खबर - गौरव चतुर्वेदी
देवली, नगरपालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते नगर का बुरा हाल है। सडक़ें टूटी हंै, सफाई का बुरा हाल है, नालियां गंदगी से अटी हैं, आवारा पशुओं की धरपकड नहीं है, नगर अतिक्रमण की चपेट में है तथा बाजारों में सडक़ों के दोनों ओर खड़े करने वाले वाहनों तथा ठेलो के कारण जाम की समस्या से भी निजात दिलवाने में पालिका प्रशासन आज तक नाकाम रहा है। आमजन उक्त समस्याओं से त्राही-त्राही कर रहा है, परंतु पालिका प्रशासन कुंभकरणी नींद में हैं। नगर पालिका के नालों पर अवैध इमारते बनाई जा रही हैं, थडीयां रखी जा रहीं हैं परंतु पालिका प्रशासन उसे भी रोकने में नाकाम है।
नगर के मुख्य बाजार, जनता कालोनी, तेली मोहल्ला, घोसी मोहल्ला सहित नगर की विभिन्न गलियां जर्जर हालत में हैं। इन मार्गों पर गहरे-गहरे गड्ढे बने हैं जो आए दिन हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। जर्जर सडक़ मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक की उपखण्ड अधिकारी निवास और नगर पालिका कार्यालय के बाहर भी सडक का यही हाल है। परंतु इस ओर पालिका प्रशासन का कोई ध्यान नहीं हैं। हर वार्डो में गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं। वार्डो में कूड़ा-कर्कट डालने के लिए कोई निश्चित स्थान नहीं हैं। ऐसे में सरकार का स्वच्छ भारत स्वच्छ राजस्थान का अभियान कैसे सफल हो सकता है। नालियां गंदगी से अटी हैं, जिससे बीमारियां फैंलने का भी अंदेशा बना हुआ है। वार्ड नं. 9 और वार्ड नं. 11, पीर बाबा के पास, चर्च रोड पर कचरा डिपो बनाया हुआ है जिसका भी कचरा निस्तारण नियमित नहीं होनें से गन्दगी बुरी तरह से सडांध मारती है और आवारा पशुओं का जमावडा रहता है। रोडवेज बस स्टैण्ड से छतरी चौराहे की और नाला निर्माण नहीं होनें से नालियों का कीचड सडक पर ही बहता है जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड रहा हैं।
पालिका प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते नगर के बाजारों में ही नहीं हर गली मोहल्लों में भी अतिक्रमण का बुरा हाल है। बाजारों में लोगों ने 8 से 10 फुट तक अतिक्रमण किया हुआ है। इतना ही नहीं दुकानों के बाहर अतिक्रमण के बाद लोग अपने वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे रास्ता इतना संकरा हो जाता है कि वहां से वाहन तो क्या पैदल राहगीरों का निकलना भी दुर्भर है। परंतु पालिका प्रशासन लोगों को उक्त समस्या दिलवाने को लेकर गम्भीर नहीं है और मौन साधे हुए हैं। कस्बें के सभी वार्डों और बाजार में सुअरों का इतना आतंक है कि सुअर राहगीरों के हाथ से भी सामान छपट लेते हैं। बाईक के साईड बेग में कोई भी व्यक्ति कुछ सामान रखा छोड दे तो बेग सहित ही सामान को सुअर ले भागते हैं। कस्बे में सुअरों का यह नजारा आम है।
नगर के बाजारों में अतिक्रमण का बुरा हाल है हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। इस जाम में अनेक बार अधिकारियों को भी फंसे देखा हैं परंतु प्रशासन इस अतिक्रमण से निपटने को लेकर कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है। नगर के सदर बाजार, सब्जीमंडी रोड, छतरी चौराहा तथा नेहरू बाजार, बस स्टैण्ड, ज्योति मार्केट की ओर इतना अधिक जाम रहता है कि पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। यदि किसी खड़े वाहन को या फिर किसी दुकानदार के सामान को कोई वाहन छृू जाए तो हंगामा खड़ा हो जाता है। ऐसे में लोग मन मसोसकर अपना कीमती समय बर्बाद करने को मजबूर है। देवली नगरपालिका में ना कोई स्थाई ईओ है और ना ही कोई जेईएन है। सफ ाई निरिक्षक और जमादार आने वाली शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई करने का कोरा आश्वासन देकर अपने कार्य की इतिश्री कर लेते हैं। उन्हें लोगों की परेशानियों से कोई मतलब नहीं हैं। ऐसे में लोगों का भी विश्वास नगर के पालिका प्रशासन से उठ गया है। लोगों का कहना है कि सफाई, आवारा पशु, अतिक्रमण की स्थिति से पालिका प्रशासन को बार-बार अवगत करवाने के बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।