्कूल परिसर में बधाई देने वालों का तांता लग गया।
विधालय में मनाया जश्न
आदित्य गुरु का मेरिट में चयन होने के बाद स्कूल परिसर में जश्न का माहोल हो गया। संस्थान निदेशक तन्मय अहलावत के नेतृत्व में स्टाफ के सदस्यों ने छात्र को मिठाई खिलाकर और गुलाल लगाकर उसका जोरदार स्वागत किया गया। उसके बाद छात्र को खुली गाड़ी में बैठाकर उसका मेरिट जुलुस निकाला गया। जो कस्बें के प्रमुख मार्गो से निकला। संस्था के निदेशक तन्मय अहलावत ने बताया की आदित्य गुरु इस विधालय का 24 वा छात्र है जिसने राज्य स्तरीय मेरिट में स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा आदित्य ऐसा दूसरा छात्र है जिसने पीसीएम में सत प्रतिसत अंक प्राप्त किये है इससे पूर्व भी इसी विधालय के सीताराम जाट ने यह उपलब्धि हासिल की थी। इन दोनों के अलावा आज तक राजस्थान बोर्ड के इतिहास में किसी ने भी फिजिक्स,कैमेस्ट्री और मैथ सब्जेक्ट में 100 में से 100 अंक प्राप्त नहीं किये है।इस अवसर पर छात्र के पिता सुरेश गुरु,माता उर्मिला गुरु,प्राचार्य अनिल शर्मा,हरिराम काजला,टैगोर पब्लिक स्कूल प्राचार्य रणधीर सिंह,हरिराम सैनी,राधेश्याम,संतोष शिवानीवाल,संतोष गडोदिया ,नरेंद्र खेदड़,राकेश यादव,दिनेश सिंह,विजेंद्र कुमार ,पियूष सहित अन्य स्टाफ के सदस्य मौजूद थे।
मध्यम वर्गीय परिवार से है तालुक
छात्र आदित्य एक सामान्य परिवार से तालुक रखता है। छात्र के पिता सुरेश गुरु नेपाल में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते है।माता उर्मिला गुरु एक गृहणी है। वही छात्र आदित्य से बड़ी उसकी दो बहने प्रेरणा और अंशु ने एमएससी बीएड कर रखी है।प्रेरणा तो एक निजी स्कूल में शिक्षक के पद पर काम कर रही है।
कढ़ी मेहनत से पाई सफलता
छात्र आदित्य ने मेरिट में आने के लिए काफी परिश्रम किया है। छात्र आदित्य ने बताया की वह स्कूल समय के अलावा रोजाना सात-से आठ घंटे पढाई करता था। उसे अपनी मेहनत के दम पर मेरिट में आने का पूर्ण आशा थी। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता,बड़ी बहनो और स्कूल के स्टाफ को दिया है। छात्र ने बताया कि वह आगे चलकर इंजिनियर बनकर देश की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहता है। छात्र आदित्य ने बताया की उसकी रूचि पढाई के अलावा क्रिकेट खेलने में है।

