युवाओं को शिक्षित एवं संस्कारित करने में सीमाजन कल्याण समिति की महत्ती भूमिका-केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री मेघवाल
जैसलमेर । केन्द्रीय वित्त एवं काॅर्पोरेट राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि युवाओं को षिक्षित एवं संस्कारित करने से ही देष का चहुंमुखी विकास सम्भव है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में सीमाजन कल्याण समिति उनके द्वारा संचालित छात्रावासों में बच्चों को षिक्षा के साथ ही संस्कारित करने में महत्ती भूमिका निभा रही है। उन्हांेने कहा कि युवा पीडी संस्कारित होगी तो ही समाज व देष का चहुंमुखी विकास होगा।
केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री मेघवाल शनिवार को पोकरण में सीमाजन कल्याण समिति द्वारा 98 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित भवन का लोकार्पण पट्टी का अनावरण करने के बाद जन सभा को संबोधित कर रहे थे। समारोह में सीमजन कल्याण समिति के पदाधिकारी सुरेष जी,कान्तिलाल जी ठाकुर, कपूरचन्द जी, प्रकाष जी, सीमा सुरक्षा बल के कमाण्डेन्ट एस.एन.नेगी विषिष्ठ अतिथि के रुप में उपस्थित थे। इस समारोह में जोधपुर-पोकरण सांसद गजेन्द्रसिंह शेखावत,जैसलमेर विधायक श्री छोटूसिंह भाटी,पोकरण विधायक शैतानसिंह राठौड,अध्यक्ष नगरपालिका पोकरण आनंदीलाल गुचीया,पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी,गुलाबसिंह रावलोत,समाजसेवी जुगलकिषोर व्यास के साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि,सीमाजन कल्याण समिति के पदाधिकारी,कार्यकर्ता एवं नगर के गणमान नागरिक उपस्थित थे।
केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री मेघवाल ने कहा कि सीमाजन कल्याण समिति द्वारा सीमा क्षेत्र के बच्चों के षिक्षा के लिए जो छात्रावास संचालित किए जा रहे है जो वास्तव में अनुकरणीय है उससे ग्रामीण बच्चों को शहर मंे षिक्षा अर्जित करने की अच्छी सुविधा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने इस भवन के निर्माण में जिन भामाषाओं ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया उनके प्रति आभार जताते हुए कहा कि जो दानदाता अपने संग्रहित धन में से इस प्रकार के अच्छे कार्यो में सहयोग देकर धन राषि प्रदान करते है उनका समाज में यषोगान होता है एवं उनको प्रतिष्ठा भी मिलती है। उन्होंने सीमाजन कल्याण समिति पोकरण ईकाई के पदाधिकारियों की इस अच्छे कार्य के लिए प्रषंसा की एवं उनको भी बधाई दी। इस अवसर पर सीमाजन कल्याण समिति के पदाधिकारी सुरेष जी ने सीमाजन कल्याण समिति की गतिविधियों पर प्रकाष डाला और कहा कि यह संगठन सीमा क्षेत्र में राष्टभक्ति का भाव जन-जन में जागृत करता है।
