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हनुमान नहीं होते तो भगवान श्रीराम को माता सीता से कौन मिलाता- रमेश भाई ओझा

खबर - अरविन्द मिश्रा 
सालासर-बाबा मोहनदासजी महाराज की तपस्थली सिध्दपीठ सालासर धाम में स्थानिय मोहनधाम में हो रही श्रीराम कथा के सप्तदिवसीय में प्रसिध्द कथा वाचक पूज्य रमेश भाईजी ने बताया की  श्रीराम की शक्ति का वर्णन करते हुए कहा की प्रभु की शक्ति अपार है,वहीं हनुमानजी महाराज के बारे में बताते हुए कहा कि अगर हनुमान नहीं होते तो भगवान श्रीराम को माता सीता से कौन मिलाता, संजीवन नहीं लाते होते तो लक्ष्मणजी के प्राण कौन बचाते ।स्वंय भगवान श्रीराम ने भी कहा की अगर अयोध्या का राजा बना तो केवल हनुमान आपके कारण। जिस जिसने श्रीराम को अपनाया उसके दुखो का निवारण प्रभु श्रीराम ने मिटाया। विश्वामित्र के आश्रम मे राजा जनक का आगमन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि आश्रम में जब भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को देखा तो निहारते ही रह गये और पूछा की हे रिषीवर ये दोनों कौन है तो विश्वामित्रजी ने कहा कि ये आश्रम में नहीं आते तो हमारा यज्ञ सफल नहीं होता दानवों से रक्षा करने वाले अयोध्या के राज दशरथ के पुत्र है। जो भगवान से जुड गया वो भक्त हो गया।संसार से जुडा हुआ व्यक्ति भोगी कहलाता है परमात्मा की भक्ति करने वाला भक्त है।
भगवान श्रीराम का मिथिला नगरी मे प्रवेश की कथा का प्रसंग सुनाया,मनुष्य को अपने आप में बदलने का समय है नववर्ष पर कुछ नया करके दिखाये बुराई को त्यागकर अच्छाई का कार्य करे जिससे समाज राष्ट्र में अलग पहचान बन सके। प्रभु की एक झलक के लिए मिथिला नगरी के निवासी सभी एकाचित होकर देखने लगे राज हंस की जोडी सी लग रहे थे। तुलसीदासजी महाराज ने रामचरित मानस में माता सीता का प्रवेश का प्रसंग बडा ही सुंदर रूप स चित्रित किया तो साथ सीता स्वयंवर की कथा का बडा ही सुंदर प्रसंग सुनाया माता सीता को देखकर लगा मानेा दीपशिखा हो अर्थात जैसे दीप की ज्योति के समान हो।और माता सीता का दीपशिखा सौंदर्य को देखकर ही रावण पतंगा बना और नष्ट हुआ अर्थात मनुष्य की द्रष्टि साफ होनी चाहिए।
कथा की पूजा अर्चना श्याम सुंदर अग्रवाल,राजकुमार सरावगी,खनिज राज्यमंत्री राजकुमार रिणवां,कुलदीप इंदोरा,रतनगढ प्रधान गिरधारीलाल बांगडवां,संतोषदेवी मेघवाल,कल्याणसिंह शेखावत,जगदीश प्रसाद पुजारी,धर्मवीर पुजारी,मंागीलाल पुजारी, हनुमानसेवा समिती अध्यक्ष विजयकुमार पुजारी,भंवरलाल पुजारी,बिहारीलाल पुजारी,रामजीलाल पुजारी,पवन पुजारी,राकेश पुजारी,सुभाष केडिया,महेश क्याल,नरेश क्याल,अशोक तोदी,प्रदीप तोदी ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना की एवं आरती की।