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दस के सिक्कों ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें

खबर - पवन शर्मा
बाजारों और बैंको में नहीं चलने से आमजन हो रहा है परेशान 
सूरजगढ़.जहां एक ओर तो आम आदमी हजार पांच सौ के नोट की बंदी के बाद से ही परेशानियो से जूझ रहा है वही दूसरी ओर 10 के सिक्को ने भी उसकी परेशानियों में कोढ़ के खाज जैसी स्थिति पैदा कर दी है। नोट कमी के चलते जहां बैंक ग्राहकों को 10-10-के सिक्को की थैलियां  है वही दूसरी ओर जब ग्राहक 10 के सिक्के लेकर बैंको में जमा कराने जाता है तो बैंको द्वारा उन सिक्कों को जमा करने से इंकार आकर रहा है।बैंको द्वारा सिक्के जमा ना होने की स्थिति में दुकानदार भी 10 के सिक्के लेने से आनाकानी कर रहे है। ऐसे में आम आदमी करे तो क्या करे।
सरकारी विभाग भी कर रहा है आनाकानी  
10 के सिक्के बाजारों में नहीं चलने के साथ साथ सरकारी विभागों में भी नहीं लिए जा रहे है।ऐसी ही स्थिति से वार्ड 8 के निवासी कमलकांत सूनियां को भी झेलनी पड़ी। कमलकांत जब विधुत विभाग में अपना बिल जमा करवाने गया तो वहां पर विधुत विभाग ने भी उसे दस के सिक्के लेने से मना कर दिया।कमलकांत की जैसी ही स्थिति वार्ड 3 निवासी सदाकत अली के पुत्र तुफैल को भी झेलनी पड़ी। तुफैल जब अपना बिजली का बिल जमा करवाने गया तो उसके बिल में रॉउंडफिगर अमाउंट से 10 रूपये अधिक होने पर उसने विभाग को 10 का सिक्का दिया तो विभाग के कर्मचारी ने उससे 10 का सिक्का लेने से मना कर दिया। जब इन्होंने कैशियर से सिक्का नहीं लेने की वजह पूछी रो कैशियर ने कहा हमसे बैंक भी नहीं ले रहा है हम सिक्के क्यों ले। हम एक सर्त पर सिक्के लेंगे जब आप हमारे ये सिक्के बैंक में जमा करवाओगे।
कानूनगारों ने भी झाड़ा पल्ला 
विधुत विभाग द्वरा 10 -10 के सिक्के से इंकार के बाद कमलकांत ने स्थानीय थाने में इसकी शिकायत दी तो पुलिस वालों ने भी कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया।थक हार कर  पीड़ित ने उपखण्ड अधिकारी रामकिशन मीणा के भी फरियाद लगाई लेकिन वहां से भी उसे आश्वाशन के अलावा कुछ ना मिला। 
कब जागेगा प्रशासन 
10-10 के सिक्को को लेकर जहां आरबीआई ने गाइड लाइन जारी करते हुए इनको लेना सभी वर्गो के लिए अनिवार्य  है। जो भी विभाग या व्यक्ति सिक्के लेने से मन करे तो यह राष्ट्र द्रोह के समान माना जायेगा। लेकिन सूरजगढ़ उपखंड में स्थिति इसके विपरीत नजर आती है। यहां तो सरकारी विभाग ही देश की मुद्रा का अपमान करते दिखाई दे रहा है। 

इनका कहना है  
10-10 के सिक्के ना लेना यह तरह से राष्ट्रीय मुद्रा का अपमान है।राष्ट्रीय मुद्रा का अपमान देशद्रोह की भांति ही है।  मेरे सामने शिकायत आई है जिसके निस्तारण के लिए सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है।वही बैंको और बाजारों में भी सिक्के नहीं लेने की स्थिति में उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।         
                                                        रामकिशन मीणा ,एसडीएम सूरजगढ़