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दो दिवसीय कैरियर स्किल्स रोजगार मेला 2016 (18,19 नवम्बरको )

जोधपुर -  आदिवासी जनजाति विद्यार्थियों के हितार्थ इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्रीय कार्यालय जोधपुर तथा श्रम, कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वाधान में 18 नवम्बर 2016 एवं 19 नवम्बर 2016 को कैरियर स्किल्स व रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्रीय कार्यालय जोधपुर के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. अजय वर्धन आचार्य ने बताया कि जनजाति विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री कौशल विकास येाजना से जोड़ने एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उदयपुर, डुंगरपुर, बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही व राजसमन्द में सघन प्रचार-प्रसार का मुख्य ध्येय ध्यान में रखकर दो दिवसीय कौशल व रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का मुख्य उद्देश्य रोजगार, स्वरोजगार, नवाचार, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता को 18 से 35 वर्ष के युवाओं को सशक्त करके देश का नवनिर्माण करना है। डाॅ. अजय वर्धन आचार्य ने बताया कि इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जोधपुर रोजगार, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमशीलता को आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बढ़ावा देने पर कार्य का कर रहा है। जनजाति विद्यार्थियों को प्लेसमेंट सेल से जोड़ने के लिए रोजगार मेेले में एक स्टाॅल अलग से लगाया

जाएगा। जिसमें जनजाति विद्यार्थी को सीधे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जोड़कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जनजाति विद्यार्थियों को मुख्यतः कृषि, आई.टी. माइनिंग, मार्बल कटिंग, हैण्डीक्राफ्ट, पिछवाई कला, सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण, लघु एवं कुटीर उद्योग, पर्यटन प्रबंधन द्वारा रोजगार दिया जाएगा। इस मेले में 80 से अधिक स्टाॅलों के माध्यम से केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की योजनाओं द्वारा आम जन को जोड़ा जाएगा। स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, डिजिटल इंडिया, युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, स्टार्ट अप, स्टेण्ड अप, मेक इन इंडिया के बारे में जनजाति विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। कृषि कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी विद्यार्थियों को नवाचार कृषि उन्नतशील कृषक बनने के बारे में विषय विशेषज्ञों से संवाद कराया जाएगा। पर्यटन प्रबंधन नीति को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन प्रबंधन प्रशिक्षण केन्द्र इग्नू एवं पर्यटन विभाग राजस्थान सरकार द्वारा समझौता करके आदिवासी विद्यार्थियों को पर्यटन उद्यमी बनाया जाएगा। राष्ट्रीय उद्यमशीलता नीति 2015 को आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए उद्यमशीलता विकास केन्द्रों का गठन करके राजस्थान के दक्षिणी इलाकों में प्रधानमंत्री की कौशल विकास योजना सघन प्रचार प्रसार करके आदिवासियों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा। रोजगार मेले के माध्यम से उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, राजसमन्द एवं सिरोही में आदिवासियों को अधिक से अधिक लाभ दिया जायेगा। डाॅ. अजय वर्धन आचार्य द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘दिशा’’ कैरियर मार्गदर्शिका पत्रिका का विमोचन इस मेले में किया जाएगा।
    प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के द्वारा 18 से 35 वर्ष के युवाओं को प्रशिक्षित करके देश का नवनिर्माण किया जाए। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना देश के 29 राज्यों एवं 7 केन्द्र शासित प्रदेशों में संचालित हो रही है। देश के 616 जिलों में यह योजना कार्यरत है।  प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में रोजगार के 416 टेªड पर कार्य हो रहा है। पूरे भारत में 12,973 प्रशिक्षण केन्द्र बने हुए है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 1186 प्रशिक्षण सहयोगी है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में कुल 19,55,675 प्रशिक्षण पूरे हो चुके हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में कुल अभ्यर्थी पंजीकृत संख्या 19,72,145 हैं  प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत कुल 410 मेले आयोजित किये जा चुके हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय कौशल योजना योग्यता ढाँचे के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देने की पहल प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अधीन भारत में लगभग 20 लाख युवा प्रशिक्षित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल पाठ्यक्रमोें हेतु केन्द्र सरकार की सहायता मिल रही है। स्किल इण्डिया के तहत देशभर के 53 स्थानों पर प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की गई। 1141 नए आईटी आई संस्थानों में 1.73 लाख सीटों पर पिछले वर्ष प्रशिक्षण शुरू किये गये हैं। मौलाना आजाद राष्ट्रीय कौशल अकादमी को अल्पसंख्यक समुदाय के कौशल विकास, स्वरोजगार तथा उद्यमिता की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थापित किया गया है।    स्टार्ट अप इंडिया के अन्तर्गत पहली बार भारत सरकार में न केवल स्टार्ट अप्स को मान्यता दी है। बल्कि वह युवाओं में नवाचार तथा उद्य़मिता को प्रोत्साहन देने का कार्य कर रही है। भारत सरकार द्वारा शुरू की गई स्टार्टअप कार्य योजना निम्न अवयव शामिल है जिसके अन्तर्गत सरलीकरण और हैंड होल्डिंग, वित्त पोषण सहायता और प्रोत्साहन, उद्योग व शिक्षण संस्थाओं के बीच साझेदारी तथाइ इक्यूबेशन पर बल प्रमुख है।