खबर - अरुण मूंड
झुंझुनू। जिले में मरू सेना के पदाधिकारियों ने शनिवार को आपात बैठक आयोजित की। मरू सेना के अध्यक्ष राजू जाखल और प्रदेशध्यक्ष जयन्त मूण्ड ने कार्यकर्ताओं को आक्रामक रवैया अपनाने की नसीहत दी। राजू जाखल ने कहा कि राजस्थान सरकार की हालत बेहद कमजोर है और हर मोर्चे पर सरकार फेल हो रही है। मरू प्रदेश के क्षेत्र बीकानेर में राजकीय महाविद्यालय छात्रसंघ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की सभा में मुर्दाबाद के नारे लगाना ,श्रीगंगानगर में मुख्यमंत्री की सभा में भीड़ नहीं जुटना, नागोर में किसान हुंकार रैली में 5 लाख की भीड़ आना, झुंझुनूं में भाजपा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड की कमजोर स्थिति यह इंगित करती है अब राजस्थान में बदलाव जरूर आएगा । आज विपक्षी दल कांग्रेस सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे प्रेस-वार्ता, विज्ञप्ति, धरने, ज्ञापन तक सीमित है। सरकार की विफलता और जनता की समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतकर आंदोलन करने की हालत में नहीं है। मरू सेना के जयन्त मूण्ड ने कहा कि प्रदेष का किसान महंगी बिजली दरों से औैर कर्ज से परेषान है। सरकार किसान को बर्बाद करना चाहती है। वह कभी सोलर प्लान्ट की सब्सिडी बंद करती है तो कभी खाद्य बीज। जब किसान आत्महत्या को मजबूर है तब सरकार वीसीआर की दरें बढ़ाती है और बिजली की दरें महंगी करती है। जिले की टूटी सड़कें, गन्दी गलिया , बंद नालियों, आवारा पशुओं से शहरवाशी परेषान है। यहां का युवा राजकिय महाविद्यालय में स्टॉफ की कमी, शैक्षणिक माहौल की समस्या, तहसील स्तर पर राजकीय महाविद्यालयों की कमियों व बेरोजगारी से परेशां है। इस सभी समस्याओं को लेकर अब नई रणनीति के तहत हम सब मरू सैनिकों को उग्र आंदोलनात्मक गतिविधियां शुरू करनी होगी और मरू सेना का सदस्यता अभियान, नई कार्यकारिणी का गठन वर्ष के अंतिम सप्ताह में वार्षिक बैठक में किया जाये"ा। इस अवसर पर जिला संयोजक सचिन मान, सुमित बेनीवाल, सिकन्दर खान, अन्नू बेनिवाल, रिजवान खान, नरेष कटेवा, अरविन्द स्वामी, योगेश डूडी, विकास महलाा, अंकित सिहाग , पिन्टू झाझडिय़ा, प्रमोद सैनी पौंख, जले सिंह सहित समस्त पदाधिकारी मौजूद थे।
झुंझुनू। जिले में मरू सेना के पदाधिकारियों ने शनिवार को आपात बैठक आयोजित की। मरू सेना के अध्यक्ष राजू जाखल और प्रदेशध्यक्ष जयन्त मूण्ड ने कार्यकर्ताओं को आक्रामक रवैया अपनाने की नसीहत दी। राजू जाखल ने कहा कि राजस्थान सरकार की हालत बेहद कमजोर है और हर मोर्चे पर सरकार फेल हो रही है। मरू प्रदेश के क्षेत्र बीकानेर में राजकीय महाविद्यालय छात्रसंघ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की सभा में मुर्दाबाद के नारे लगाना ,श्रीगंगानगर में मुख्यमंत्री की सभा में भीड़ नहीं जुटना, नागोर में किसान हुंकार रैली में 5 लाख की भीड़ आना, झुंझुनूं में भाजपा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड की कमजोर स्थिति यह इंगित करती है अब राजस्थान में बदलाव जरूर आएगा । आज विपक्षी दल कांग्रेस सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे प्रेस-वार्ता, विज्ञप्ति, धरने, ज्ञापन तक सीमित है। सरकार की विफलता और जनता की समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतकर आंदोलन करने की हालत में नहीं है। मरू सेना के जयन्त मूण्ड ने कहा कि प्रदेष का किसान महंगी बिजली दरों से औैर कर्ज से परेषान है। सरकार किसान को बर्बाद करना चाहती है। वह कभी सोलर प्लान्ट की सब्सिडी बंद करती है तो कभी खाद्य बीज। जब किसान आत्महत्या को मजबूर है तब सरकार वीसीआर की दरें बढ़ाती है और बिजली की दरें महंगी करती है। जिले की टूटी सड़कें, गन्दी गलिया , बंद नालियों, आवारा पशुओं से शहरवाशी परेषान है। यहां का युवा राजकिय महाविद्यालय में स्टॉफ की कमी, शैक्षणिक माहौल की समस्या, तहसील स्तर पर राजकीय महाविद्यालयों की कमियों व बेरोजगारी से परेशां है। इस सभी समस्याओं को लेकर अब नई रणनीति के तहत हम सब मरू सैनिकों को उग्र आंदोलनात्मक गतिविधियां शुरू करनी होगी और मरू सेना का सदस्यता अभियान, नई कार्यकारिणी का गठन वर्ष के अंतिम सप्ताह में वार्षिक बैठक में किया जाये"ा। इस अवसर पर जिला संयोजक सचिन मान, सुमित बेनीवाल, सिकन्दर खान, अन्नू बेनिवाल, रिजवान खान, नरेष कटेवा, अरविन्द स्वामी, योगेश डूडी, विकास महलाा, अंकित सिहाग , पिन्टू झाझडिय़ा, प्रमोद सैनी पौंख, जले सिंह सहित समस्त पदाधिकारी मौजूद थे।
