खबर - जितेश सोनी
सीकर । निकटवर्ती ढाढण धाम में आयोजित पंच दिवसीय अध्यात्मिक अनुष्ठान में बउधाम पीठाधीश्वर संत रतिनाथ महाराज ने शक्ति दादी नाम लेखन पुस्तिका का विमोचन करते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में शब्दो का परम ब्रहा माना गया है अंत शब्द की उपासना भी मोक्ष की राह बन जाती है। विमोचन समारोह में आद्या शक्ति मां गेला और माॅ टीडा के अनन्य उपासक भामाशाह र्मिल भरतिया एव श्रीमती भरतिया ने दादी नाम लेखन के नियमों की जानकारी देते हुए अपेक्षा की कि भक्तजन प्रतिदिन कम से कम एक पेज अवसय लिखे। ढांढण वेलफेयर सोसायटी के जनसम्र्पक अधिकारी प्रमोद बजाज और पुस्तिका के प्रकाशक काशी बजाज ने स्पष्ट किया कि इस लेखन पुस्तिका में दैनिक दिनचर्या के अनेक शास्त्र सम्मत कल्याणकारी मंत्र भी प्रकाशित कियें गए है ताकी सनातन र्ध की शाश्वत परम्परा का अनुकरण कर भक्तजन अपना जीवन अध्यात्मक बना सके।
