खबर - प्रदीप सैनी
दांतारामगढ़ (सीकर)। निकटवर्ती ग्राम बाय निवासी सुभाष भारतीय जो भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता तो है ही साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता भी है । सुभाष भारतीय की शादी का आज 4 दिसंबर को सुप्रसिद्ध बाय के दशहरा मैदान में मेल एवं प्रतिभोज का कार्यक्रम हैं और 8 दिसंबर को विवाह का कार्यक्रम हैं । जब इस तरह के व्यक्ति की शादी होती है तब कार्ड भी शानदार बनता हैं । सुभाष नेता तो है लेकिन सामाजिकता भी सुभाष में कूट-कूट कर भरी हैं। सुभाष के दिल में एक टीस है क्यों लोग अपनी बच्चियों को मार देते हैं। अगर महिलाये नहीं होंगी तो पुरुषों का वजूद ही नहीं होगा । अगर बेटा बेटा करोगे तो एक दिन बहू के लिए तरस जाओगे । इसलिए सुभाष ने शादी के कार्ड पर बेटी बचाओ का सन्देश और शपथ, सन्देश का शीर्षक बेटी बचाओगे तब ही बहु पाओगे तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का सन्देश छपवाया है। सुभाष ने राजसमाचार को बताया कि शादी के कार्ड के पीछे की तरफ सबको मिलकर प्रतिज्ञा लेने का सन्देश दिया है कि हम बालिका जन्म पर खुशी व उत्सव मनाएंगे, बालिका को पढ़ायेंगे और लड़के-लड़कियों में भेदभाव नही करेंगे। इसके साथ सामाजिक सन्देश भी दिए है कि पेड़ बचाओ, पानी बचाओ, बाल श्रमिक को ना कहो और घरेलू हिंसा को रोकिए एवं रक्तदान जीवनदान। साथ ही ग्रीन राजस्थान स्वच्छ, स्वस्थ हरा भरा दांतारामगढ़ का संदेश भी दिया हैं।
एडवोकेट सुभाष भारतीय के मुताबिक एक सामाजिक कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह समाज में व्याप्त बुराईयों को समाप्त करे तथा अच्छाई का सन्देश दे। सामाजिक कार्यकर्ता यदि रचनात्मक कार्य करेगा तो जरूर समाज में एक नई क्रांति का आगाज होगा। समाज में नई पहल की शुरुआत सामाजिक कार्यकर्ताओं को करनी चाहिए ताकि लड़के लड़की का भेदभाव मिट सके। लड़कियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और विदेशों में भी देश का नाम रोशन कर रही है। एक लड़की ही है जो दो घरों का नाम रोशन करती हैं।
दांतारामगढ़ (सीकर)। निकटवर्ती ग्राम बाय निवासी सुभाष भारतीय जो भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता तो है ही साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता भी है । सुभाष भारतीय की शादी का आज 4 दिसंबर को सुप्रसिद्ध बाय के दशहरा मैदान में मेल एवं प्रतिभोज का कार्यक्रम हैं और 8 दिसंबर को विवाह का कार्यक्रम हैं । जब इस तरह के व्यक्ति की शादी होती है तब कार्ड भी शानदार बनता हैं । सुभाष नेता तो है लेकिन सामाजिकता भी सुभाष में कूट-कूट कर भरी हैं। सुभाष के दिल में एक टीस है क्यों लोग अपनी बच्चियों को मार देते हैं। अगर महिलाये नहीं होंगी तो पुरुषों का वजूद ही नहीं होगा । अगर बेटा बेटा करोगे तो एक दिन बहू के लिए तरस जाओगे । इसलिए सुभाष ने शादी के कार्ड पर बेटी बचाओ का सन्देश और शपथ, सन्देश का शीर्षक बेटी बचाओगे तब ही बहु पाओगे तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का सन्देश छपवाया है। सुभाष ने राजसमाचार को बताया कि शादी के कार्ड के पीछे की तरफ सबको मिलकर प्रतिज्ञा लेने का सन्देश दिया है कि हम बालिका जन्म पर खुशी व उत्सव मनाएंगे, बालिका को पढ़ायेंगे और लड़के-लड़कियों में भेदभाव नही करेंगे। इसके साथ सामाजिक सन्देश भी दिए है कि पेड़ बचाओ, पानी बचाओ, बाल श्रमिक को ना कहो और घरेलू हिंसा को रोकिए एवं रक्तदान जीवनदान। साथ ही ग्रीन राजस्थान स्वच्छ, स्वस्थ हरा भरा दांतारामगढ़ का संदेश भी दिया हैं।
एडवोकेट सुभाष भारतीय के मुताबिक एक सामाजिक कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह समाज में व्याप्त बुराईयों को समाप्त करे तथा अच्छाई का सन्देश दे। सामाजिक कार्यकर्ता यदि रचनात्मक कार्य करेगा तो जरूर समाज में एक नई क्रांति का आगाज होगा। समाज में नई पहल की शुरुआत सामाजिक कार्यकर्ताओं को करनी चाहिए ताकि लड़के लड़की का भेदभाव मिट सके। लड़कियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और विदेशों में भी देश का नाम रोशन कर रही है। एक लड़की ही है जो दो घरों का नाम रोशन करती हैं।
