खबर - अरविन्द मिश्रा
सालासर- धार्मिक नगरी सालासर धाम में स्थानिय मोहनधाम में हो रही श्रीराम कथा के समापन दिवस पर भक्तों का जनसैलाब उमडा करीबन 20हजार से अधिक श्रध्दालुओं ने श्रीरामकथा को आत्मीयता से अध्ययन किया व कथा व्यास पीठ पर विराजित पूज्य राष्ट्रिय संत रमेश भाईजी ओझा ने अपने मधुर वाणी से श्रीराम कथा का वाचन कर भक्तों को भक्ति के सागर में लीन कर दिया। पूरा पांडाल भक्तिमय राम में खो गया।कथा के नवदिवसीय दिन भगवान श्रीराम को वनवास का आदेश सुनाने के बाद भाईजी नेबताया की माता पिता की सेवा से बढकर इस संसार में कोई सेवा नहीं है उनके आदर्शों को अपनाकर भगवन श्रीराम की तरह माता पिता की आज्ञा का पालन करें मगर वर्तमान समय में आज्ञाकारी पुत्र कम मिलते है। केवट प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए बताया की केवट की भक्ति और श्रध्दा देखकर भगवान श्रीराम गदगद हो गये।केवट की भक्ति श्रीराम की प्रतिमूर्ति बताया, सत्य के साथ समझौता करंेगे तो सत्य कभी बदल नहीं सकता अत सत्य के साथ जीवन यापन करना चाहिए। केवट ने श्रीराम के चरण धोकर अपनी नाव में बैठाया। इसी कृम में भरत मिलाप का वर्णन करते हुए बताया की भाई से भाई का मिलना और कठिन समय परिस्थ्तिि में अर्थात भाई से स्नेह करना सीखें एक दूसरे का पूरक बने। हनुमानजी की भक्ति के बारे में बताते हुए कहा की भगवान श्रीराम की भक्ति करते हुए अनेक संकटों का सामना करते हुए प्रभु की सहायता की और उनकी भक्ति में लीन हो गये लक्ष्मणजी के प्राण बचाये माता सीता का पता लगाया और अपने ह्रदय भगवान की प्रतिमूर्ति दिखाकर संसार को यह संदेश दिया की प्रभु की भक्ति करने वाले को कभी संकट का सामना नहीं करना पडता है। इसीलिये हनुमानजी ने स्वंय कहा है कि मेरे प्र्रभु का नाम पहले लेने से में प्रसन्न होता हूं।संगीतमय श्रीराम कथा में श्रध्दालु झूम उठे।इस अवसर पर बाल हनुमान मंडल के श्यामसुंदर अग्रवाल,केशव अग्रवाल,पवन अग्रवाल,राजीव धानोका,नेमनारायण पुजारी,महावीर प्रसाद पुजारी,मिठनलाल पुजारी, पूर्वजिला प्रमुख भंवरलाल पुजारी,किशन पुजारी,भीकमचंद पुजारी,विजयकुमार पुजारी,सत्यप्रकाश पुजारी,लक्ष्मणगढ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा,श्रीराम सूंटवाल,गणेशढाका प्रधान, मांगीलाल पुजारी,गोविंदराम पुजारी,लक्ष्मीनारायण पुजारी, मुरलीधर पुजारी,धर्मवीर पुजारी,किशन पुजारी,नागरमल पुजारी,बिहारीलाल पुजारी,भगवती प्रसाद पुजारी,मनोज भाणेज,विद्याधर मेघवाल,बिडदीचंद प्रजापत,किशनमिश्रा,संपत पुजारी,कपीन्द्र पुजारी,मनोज पुजारी,नंदू पुजारी,अंकित पुजारी,महैन्द्र ढुकिया,सौरभ ढाका, कुंभाराम ढुकिया,भागीरथ ढुकिया,रामपाल ढाका,महावीरंिसह
पार्वतीसर,बलबीर बिजारणीयां,राकेशपुजारी,महंत कानपुरी महाराज ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना की एवं आरती की।
श्रीराम कथा में नवदिवसिय में 621 सवामणी का भोग लगाकर श्रध्दालुओं केा प्रसाद बांटा गया।
