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पंचायत प्रसार अधिकारी व अन्य कार्मिक धरना समाप्त कर लौटे काम पर

खबर - लक्की अग्रवाल
बीडीईओ व कार्मिकों में हुआ समझौता,तीन दिवस बाद लौटे कार्मिक काम पर
श्रीमाधोपुर।
स्थानीय पंचायत समिति कार्यालय में गत दो दिवस से चल रहा कार्मिकोंं का धरना तीसरे रोज दोपहर बाद शुक्रवार को चार शर्तो पर विकास अधिकारी व कार्मिकों के मध्य समझोता होने के बाद कार्मिक पुन: काम पर लौट गये। जानकारी के अनुसार गत दो दिवस पूर्व पंचायत प्रसार अधिकारी व अन्य ग्राम पंचायतों सहित कार्यालय के कार्मिकों ने विकास अधिकारी सी आर मीणा पर आरोप लगाया था कि मीणा ने पीईओ राममोहन सैनी के साथ अभ्रदता की तथा मामले को लेकर कार्मिकों के साथ मिलकर विकास अधिकारी से चर्र्चा करने लगे पीईओ मुरारी लाल पारीक के साथ भी बीडीईओ ने अभ्रदता कर पारीक को एपीओ कर दिया गया था। जिसकों लेकर अधिकारी व कार्मिकों में आपसी ठनाठनी हो गई थी। पंचायत समिति के सभी कार्मिकों व पीईओ ने विकास अधिकारी द्वारा किये गये गलत व्यवहार तथा एपीओ की कार्यवाही से नाराज होकर कलमबद्व कर की गई कार्यवाही को वापस लेने तथा पुन: कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार नहीं करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये थे जो धरना शुक्रवार को बीडीर्ईओ व कार्मिकों के मध्य समझोता होने पर समाप्त हो गया। पीईओ गणेशराम कुमावत ने बताया कि कार्मिकों व विकास अधिकारी के मध्य करीब एक घंटे कार्यालय में वार्ता चली उसके बाद कार्मिकों के द्वारा गत समय से चली रही कार्यों की पेन्डिसीं को १५ दिवस में पूरा करने तो वहीं विकास अधिकारी ने पारीक के खिलाफ निलंबन की अनुशंषा को वापस लेने सहित अन्य दो मांगों पर सहमति बन गई। उसके बाद विकास अधिकारी सी आर मीणा ने धरना स्थल पर बैठकर सभी कार्मिकों के सााि चर्र्चा कर धरना समाप्त कर पुन: कार्य को चालू करने की बात कही। उसके बाद कार्मिकों ने धरनें को समाप्त कर कार्र्य पर लौट गये।

जिला संघ ने भी दिया कार्मिको को समर्थन,सौंपा ज्ञापन।
शुक्रवार को राजस्थान पंचायत प्रसार अधिकारी संघ जिला सीकर की सभी पंचायतों के कार्मिकों ने एकजूटता का परिचय देते हुए जिला परिषद् सीकर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को विकास अधिकारी सी आर मीणा द्वारा कार्मिक राममोहन सैनी तथा पीईओ मुरारी लाल पारी के साथ अभ्रद व्यवहार कर पारीक को एपीओ करने के मामले से खफा होकर ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला महामंत्री रामगोपाल शर्र्मा ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि बीडीईओ राममोहन सैनी से अभ्रदता का व्यवहार करने के  बाद सभी कार्मिक क्षुब्ध थे लेकिन पीईओ व राजस्थान पंचायत प्रसार अधिकारी संगठन के प्रदेश महामंत्री होने के कारण मामले को लेकर वार्ता करने गये तो मामला शांत हो गया था। लेकिन मीणा ने इत्तर लक्ष्यों को लेकर अगले दिवस पारीक के खिलाफ झूठा आरोप लगाते हुए उन्हें एपीईओ किया गया और उच्चाधिकारियों को पारीक के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की अनुशंषा की जो गलत है। मामले को लेकर जिला संघ के सभी कार्मिकों में मीणा के खिलाफ रोष व्याव्त है। और कहा कि पंचायत प्रसार अधिकारियों के पास मूल जॉब चार्ट के अतिरिक्त कार्य बीडीईओ द्वारा करवाये जा रहें हैं। संघ के सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से पंचायत समिति कार्यालयों में रिक्त पड़े पदों को भरने तथा हाल ही में पीईओ मुरारी लाल पारीक के खिलाफ की गई एपीओ की कार्यवाही को वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। और चेतावनी दी है कि जल्द ही मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो कार्मिक जिला स्तर पर धरना देगें।